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Gorakhpur News: आरआरबी ग्रुप डी परीक्षा से अभ्यर्थी वंचित, केंद्र पर हंगामा
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- कैपिटल लेटर में हस्ताक्षर को गलत बताकर परीक्षा में बैठने से रोका गया
- डायल 112 पर सूचना के बाद पहुंची पुलिस, परीक्षा शुरू होने से पहले नहीं सुलझा मामला
- आवेदन और प्रवेश पत्र में समान हस्ताक्षर होने के बावजूद रोके जाने का आरोप, अभ्यर्थी ने उठाए गंभीर सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) की ओर से रविवार को आयोजित ग्रुप डी परीक्षा में भगत चौक के केंद्र के गेट पर एक अभ्यर्थी को हस्ताक्षर गलत बताते हुए रोक दिया गया। इस पर परीक्षा केंद्र पर हंगामा हो गया। आरोप है कि केंद्र के अधिकारियों ने अभ्यर्थी के कैपिटल लेटर (बड़े अक्षरों) में किए गए हस्ताक्षर को अमान्य मानते हुए उसे प्रवेश नहीं दिया। इससे वह परीक्षा देने से वंचित हो गया।
ग्रुप डी परीक्षा के दौरान रविवार को भगत चौक स्थित एक स्कूल में बनाए गए केंद्र पर अभ्यर्थी दीपक कुमार पहुंचा। उसने प्रवेश प्रक्रिया के तहत दस्तावेजों की जांच कराई। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने उसके हस्ताक्षर पर आपत्ति जताई और कहा कि कैपिटल लेटर में किए गए हस्ताक्षर मान्य नहीं हैं। आरोप है कि इसी आधार पर उसे परीक्षा कक्ष में जाने से रोक दिया गया।
अभ्यर्थी दीपक कुमार का कहना था कि उसने रेलवे ग्रुप डी के आवेदन फॉर्म में भी कैपिटल लेटर में ही हस्ताक्षर किए थे। उसी आवेदन के आधार पर उसका प्रवेश पत्र जारी किया गया, जिससे उसे यह विश्वास था कि उसके दस्तावेज पूरी तरह सही हैं। दीपक ने सवाल उठाया कि यदि हस्ताक्षर गलत थे तो आवेदन स्वीकार क्यों किया गया और प्रवेश पत्र क्यों जारी हुआ। उसका कहना है कि परीक्षा के दिन अंतिम समय में इस तरह रोक दिए जाने से उसका भविष्य दांव पर लग गया।
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दीपक ने परीक्षा केंद्र के अधिकारियों से अनुरोध किया कि यदि हस्ताक्षर में कोई त्रुटि थी तो उसे पहले ही सूचित किया जाना चाहिए था, ताकि वह समय रहते उसमें सुधार कर लेता। लेकिन अधिकारियों ने उसकी एक न सुनी। इसके बाद अभ्यर्थी ने डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया, लेकिन तब तक परीक्षा शुरू हो चुकी थी। परीक्षा में शामिल न हो पाने से अभ्यर्थी काफी आहत दिखा। मामले को लेकर अन्य अभ्यर्थियों में भी नाराजगी देखी गई।
अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि आवेदन और प्रवेश पत्र जारी होने के समय दस्तावेजों की सही तरीके से जांच हो जाती तो परीक्षा के दिन इस तरह की स्थिति पैदा ही नहीं होती। फिलहाल, मामले को लेकर संबंधित परीक्षा केंद्र प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
इस संबंध में रामगढ़ताल थाना प्रभारी नितिन रघुनाथ ने बताया कि अभी थाने में कोई लिखित शिकायत नहीं की गई है।
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- डायल 112 पर सूचना के बाद पहुंची पुलिस, परीक्षा शुरू होने से पहले नहीं सुलझा मामला
- आवेदन और प्रवेश पत्र में समान हस्ताक्षर होने के बावजूद रोके जाने का आरोप, अभ्यर्थी ने उठाए गंभीर सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) की ओर से रविवार को आयोजित ग्रुप डी परीक्षा में भगत चौक के केंद्र के गेट पर एक अभ्यर्थी को हस्ताक्षर गलत बताते हुए रोक दिया गया। इस पर परीक्षा केंद्र पर हंगामा हो गया। आरोप है कि केंद्र के अधिकारियों ने अभ्यर्थी के कैपिटल लेटर (बड़े अक्षरों) में किए गए हस्ताक्षर को अमान्य मानते हुए उसे प्रवेश नहीं दिया। इससे वह परीक्षा देने से वंचित हो गया।
ग्रुप डी परीक्षा के दौरान रविवार को भगत चौक स्थित एक स्कूल में बनाए गए केंद्र पर अभ्यर्थी दीपक कुमार पहुंचा। उसने प्रवेश प्रक्रिया के तहत दस्तावेजों की जांच कराई। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने उसके हस्ताक्षर पर आपत्ति जताई और कहा कि कैपिटल लेटर में किए गए हस्ताक्षर मान्य नहीं हैं। आरोप है कि इसी आधार पर उसे परीक्षा कक्ष में जाने से रोक दिया गया।
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अभ्यर्थी दीपक कुमार का कहना था कि उसने रेलवे ग्रुप डी के आवेदन फॉर्म में भी कैपिटल लेटर में ही हस्ताक्षर किए थे। उसी आवेदन के आधार पर उसका प्रवेश पत्र जारी किया गया, जिससे उसे यह विश्वास था कि उसके दस्तावेज पूरी तरह सही हैं। दीपक ने सवाल उठाया कि यदि हस्ताक्षर गलत थे तो आवेदन स्वीकार क्यों किया गया और प्रवेश पत्र क्यों जारी हुआ। उसका कहना है कि परीक्षा के दिन अंतिम समय में इस तरह रोक दिए जाने से उसका भविष्य दांव पर लग गया।
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दीपक ने परीक्षा केंद्र के अधिकारियों से अनुरोध किया कि यदि हस्ताक्षर में कोई त्रुटि थी तो उसे पहले ही सूचित किया जाना चाहिए था, ताकि वह समय रहते उसमें सुधार कर लेता। लेकिन अधिकारियों ने उसकी एक न सुनी। इसके बाद अभ्यर्थी ने डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया, लेकिन तब तक परीक्षा शुरू हो चुकी थी। परीक्षा में शामिल न हो पाने से अभ्यर्थी काफी आहत दिखा। मामले को लेकर अन्य अभ्यर्थियों में भी नाराजगी देखी गई।
अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि आवेदन और प्रवेश पत्र जारी होने के समय दस्तावेजों की सही तरीके से जांच हो जाती तो परीक्षा के दिन इस तरह की स्थिति पैदा ही नहीं होती। फिलहाल, मामले को लेकर संबंधित परीक्षा केंद्र प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
इस संबंध में रामगढ़ताल थाना प्रभारी नितिन रघुनाथ ने बताया कि अभी थाने में कोई लिखित शिकायत नहीं की गई है।