फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Came to raid claiming to be Income Tax Officer..Police caught him in Gorakhpur

Gorakhpur News: 'स्पेशल 26' की तर्ज पर आयकर अधिकारी बताकर पहुंचे थे छापा मारने, पुलिस ने दबोचा

Sat, 15 Jun 2024 11:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Sat, 15 Jun 2024 11:05 AM IST
सार

शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे चार लोग कार से रामभजन के घर पहुंचे। उन्होंने खुद को आयकर अधिकारी बताया। शिकायत पर घर की तलाशी कराने को कहा। उन्होंने रामभजन को अपना आई काॅर्ड दिखाकर दबाव में लेना शुरू कर दिया। ये सब चल ही रहा था कि किरायेदार अनिल गुप्ता भी मौके पर पहुंच गए। उन्हें शक हुआ तो चारों से पूछताछ शुरू कर दी। कहा,स्थानीय पुलिस को बुला रहे हैं उसके बाद जांच करें।

विज्ञापन
Came to raid claiming to be Income Tax Officer..Police caught him in Gorakhpur
फर्जी आयकर अधिकारी और पकड़ी गई गाड़ी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गोरखपुर। एम्स इलाके के कुसम्ही बाजार में खुद को आयकर अधिकारी बताकर छापा मारने पहुंचे तीन आरोपियों को शुक्रवार सुबह पुलिस ने दबोच लिया। एक आरोपी फरार हो गया। पुलिस ने उनके पास से फर्जी आई कार्ड और भारत सरकार आयकर विभाग का बोर्ड लगी कार बरामद की है।

विज्ञापन


कार पर दिल्ली का नंबर प्लेट लगा है। आशंका है कि कार भी चोरी की है। पुलिस ने पीड़ित भजनलाल की तहरीर पर केस दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
विज्ञापन


जानकारी के अनुसार, कुसम्ही बाजार निवासी भजनलाल उर्फ रामभजन मद्धेशिया, सिंघड़िया स्थित एक विदेश भेजने वाली कंपनी में एजेंट हैं। उनका कुसम्ही में मकान है। ऊपरी मंजिल पर एक सिपाही अनिल गुप्ता किराए पर रहते हैं। अनिल वर्तमान में लाइनहाजिर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे चार लोग कार से रामभजन के घर पहुंचे। उन्होंने खुद को आयकर अधिकारी बताया। शिकायत पर घर की तलाशी कराने को कहा।
उन्होंने रामभजन को अपना आई काॅर्ड दिखाकर दबाव में लेना शुरू कर दिया। ये सब चल ही रहा था कि किरायेदार अनिल गुप्ता भी मौके पर पहुंच गए। उन्हें शक हुआ तो चारों से पूछताछ शुरू कर दी। कहा-स्थानीय

पुलिस को बुला रहे हैं उसके बाद जांच करें। इसको लेकर बहस शुरू हुई, तब सिपाही ने कहा कि थाने चलिए, वही बात होगी। तब चारों उनसे कुछ ले-देकर मामला मैनेज करने की बात करने लगे। इस बीच सिपाही अनिल ने जगदीशपुर चौकी पुलिस को फोन कर दिया।

पुलिस चौकी से दरोगा प्रमोद कुमार मौके पर पहुंच गए। इस दौरान एक आरोपी मौके से फरार हो गया, जबकि तीन पकड़ लिए गए। पुलिस तीनों को कार समेत थाने लाई। पूछताछ में पता चला कि पकड़ा गया एक जालसाज बिहार तो दूसरा गाजियाबाद का रहने वाला है। इनका एक गिरोह है, जिसके गुर्गे अलग-अलग जिलों में जाकर ठगी करते हैं।

फिल्म स्पेशल 26 से लिया आइडिया
फर्जी आयकर अधिकारी बनकर जांच करने पहुंचे आरोपियाें ने बताया कि उन्होंने फिल्म स्पेशल 26 से आइडिया लेकर ठगी शुरू की। वे फिल्म की तरह ही फर्जी टीम बनाकर और लग्जरी कार पर भारत सरकार का बोर्ड लगाकर जालसाजी की वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस की मानें तो अबतक यह गिरोह करीब एक दर्जन वारदातों को अंजाम दे चुका है।

आयकर विभाग दिल्ली में गाड़ी चलाता है आरोपी राजेश
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों की पहचान गोरखपुर के सिकरीगंज इलाके के भीटी के छतिहारी टोला निवासी राजेश कुमार (वर्तमान पता दिल्ली), बिहार के सिवान जिले के बड़हरिया निवासी उजेंद्र पांडेय और गाजियाबाद जिले के खोड़ा इलाके के प्रताप बिहार काॅलोनी निवासी नवाजिश अली के रूप में हुई है।

पुलिस को आरोपियों ने बताया कि उनका ऑफिस दिल्ली में है। ये अन्य प्रदेशों व यूपी के कई जिलों में ठगी कर चुके हैं। इनमें से मूलरूप से गोरखपुर के महदेवा बाजार निवासी राजेश कुमार आयकर अधिकारी बनता था, जबकि अन्य मातहत।

थाने पर आए उसके भाई ने बताया कि वह और उसका भाई आयकर विभाग दिल्ली में गाड़ी किराए पर देते थे। कई बार राजेश आयकर अधिकारियों की गाड़ी स्वयं चलाकर ले जाता था। साथ रहते हुए वह उनके हाव-भाव से परिचित हो गया था। इस बीच उन्होंने आयकर विभाग का फर्जी आई काॅर्ड भी बनवा लिया। पकड़ी गई गाड़ी बिहार के सिवान जिला निवासी उजेंद्र पांडेय की बताई जा रही है।

फरार साथी पर 96 हजार रुपये लेकर जाने का आरोप
पीड़ित रामभजन ने पुलिस को बताया कि आरोपी सुबह लग्जरी गाड़ी से उनके घर पहुंचे और कहा कि उनके खिलाफ शिकायत मिली है। तुम बहुत अधिक रुपये कमा रहे हो। इसपर उसने पांच लाख रुपये कर्ज में होने की जानकारी दी। यह सुनकर वे नाराज हो गए। इस बीच किरायेदार सिपाही को उनकी भाषा व हाव-भाव पर संदेह हुआ। रामभजन ने बताया कि एक आरोपी उनसे 96 हजार रुपये लेकर फरार हो गया है।


एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि फर्जी आयकर अधिकारी बताकर जांच करने पहुंची टीम को कार समेत पकड़ लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। पहले भी उनके द्वारा आयकर अधिकारी बन कर अन्य स्थानों पर जांच के नाम पर रुपये लेकर फरार होने की बात स्वीकार की गई है। जांच के बाद उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed