फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   After brainstorming, the BJP's state in-charge took the political pulse.

Gorakhpur News: भाजपा के प्रदेश प्रभारी ने मंथन के बाद टटोली सियासी नब्ज

Sun, 20 Sep 2026 02:39 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 20 Sep 2026 02:39 AM IST
विज्ञापन
After brainstorming, the BJP's state in-charge took the political pulse.
गोरखपुर। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने गोरखपुर प्रवास के दौरान संगठन की जमीनी स्थिति और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों का फीडबैक लिया। उन्होंने छोटे-बड़े नेताओं, जनप्रतिनिधियों और सहयोगी दल के नेताओं से बातचीत कर उनकी बात सुनी। संगठन में समन्वय और कार्यकर्ताओं के बीच संवाद बढ़ाने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सहयोगियों को विश्वास में लेकर ही आगे की रणनीति तय की जाएगी।
विज्ञापन

बैठकों में 62 विधानसभा क्षेत्रों के बूथवार प्रदर्शन की समीक्षा की गई। तावड़े ने बूथों को समय रहते मजबूत करने और बड़े नेताओं व जनप्रतिनिधियों को भी बूथ स्तर तक पहुंचने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं के बीच विधायकों की सक्रियता का फीडबैक भी लिया और विधायकों को नियमित रूप से जनता के बीच जाने की सलाह दी। बूथ स्तर से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर आगे की गतिविधियां तय करने पर भी जोर दिया।
विज्ञापन

62 विधानसभा क्षेत्रों का रिकॉर्ड था तावड़े के पास
प्रदेश प्रभारी के पास गोरखपुर क्षेत्र की सभी 62 विधानसभा सीटों का आंकड़ा था। बैठक में जब कोई जनप्रतिनिधि या संगठन का पदाधिकारी किसी मुद्दे को उठाता तो वह उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर जवाब देते थे। कुशीनगर के प्रदर्शन को लेकर एक पदाधिकारी ने लोकसभा चुनाव में कम अंतर से सीट गंवाने के पीछे सपा प्रत्याशी के बिरादरीगत वोटों को वजह बताया। साथ ही सहयोगी दल को दी गई दो सीटों का भी जिक्र किया। इस पर तावड़े ने विधानसभा और लोकसभा चुनाव के आंकड़े सामने रखते हुए कहा कि कुशीनगर में विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत का अंतर करीब 33 हजार था जो लोकसभा चुनाव में घटकर 13 हजार रह गया। उन्होंने कहा कि सपा प्रत्याशी की बिरादरी का वोट वहां बहुत कम था। कमियों की जिम्मेदारी दूसरों पर डालने के बजाय आत्ममंथन की जरूरत है।
विज्ञापन
विज्ञापन


50 प्रतिशत विधायकों के टिकट काटने का सुझाव
पूर्व जिलाध्यक्षों और पूर्व विधायकों की बैठक में देवरिया के पूर्व जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने सुझाव दिया कि यदि पार्टी मौजूदा विधायकों में से 50 प्रतिशत के टिकट काटती है तो 2027 में 2017 जैसी वापसी हो सकती है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में पार्टी जहां पीछे रही, उस अंतर को संगठनात्मक स्तर पर पूरा किया जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि जनता का योगी और मोदी पर भरोसा कायम है तथा बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति में सुधार हुआ है।


पूर्व सांसद ने यूजीसी का मुद्दा उठाया
पूर्व राज्यसभा सांसद जयप्रकाश निषाद ने यूजीसी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से लाई गई व्यवस्था को लेकर अलग-अलग वर्गों की अलग राय है। सवर्ण वर्ग इसे हटाने, जबकि पिछड़ा और अनुसूचित वर्ग इसे लागू करने की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे किसी भी समुदाय को परेशानी न हो और किसी वर्ग को नुकसान न पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed