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सराफा व्यापारियों की धड़कनें बढ़ींः लगातार चढ़ने के बाद 2 दिन में 1.20 लाख रुपये लुढ़की चांदी- मिली राहत

Sun, 01 Feb 2026 02:53 PM IST
रोहित सिंह अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: रोहित सिंह Updated Sun, 01 Feb 2026 02:53 PM IST
सार

दरअसल, एक नवंबर 2025 को चांदी का भाव 1.50 लाख रुपये प्रति किलोग्राम था। महीने के अंत में यह 1.74 लाख रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। दिसंबर में अचानक चांदी की कीमत में 34.70 प्रतिशत तक का उछाल आया और दाम 2.5 लाख रुपये के आसपास पहुंच गया। जनवरी में यह भाव चढ़ते-चढ़ते 3.35 लाख रुपये तक पहुंच गया। महीने के अंत तक आते-आते इसका दाम 4.20 लाख रुपये तक पहुंच गया था।

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Bullion traders in Gorakhpur also received significant relief, silver prices falling by Rs 1.20 lakh in 2 days
सोने-चांदी का भाव - फोटो : amarujala.com

विस्तार

इधर लगातार चढ़ने के बाद बीते दो दिन में चांदी के दाम में जबरदस्त गिरावट आई है। चांदी 1.20 लाख रुपये प्रति किलोग्राम लुढ़क गई है। सोने के भाव में भी 20 हजार रुपये के करीब गिरावट आई है। इससे जहां ग्राहकों को थोड़ी राहत मिली है, वहीं छोटे व्यापारी इस उतार-चढ़ाव से परेशान हैं।
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व्यापारियों के सामने दिक्कत यह है कि लोग तत्काल के भाव में बुकिंग कर भुगतान भी कर दे रहे हैं। गहनों की डिलीवरी के दिन अगर दाम चढ़ रहा है तो दी गई राशि में ही उसे बेचना पड़ रहा है।
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दरअसल, एक नवंबर 2025 को चांदी का भाव 1.50 लाख रुपये प्रति किलोग्राम था। महीने के अंत में यह 1.74 लाख रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। दिसंबर में अचानक चांदी की कीमत में 34.70 प्रतिशत तक का उछाल आया और दाम 2.5 लाख रुपये के आसपास पहुंच गया। जनवरी में यह भाव चढ़ते-चढ़ते 3.35 लाख रुपये तक पहुंच गया। महीने के अंत तक आते-आते इसका दाम 4.20 लाख रुपये तक पहुंच गया था।

अब 31 जनवरी को अचानक से चांदी के भाव में 1.20 लाख रुपये की गिरावट आ गई। अब पहले ही बुकिंग कर चुके दुकानदार परेशान हैं। चांदी की गिरावट से उनकी जेब को तगड़ा झटका लगने की आशंका है। अब स्थिति यह है कि व्यापारी थोक की मंडी से चांदी मंगवा नहीं पा रहे हैं जिससे गहनों की डिलीवरी नहीं हो पा रही है।

इसको लेकर बाजार में रोजाना नोकझोंक देखने को मिल रही है। कई व्यापारियों पर लाखों की देनदारी भी हो गई है। ऐसे ही कुछ व्यापारी पिछले दिनों सराफा पदाधिकारियों के पास अपनी व्यथा लेकर और समझौते के लिए पहुंचे थे लेकिन भाव के उतार-चढ़ाव को देखते हुए सभी को इंतजार करने की सलाह दी गई।

सराफा मंडल के अध्यक्ष गणेश वर्मा ने बताया कि इस वर्ष की सबसे बड़ी गिरावट इन दो दिनों में देखने को आई है। निवेश थोड़ा संभल कर और बाजार के भाव को देखते हुए करने की जरूरत है। चांदी में गिरावट से कारीगरों को भी राहत मिलेगी। ऐसा इसलिए कि चढ़ते दाम की वजह से आभूषणों का काम लगभग पूरी तरह से बंद हो गया था।
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धंधेबाजों की 'चांदी'
सोने-चांदी के दाम में उतार-चढ़ाव के संकट के बीच धंधेबाजों ने इसमें भी अवसर खोज लिया है। धंधेबाज मिलावटी चांदी को शुद्ध बताकर बेच रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, धंधेबाज 25 से 30 हजार रुपये की चांदी (कम टंच की) में गिलट और एल्यूमीनियम की मिलावट कर रहे हैं और इसे 9999 टंच की चांदी बताकर बेच रहे हैं। छोटे दुकानदारों को धंधेबाज यह चांदी बाजार के मूल भाव से सस्ते में दे रहे हैं। धंधेबाज इस मिलावटी चांदी को गांव- कस्बों में भी खपा रहे हैं।

उतार-चढ़ाव के बीच बुलियन का धंधा चमका
आईजीजीएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज अरोरा ने बताया कि चांदी के बढ़े दामों का असर ज्वेलरी बाजार में साफ दिख रहा है। पांच ग्राम पायल भी लेने में लोगों को सोचना पड़ रहा है। एफडी पर पर्याप्त रिटर्न नहीं मिलने से भी लोगों ने अपने धन को सोने-चांदी की बुलियन खरीदारी में लगाया है। 75 प्रतिशत ज्वेलरी का बाजार इससे खत्म हो चुका है। सिर्फ बुलियन की खरीदारी हो रही है।

चीन के जबरदस्त निवेश ने बढ़ाया संकट
सराफा मंडल के संरक्षक पंकज गोयल ने बताया कि चीन में चांदी की भारी डिमांड है। दरअसल, चीन दुनिया की चांदी की कुल आपूर्ति का 65% से भी ज्यादा हिस्सा इस्तेमाल करता है। चीन में चांदी सिर्फ गहनों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसे स्पॉट और फ्यूचर्स मार्केट में भी खूब खरीदा-बेचा जाता है।

जैसे-जैसे दुनिया भर में चांदी की आपूर्ति कम हो रही है, चीनी निवेशक चांदी को एक सुरक्षित निवेश मानकर बड़ी मात्रा में खरीद रहे हैं। चीन में चांदी महंगी होने का एक और बड़ा कारण है चीन की नई चांदी निर्यात नीति। जनवरी की शुरुआत से केवल सरकारी लाइसेंस वाली कंपनियां ही चांदी का निर्यात कर सकती हैं। इस पाबंदी ने आपूर्ति को और भी कस दिया है और कीमतों को ऊपर धकेल दिया है।

चांदी के भाव बढ़ने की आशंका
पूर्वांचल सोनार समिति के प्रदेश अध्यक्ष महेश वर्मा ने बताया कि चांदी का भाव गिरने से लोगों को फिलहाल तो राहत मिली होगी। चीन में फरवरी के पहले सप्ताह से लगभग एक माह के लिए बाजार बंद रहेगा। ऐसे में आने वाले समय में चांदी के दाम में भारी उछाल आने की आशंका है।
 
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