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Gorakhpur News: इलाज कराकर घर पहुंचीं देवराजी, बताई आपबीती
Sun, 22 Feb 2026 02:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sun, 22 Feb 2026 02:39 AM IST
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गोरखपुर। न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल सिकरीगंज में बीते एक फरवरी को मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद फैले संक्रमण के मामले में बारीगांव की देवराजी देवी बृहस्पतिवार की रात एम्स दिल्ली से इलाज कराकर घर पहुंच गईं। उन्होंने परिवार और ग्रामीणों से आपबीती बताई।
देवराजी के पति विजय कुमार ने बताया कि एक फरवरी को आयुष्मान कार्ड पर न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल में पत्नी की बांयी आंख की मोतियाबिंद का ऑपरेशन हुआ था। अगले दिन आंख में दर्द, सूजन और उल्टी होने लगी। अस्पताल में दिखाने के बाद रेफर कर दिया गया।इसके बाद गोरखपुर स्थित दो निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन स्थिति गंभीर देख वहां के डॉक्टरों ने वापस कर दिया। एम्स दिल्ली ले जाने पर वहां के डॉक्टरों ने दूसरी आंख बचाने के लिए एक आंख निकाल दी। बृहस्पतिवार रात पत्नी को लेकर घर पहुंचे हैं। बताया कि मंगलवार को डॉक्टरों ने चेकअप के लिए बुलाया है।
सरकार या अस्पताल प्रशासन आंख के इलाज में करे मदद
उरुवा के परसा बुजुर्ग निवासी राम सरन 19 फरवरी को एम्स दिल्ली से इलाज कराकर घर आए हैं। डॉक्टर के मुताबिक, आंख तो बच गई है लेकिन पूरी तरह से रोशनी नहीं आ सकेगी। अभी कई बार आंख को दिखाने दिल्ली एम्स आने की बात बताई गई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि आंख की दवा के खर्च के लिए जिम्मेदारी तय की जाए। इतना पैसा नहीं है कि बिना सरकार या अस्पताल संचालक की मदद से इलाज करवा सकूं। राम सरन की आंख के मोतियाबिंद का ऑपरेशन एक फरवरी को राजेश हाईटेक अस्पताल जद्दूपट्टी सिकरीगंज में हुआ था।
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यह है मामला
एक फरवरी को आयुष्मान योजना के तहत न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल में 30 मरीजों की आंख के मोतियाबिंद का ऑपरेशन हुआ था।अगले दिन मरीजों की आंख में संक्रमण शुरू हो गया। 19 मरीज इसकी चपेट में आ गए। इसमें ज्यादातर मरीजों का इलाज एम्स दिल्ली में चल रहा है।
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देवराजी के पति विजय कुमार ने बताया कि एक फरवरी को आयुष्मान कार्ड पर न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल में पत्नी की बांयी आंख की मोतियाबिंद का ऑपरेशन हुआ था। अगले दिन आंख में दर्द, सूजन और उल्टी होने लगी। अस्पताल में दिखाने के बाद रेफर कर दिया गया।इसके बाद गोरखपुर स्थित दो निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन स्थिति गंभीर देख वहां के डॉक्टरों ने वापस कर दिया। एम्स दिल्ली ले जाने पर वहां के डॉक्टरों ने दूसरी आंख बचाने के लिए एक आंख निकाल दी। बृहस्पतिवार रात पत्नी को लेकर घर पहुंचे हैं। बताया कि मंगलवार को डॉक्टरों ने चेकअप के लिए बुलाया है।
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सरकार या अस्पताल प्रशासन आंख के इलाज में करे मदद
उरुवा के परसा बुजुर्ग निवासी राम सरन 19 फरवरी को एम्स दिल्ली से इलाज कराकर घर आए हैं। डॉक्टर के मुताबिक, आंख तो बच गई है लेकिन पूरी तरह से रोशनी नहीं आ सकेगी। अभी कई बार आंख को दिखाने दिल्ली एम्स आने की बात बताई गई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि आंख की दवा के खर्च के लिए जिम्मेदारी तय की जाए। इतना पैसा नहीं है कि बिना सरकार या अस्पताल संचालक की मदद से इलाज करवा सकूं। राम सरन की आंख के मोतियाबिंद का ऑपरेशन एक फरवरी को राजेश हाईटेक अस्पताल जद्दूपट्टी सिकरीगंज में हुआ था।
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यह है मामला
एक फरवरी को आयुष्मान योजना के तहत न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल में 30 मरीजों की आंख के मोतियाबिंद का ऑपरेशन हुआ था।अगले दिन मरीजों की आंख में संक्रमण शुरू हो गया। 19 मरीज इसकी चपेट में आ गए। इसमें ज्यादातर मरीजों का इलाज एम्स दिल्ली में चल रहा है।