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Gorakhpur News: लखनऊ की फर्म पर 26 लाख रुपये के बिजली उपकरण हड़पने का केस
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- कोर्ट के आदेश पर कैंट पुलिस ने दर्ज किया केस, मामले की जांच शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। बिजली उपकरणों की खरीद-फरोख्त करने वाले एक फर्म ने लखनऊ और गोरखपुर के एक फर्म पर 26 लाख रुपये का उपकरण लेकर भुगतान न करने का केस दर्ज कराया है।
आरोप है कि उपकरणों की सप्लाई लेकर दोनों फार्मों ने मिलकर आजमगढ़ नगर पालिका में काम कराया और वहां से भुगतान पाने के बाद भी रुपये नहीं दिए। कोर्ट के आदेश पर कैंट पुलिस ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जालसाजी करने का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, शाहपुर के झरना टोला निवासी व अक्षांश एनर्जी कंपनी के प्रोपराइटर योगेंद्र सिंह ने केस दर्ज कराया है। उनका कहना है कि लखनऊ के विजय नगर स्थित पजीफेज इलेक्ट्रिकल इंडिया व गोरखपुर सिविल लाइंस के रिंकू मल्ल ने मिलकर कुल 26 लाख 87 हजार 664 रुपये के सामान की सप्लाई ली थी।
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22 अगस्त 2022 में इन लोगों ने आजमगढ़ में काम कराने के बाद भुगतान की बात कही, लेकिन वहां से भुगतान होने के बाद भी रुपयों की वापसी नहीं की। बाद में पता चला है कि ये लोग आजमगढ़ में फर्जी निविदा भी दाखिल किया है। पुलिस केस दर्ज कर जांच कर रही है।
.........
वाराणसी में जमीन के नाम पर हड़प लिए 35 लाख रुपये
- फर्म ने अपने कर्मचारियों को भेजकर रुपया ट्रांसफर कराया, अब नहीं दे रहे रकम
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। वाराणसी के जेपी मेहता इंटर कॉलेज रोड सिकरौल में जमीन देने के नाम पर 35 लाख छह हजार 290 रुपये की जालसाजी का मामला सामने आया है।
पुलिस ने वाराणसी की फार्म वन प्लस इंफ्रास्ट्रक्चर के रणविजय सिंह, अभिजीत राव, स्वाभिमान शुक्ला, विनय कुमार पांडेय, रजनी पांडेय व चार-पांच अज्ञात के खिलाफ जालसाजी, धमकी देने व मारपीट की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। कैंट पुलिस मामले की जांच कर हरी है।
जानकारी के मुताबिक, कूनराघाट निवासी विनय कुमार पांडेय ने केस दर्ज कराया है। उन्होंने दी तहरीर में लिखा है कि वन प्लस इंफ्रास्ट्रक्चर वेस्ट टाॅवर के पीछे जेपी मेहता इंटर कॉलेज रोड पर एक कामर्शियल स्टूडियो (फतेह स्टूडियो) में भूखंड द्वितीय तल पर 777 वर्ग फीट देने के लिए संपर्क किया। इसकी कीमत 35 लाख छह हजार 290 रुपये बताया।
अभिजीत राव, रणविजय सिंह, स्वाभिमान शुक्ला, रजनी यादव आए और कहे कि आप मेरे साथ चलिए और हमारे बैंक खाते में पूरी रकम ट्रांसफर कर दीजिए। इंफ्रास्ट्रक्चर के खाते में रुपया भेज दिया। रुपये देने के बाद भी न फ्लैट मिला न फ्लैट में रूम, स्टूडियो मिला और न ही पैसा।
17 जुलाई 2022 को अपने अधिवक्ता के माध्यम से लीगल नोटिस भेजा। उसके बाद उपरोक्त व इंफ्रास्ट्रक्चर के डायरेक्टर रणविजय सिंह व उनके सहयोगी अभिजीत राव, स्वाभिमान शुक्ला, विनय कुमार पांडेय व रजनी यादव और चार-पांच अन्य लोग के साथ 12 मार्च 2023 को दोपहर करीब 12 बजे आए। सभी ने धमकी दी और रुपये भी वापस नहीं किए।
