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Gorakhpur News: चेयरमैन का आदेश दरकिनार कर बड़ी लाइनों के बजट में खेल, स्टोर से सामान लेने में होता है खेल
Fri, 24 Feb 2023 01:41 PM IST
vivek shukla
रोहित सिंह, गोरखपुर।
रोहित सिंह, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 24 Feb 2023 01:41 PM IST
सार
बिजली निगम में कई लाइनें अवैध रूप से खींची गई थीं। सभी की जांच भी चल रही है। अभी खजनी क्षेत्र में और कुशीनगर क्षेत्र में अवैध लाइन पकड़ में आई थी। इन लाइनों को कैसे किसने तैयार किया, यह अभी जांच का विषय है।
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बिजली विभाग,
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पॉवर कारपोरेशन के चेयरमैन एम देवराज के आदेश को दरकिनार कर मंडल के अभियंता हैवी कनेक्शनों में खेल कर रहे हैं। अभियंता हैवी कनेक्शन (वाणिज्यिक या औद्योगिक) देने के बाद लाइन का इस्टीमेट अपने तरीके से बनाते हैं। उसे पास करते हैं। एक-दो लाइन नहीं, बल्कि ऐसे कई कनेक्शनों के इस्टीमेट (प्राक्कलन) चेयरमैन के आदेश के खिलाफ तैयार किए गए और स्वीकृत कर पास भी कर दिए गए।
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अनियमितताओं को देखते हुए चेयरमैन ने 7 दिसंबर 22 को दिशा निर्देश जारी किया था। इसके अनुसार, अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके पद के अनुसार जिम्मा दिया गया था। दरअसल, उपभोक्ता अगर अपने दो किलोवाट के कनेक्शन का आवेदन करता है और उसके घर से खंभे की दूरी 40 मीटर होती है, तो नई लाइन बनानी पड़ती है।
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यह नियम 2 किलोवाट और 100 किलोवाट या उससे अधिक की क्षमता के कनेक्शनों में लागू होता है। सबसे पहले अवर अभियंता इलाके का भौतिक परीक्षण करता है। लाइन चार्ट बनाकर उसमें लगने वाले सामान का ब्यौरा तैयार करता है। लाइन चार्ट को ऊपर के अधिकारी स्वीकृत कर इस्टीमेट तैयार करते हैं।
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कारपोरेशन के अध्यक्ष के नए नियम के अनुसार, इस्टीमेट तैयार होने के बाद उसमें भरी गई डिमांड (सामान) की जांच और खरीद की दर को खंड के लेखाकार की ओर से भी स्वीकृत किया जाना था। कारपोरेशन के नियम के अनुसार, सामान को उसी दर से खरीदा जाना चाहिए, जिस योजना में लेखाकार स्वीकृति देते हैं। लेकिन, अभियंता बिना लेखाकार की जांच-परख के ही स्वीकृत करवा कर लाइन बनवाते हैं और खेल कर जाते हैं।
स्टोर से सामान लेने में होता है खेल
इधर, लाइन का इस्टीमेट तैयार हो जाता है और दूसरी तरफ एसडीओ और एक्सईएन की अनुमति से स्टोर से सामान की तैयारी करवा ली जाती। इसी के बाद खेल होता है।
पूरे मंडल में ऐसे होता है खेल
मंडल के सभी खंडों में अभियंता लेखाकार से लगने वाले सामान की लागत के आंकलन की जरूरत नहीं समझते। इसमें बड़ा खेल हो रहा है।
अवैध लाइनों की चल रही जांच
बिजली निगम में कई लाइनें अवैध रूप से खींची गई थीं। सभी की जांच भी चल रही है। अभी खजनी क्षेत्र में और कुशीनगर क्षेत्र में अवैध लाइन पकड़ में आई थी। इन लाइनों को कैसे किसने तैयार किया, यह अभी जांच का विषय है।
चेयरमैन के निर्देश के अनुसार ही इस्टीमेटेड लाइन को स्वीकृत किया जाना है। अगर इसमें लापरवाही की जाती है तो यह गलत है। जांच करवाई जाएगी कि कहां-कहां नियमों का उल्लंघन कर लाइन तैयार की गई है। -शंभु कुमार, एमडी पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम
पूरे मंडल में ऐसे होता है खेल
मंडल के सभी खंडों में अभियंता लेखाकार से लगने वाले सामान की लागत के आंकलन की जरूरत नहीं समझते। इसमें बड़ा खेल हो रहा है।
अवैध लाइनों की चल रही जांच
बिजली निगम में कई लाइनें अवैध रूप से खींची गई थीं। सभी की जांच भी चल रही है। अभी खजनी क्षेत्र में और कुशीनगर क्षेत्र में अवैध लाइन पकड़ में आई थी। इन लाइनों को कैसे किसने तैयार किया, यह अभी जांच का विषय है।
चेयरमैन के निर्देश के अनुसार ही इस्टीमेटेड लाइन को स्वीकृत किया जाना है। अगर इसमें लापरवाही की जाती है तो यह गलत है। जांच करवाई जाएगी कि कहां-कहां नियमों का उल्लंघन कर लाइन तैयार की गई है। -शंभु कुमार, एमडी पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम