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भक्त का चरित्र पढ़ने से विकार खुद शांत हो जाएंगे : बिहारीदास
Thu, 18 Jan 2024 03:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Thu, 18 Jan 2024 03:35 AM IST
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- राधा बाबा के 111वें जन्मोत्सव पर आयोजित कथा का तीसरा दिन
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। भक्त के चरित्र के गान से आनंद की अनुभूति जल्दी प्राप्त हो जाती है। किसी को कैसा भी विकार सताए, आप किसी भक्त का चरित्र पढ़ लिजिए आपके सारे विकार खुद शांत हो जाएंगे। यह बातें गीतावाटिका में राधा बाबा के 111वें जन्मोत्सव पर आयोजित पांच दिवसीय भक्तमाल कथा के तीसरे दिन कथाव्यास बिहारीदास भक्तमाली ने कही।
उन्होंने हरिदास की कथा सुनाते हुए कहा कि गहन भक्ति के फलस्वरूप ही वृंदावन में बांकेबिहारी ने उन्हें प्रत्यक्ष दर्शन दिया था। ठाकुरजी आज भी रसिकों को अपार रस प्रदान करते हैं। रसिकों की दृष्टि बड़ी अलौकिक होती है।इस अवसर पर वृंदावन की सुप्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय रसाचार्य स्वामी श्रीरामजी शर्मा की रासमंडली ने श्रीरामनाम महिमा का भावपूर्ण प्रस्तुतीकरण किया।
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गोरखपुर। भक्त के चरित्र के गान से आनंद की अनुभूति जल्दी प्राप्त हो जाती है। किसी को कैसा भी विकार सताए, आप किसी भक्त का चरित्र पढ़ लिजिए आपके सारे विकार खुद शांत हो जाएंगे। यह बातें गीतावाटिका में राधा बाबा के 111वें जन्मोत्सव पर आयोजित पांच दिवसीय भक्तमाल कथा के तीसरे दिन कथाव्यास बिहारीदास भक्तमाली ने कही।
उन्होंने हरिदास की कथा सुनाते हुए कहा कि गहन भक्ति के फलस्वरूप ही वृंदावन में बांकेबिहारी ने उन्हें प्रत्यक्ष दर्शन दिया था। ठाकुरजी आज भी रसिकों को अपार रस प्रदान करते हैं। रसिकों की दृष्टि बड़ी अलौकिक होती है।इस अवसर पर वृंदावन की सुप्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय रसाचार्य स्वामी श्रीरामजी शर्मा की रासमंडली ने श्रीरामनाम महिमा का भावपूर्ण प्रस्तुतीकरण किया।
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