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। बिजली उपकरणों की खरीद-फरोख्त करने वाले एक फर्म ने लखनऊ और गोरखपुर के एक फर्म पर 26 लाख रुपये का उपकरण लेकर भुगतान न करने का केस दर्ज कराया है।
आरोप है कि उपकरणों की सप्लाई लेकर दोनों फार्मों ने मिलकर आजमगढ़ नगर पालिका में काम कराया और वहां से भुगतान पाने के बाद भी रुपये नहीं दिए। कोर्ट के आदेश पर कैंट पुलिस ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जालसाजी करने का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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जानकारी के मुताबिक, शाहपुर के झरना टोला निवासी व अक्षांश एनर्जी कंपनी के प्रोपराइटर योगेंद्र सिंह ने केस दर्ज कराया है। उनका कहना है कि लखनऊ के विजय नगर स्थित पजीफेज इलेक्ट्रिकल इंडिया व गोरखपुर सिविल लाइंस के रिंकू मल्ल ने मिलकर कुल 26 लाख 87 हजार 664 रुपये के सामान की सप्लाई ली थी।
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22 अगस्त 2022 में इन लोगों ने आजमगढ़ में काम कराने के बाद भुगतान की बात कही, लेकिन वहां से भुगतान होने के बाद भी रुपयों की वापसी नहीं की। बाद में पता चला है कि ये लोग आजमगढ़ में फर्जी निविदा भी दाखिल किया है। पुलिस केस दर्ज कर जांच कर रही है।
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वाराणसी में जमीन के नाम पर हड़प लिए 35 लाख रुपये
- फर्म ने अपने कर्मचारियों को भेजकर रुपया ट्रांसफर कराया, अब नहीं दे रहे रकम
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। वाराणसी के जेपी मेहता इंटर कॉलेज रोड सिकरौल में जमीन देने के नाम पर 35 लाख छह हजार 290 रुपये की जालसाजी का मामला सामने आया है।
पुलिस ने वाराणसी की फार्म वन प्लस इंफ्रास्ट्रक्चर के रणविजय सिंह, अभिजीत राव, स्वाभिमान शुक्ला, विनय कुमार पांडेय, रजनी पांडेय व चार-पांच अज्ञात के खिलाफ जालसाजी, धमकी देने व मारपीट की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। कैंट पुलिस मामले की जांच कर हरी है।
जानकारी के मुताबिक, कूनराघाट निवासी विनय कुमार पांडेय ने केस दर्ज कराया है। उन्होंने दी तहरीर में लिखा है कि वन प्लस इंफ्रास्ट्रक्चर वेस्ट टाॅवर के पीछे जेपी मेहता इंटर कॉलेज रोड पर एक कामर्शियल स्टूडियो (फतेह स्टूडियो) में भूखंड द्वितीय तल पर 777 वर्ग फीट देने के लिए संपर्क किया। इसकी कीमत 35 लाख छह हजार 290 रुपये बताया।
अभिजीत राव, रणविजय सिंह, स्वाभिमान शुक्ला, रजनी यादव आए और कहे कि आप मेरे साथ चलिए और हमारे बैंक खाते में पूरी रकम ट्रांसफर कर दीजिए। इंफ्रास्ट्रक्चर के खाते में रुपया भेज दिया। रुपये देने के बाद भी न फ्लैट मिला न फ्लैट में रूम, स्टूडियो मिला और न ही पैसा।
17 जुलाई 2022 को अपने अधिवक्ता के माध्यम से लीगल नोटिस भेजा। उसके बाद उपरोक्त व इंफ्रास्ट्रक्चर के डायरेक्टर रणविजय सिंह व उनके सहयोगी अभिजीत राव, स्वाभिमान शुक्ला, विनय कुमार पांडेय व रजनी यादव और चार-पांच अन्य लोग के साथ 12 मार्च 2023 को दोपहर करीब 12 बजे आए। सभी ने धमकी दी और रुपये भी वापस नहीं किए।