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लाइसेंस अनिवार्यता के प्रस्ताव का पान विक्रेताओं ने जताया विरोध
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गोरखपुर में लाइसेंस अनिवार्यता के प्रस्ताव पर कारोबारियों ने जताया विरोध
गोरखपुर। नगर विकास विभाग की ओर से लाइसेंस अनिवार्यता के प्रस्ताव का पान विक्रेताओं ने विरोध किया है। शासन ने शहरी सीमा में तंबाकू उत्पादों की बिक्री के लिए नगर निगम प्रशासन से लाइसेंस लेना अनिवार्य किया है।
सोमवार को तंबाकू, सिगरेट, बीड़ी, पान मसाला व्यापार संघ के सदस्यों ने मेयर सीताराम जायसवाल और नगर आयुक्त अविनाश सिंह को ज्ञापन देकर इस प्रावधान को खत्म करने की मांग की है। संघ के पदाधिकारियों ने बताया है कि शहर में 10 हजार से अधिक छोटे-बड़े व्यापारी हैं। उनमें से पान विक्रेताओं को उत्पाद बेचने के लिए अलग से लाइसेंस लेने की अनिवार्यता की बात कही गयी है। शासन के इस कदम से छोटे दुकानदारों की आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और वे भुखमरी की कगार पर पहुंच जाएंगे।
कोरोना महामारी ने इन छोटे दुकानदारों को पहले ही काफी तोड़ दिया है और वे किसी तरह दोबारा अपने पैरों पर खड़े होने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में इस नए प्रावधान से इन व्यापारियों को काफी परेशानी होगी। सचिव मदन जायसवाल ने कहा कि शासन के इस कदम से लाइसेंस राज की वापसी होगी और प्रवर्तन अधिकारियों के हाथों गरीब और कमजोर विक्रेताओं के उत्पीड़न का एक नया दौर शुरू हो जाएगा। ज्ञापन देने वालों में नितिन शर्मा, भूपेंद्र सिंह, विशाल कुमार, शक्ति कुमार, राहुल पांडेय, नीरज, पंकज, रोहित आदि शामिल रहे।
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गोरखपुर। नगर विकास विभाग की ओर से लाइसेंस अनिवार्यता के प्रस्ताव का पान विक्रेताओं ने विरोध किया है। शासन ने शहरी सीमा में तंबाकू उत्पादों की बिक्री के लिए नगर निगम प्रशासन से लाइसेंस लेना अनिवार्य किया है।
सोमवार को तंबाकू, सिगरेट, बीड़ी, पान मसाला व्यापार संघ के सदस्यों ने मेयर सीताराम जायसवाल और नगर आयुक्त अविनाश सिंह को ज्ञापन देकर इस प्रावधान को खत्म करने की मांग की है। संघ के पदाधिकारियों ने बताया है कि शहर में 10 हजार से अधिक छोटे-बड़े व्यापारी हैं। उनमें से पान विक्रेताओं को उत्पाद बेचने के लिए अलग से लाइसेंस लेने की अनिवार्यता की बात कही गयी है। शासन के इस कदम से छोटे दुकानदारों की आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और वे भुखमरी की कगार पर पहुंच जाएंगे।
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कोरोना महामारी ने इन छोटे दुकानदारों को पहले ही काफी तोड़ दिया है और वे किसी तरह दोबारा अपने पैरों पर खड़े होने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में इस नए प्रावधान से इन व्यापारियों को काफी परेशानी होगी। सचिव मदन जायसवाल ने कहा कि शासन के इस कदम से लाइसेंस राज की वापसी होगी और प्रवर्तन अधिकारियों के हाथों गरीब और कमजोर विक्रेताओं के उत्पीड़न का एक नया दौर शुरू हो जाएगा। ज्ञापन देने वालों में नितिन शर्मा, भूपेंद्र सिंह, विशाल कुमार, शक्ति कुमार, राहुल पांडेय, नीरज, पंकज, रोहित आदि शामिल रहे।
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