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Gorakhpur News: एम्स में बार- बार खराब हो रही लिफ्ट की बदली जाएगी बैटरी

Thu, 15 Aug 2024 03:26 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 15 Aug 2024 03:26 AM IST
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Case registered against village head's accused son and associates
- पावर की दिक्कत के कारण बंद हो जाती है लिफ्ट, सीढ़ी से जाना पड़ता है मरीजों को
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। एम्स में लिफ्ट खराब होने, रुकने और फंस जाने के कारण मरीजों को आए दिन दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है। लोग अब लिफ्ट से जाने में भी डरने लगे हैं। एम्स प्रशासन लिफ्ट में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए मरमत भी करा रहा है, लेकिन समस्या जस की तस है। अब अभियंताओं ने सुझाव दिया है कि अगर पॉवर बैकअप के लिए लगी बैटरियों को बदल दिया जाए समस्या का समाधान हो जाएगा। इसके बाद बैटरियों को बदलवाने के लिए प्रक्रिया शुरू की गई है। सबसे पहले ओपीडी में लगी लिफ्ट की बैटरी बदली जाएगी।
एम्स में बीते दिनों लिफ्ट रूक जाने के कारण 15 मिनट तक मरीजों को दिक्कतों को सामना करना पड़ा था। इस तरह की घटनाएं प्राय: हो जाती हैं। इस कारण मरीज लिफ्ट में जाने से कतराते हैं। पावर कट की समस्या के कारण के कारण लिफ्ट अक्सर बीच रास्ते में बंद हो जाती है। कई बार गेट लॉक होने की दिक्कत भी आई है। यहां ओपीडी से लेकर वार्ड तक 10 लिफ्ट खराब है। जिसको ठीक कराने के लिए एम्स प्रशासन ने इंजीनियर बुलाकर जांच कराई है। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि तकनीकी दिक्कतों के साथ बिजली संकट भी है। लिफ्ट संचालन के लिए लगे इंवर्टर की बैटरियां जवाब दे चुकी हैं। पॉवर बैकअप नहीं होने के चलते बिजली कटने के कुछ देर बाद ही वे जवाब देने लगती हैं। जनरेटर चालू होता है, तब उनका बैकअप ठीक रहता है। इसे देखते हुए अब नई बैटरियां लगाने का सुझाव दिया गया है। एम्स प्रशासन ने सबसे पहले ओपीडी के लिफ्ट की बैटरी बदलवाने का निर्देश दिया है। इसी सप्ताह बैटरी इंस्ट्राल कर दी जाएगी।
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सीढ़ी से चढ़ने में फूल जाती है सांस
बुधवार को एम्स में डाॅक्टर को दिखाने आये मरीजों को लिफ्ट खराब हो जाने के कारण सीढि़यों का उपयोग करना पड़ा। वार्ड में भर्ती मरीजों तक पहुंचने के लिए आए तीमारदारों को भी सीढि़यों से ही दूसरे से तीसरे मंजिल के वार्ड में जाना पड़ा। इस दौरान वे तीमारदार ज्यादा परेशान हुए जिन्हें बार- बार दवा और अन्य जरूरी सामानों के लिए बाहर जाना पड़ रहा था। मरीज से मिलने आयी सुधा देवी को सीढि़यों से चलकर गायनी वार्ड से नीचे आना पड़ा। इस दौरान उम्र अधिक होने से उनकी सांसे फूलने लगी।
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मेल सर्जिकल वार्ड में रिश्तेदार भर्ती हैं। उनकी दवा से लेकर अन्य जरूरी सामानों के लिए बार- बार जाना पड़ता है। लिफ्ट का भराेसा नहीं इस कारण सीढि़यों से जाता हूं।

- श्याम
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पत्नी भर्ती है , उसके लिए दवा और जांच के लिए बार- बार नीचे -ऊपर जाना पड़ता है। लिफ्ट का भरोसा नहीं रहता, इसीलिए सीढि़यों का उपयोग करते हैं।
- अनूप शुक्ला


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वर्जन
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ओपीडी में खराब पड़ी लिफ्ट में बैटरी लगवाने का काम चल रहा है। इसी सप्ताह लिफ्ट का संचालन शुरू हो जाएगा। इसके बाद दूसरी लिफ्टों को भी प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराया जाएगा।
- डॉ. अरूप मोहंती, मीडिया प्रभारी एम्स
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