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Gorakhpur News: कैंटिन ब्वॉय था सरगना, रुपये कमाने के लिए इशारे पर नाचते थे शाखा प्रबंधक और अकाउंटेंट

Wed, 12 Jun 2024 12:51 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Wed, 12 Jun 2024 12:51 PM IST
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Canteen boy was the kingpin, branch manager and accountant used to dance on his gestures to earn money
भारतीय स्टेट बैंक - फोटो : एएनआई (फाइल)

भारतीय स्टेट बैंक की कौड़िया शाखा में 80 लाख रुपये की जालसाजी का मामला सामने आने के बाद उच्च अधिकारी हैरान हैं। जांच में पता चला है कि कैंटिन ब्वॉय पीपींगज निवासी पंकज मणि त्रिपाठी मुख्य आरोपी है। पंकज बैंकिंग व्यवस्था का अच्छा जानकार है।

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ग्राहकों का विश्वास प्राप्त कर तत्कालीन शाखा प्रबंधक कुमार भाष्कर भूषण और एकाउंटेंट अमरेंंद्र कुमार सिंह के साथ मिलकर जालसाजी करता था। यही नहीं रुपये कमाने के लिए शाखा प्रबंधक और एकाउंटेंट कैंटिन ब्वॉय पंकज के इशारे पर नाचते थे।
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जांच में पता चला है कि पंकज मणि त्रिपाठी के भाई तेज मणि, बहन धारा त्रिपाठी और पिता गिरिजेश मणि एसबीआई के ग्राहक सेवा केंद्र का संचालन करते हैं। खाताधारक ने पहले पंकज के खिलाफ ही एफडी की रकम हड़पने की शिकायत की थी, इसके बाद जांच में शाखा प्रबंधक और एकाउंटेंट की मिलीभगत का खुलासा हुआ है।
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पीपीगंज पुलिस ने वर्तमान शाखा प्रबंधक दीपक कुमार की तहरीर पर तत्कालीन शाखा प्रबंधक कुमार भाष्कर भूषण और एकाउंटेंट अमरेंंद्र कुमार सिंह और कैंटीन ब्वॉय पंकज मणि त्रिपाठी के खिलाफ धारा 409, 419, 420, 467, 468, 471, 120 बी में केस किया है।

वर्तमान शाखा प्रबंधक ने तहरीर में बताया है कि एक जनवरी को जंगल कौड़िया शाखा के खाताधारक राजू सिंह ने क्षेत्रीय कार्यालय तारामंडल में शिकायत की थी। आरोप था कि कैंटिन ब्वॉय पंकज ने उसके खाते से जुड़ी तीन लाख की एफडी फर्जी तरीके से दूसरे खाते में भेजकर निकाल ली है।

इसके बाद जांच के लिए उच्च अधिकारियों की एक टीम बनी। टीम ने मंगलवार को जांच रिपोर्ट सौंपी, इसके बाद एफआईआर कराया गया है।

बढ़ सकती है जालसाजी की रकम
जांच पड़ताल करने के बाद अधिकारियों को पता चला कि शिकायतकर्ता खाताधारक राजू सिंह ही नहीं बल्कि 12 से अधिक लोगों के साथ फर्जी तरीके से एफडी समेत अन्य भुगतान हुआ है। इतना ही नहीं बहुत लोगों के नाम से किसान क्रेडिट कार्ड, पेंशन लोन फर्जी तरीके से निकाले गए हैं। अभी तक की जांच में 80 लाख रुपए की जालसाजी सामने आई है। जांच अभी जारी है, आगे चलकर यह रकम और बढ़ सकती है।


एसपी उत्तरी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि बैंककर्मी की तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

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