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Gorakhpur News: बिजली विभाग के निलंबित लिपिक पर जालसाजी का केस, पुलिस ने की कार्रवाई
Tue, 10 Oct 2023 01:23 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 10 Oct 2023 01:23 PM IST
सार
मोहद्दीपुर स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय में तैनात अधिशासी अभियंता उमेश चंद्र मिश्र ने तहरीर में लिखा है कि 2013 में दो कर्मचारियों की स्थायी नियुक्ति करने का आदेश एमडी ने दिया था। आदेश की काॅपी में कूटरचना करके वर्ष 2019 में चार लोगों की नियुक्ति कर दी गई।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिजली विभाग में कूटरचित दस्तावेज के जरिये चार लोगों को फर्जी नियुक्ति देने के मामले में जालसाजी का केस दर्ज किया गया। पुलिस ने अधिशासी अभियंता की तहरीर पर लिपिक पर केस दर्ज कर लिया है। खबर है कि इस पूरे मामले में कुछ अधिकारी भी जांच के दायरे में आए हैं। पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के मुतमाबिक, मोहद्दीपुर स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय में तैनात अधिशासी अभियंता उमेश चंद्र मिश्र ने तहरीर में लिखा है कि 2013 में दो कर्मचारियों की स्थायी नियुक्ति करने का आदेश एमडी ने दिया था। आदेश की काॅपी में कूटरचना करके वर्ष 2019 में चार लोगों की नियुक्ति कर दी गई।
वर्ष 2022 में भेद खुलने पर जांच की गई तो मुख्य अभियंता कार्यालय में तैनात वरिष्ठ सहायक स्वतंत्र कुमार गुप्ता की मिलीभगत से यह खेल होना पाया गया, जिसमें तत्कालीन कुछ अधिकारियों के भी शामिल होने का संदेह है। विभागीय जांच में दोषी पाए जाने पर स्वतंत्र कुमार गुप्ता को निलंबित कर दिया गया है।
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अपने सहयोगियों की मदद से इन लोगों ने कूटरचित दस्तावेज तैयार करके विभाग को आर्थिक क्षति पहुंचाई है। एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच व साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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जानकारी के मुतमाबिक, मोहद्दीपुर स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय में तैनात अधिशासी अभियंता उमेश चंद्र मिश्र ने तहरीर में लिखा है कि 2013 में दो कर्मचारियों की स्थायी नियुक्ति करने का आदेश एमडी ने दिया था। आदेश की काॅपी में कूटरचना करके वर्ष 2019 में चार लोगों की नियुक्ति कर दी गई।
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वर्ष 2022 में भेद खुलने पर जांच की गई तो मुख्य अभियंता कार्यालय में तैनात वरिष्ठ सहायक स्वतंत्र कुमार गुप्ता की मिलीभगत से यह खेल होना पाया गया, जिसमें तत्कालीन कुछ अधिकारियों के भी शामिल होने का संदेह है। विभागीय जांच में दोषी पाए जाने पर स्वतंत्र कुमार गुप्ता को निलंबित कर दिया गया है।
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अपने सहयोगियों की मदद से इन लोगों ने कूटरचित दस्तावेज तैयार करके विभाग को आर्थिक क्षति पहुंचाई है। एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच व साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।