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Gorakhpur News: इमारत, चिकित्सक, कमियां, सब पुराने, नए नामों से चलने लगे सील अस्पताल
Thu, 24 Nov 2022 01:05 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 24 Nov 2022 01:05 PM IST
सार
जमशेद जिद्दी ने शिकायती पत्र में लिखा है कि भटहट क्षेत्र के वैष्णवी अस्पताल को एडीएम ने सील किया था। इस दौरान संचालक मरीजों के वार्ड में ताला लगाकर भाग गया था। कूड़ाघाट में न्यू पीके डायग्नोस्टिक सेंटर को डीएम के निर्देश पर सील किया गया था। मामला हाईकोर्ट में लंबित है। इसी तरह पैडलेगंज में न्यू लोटस हॉस्पिटल को जिला प्रशासन की टीम ने सील किया था।
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(सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
जिला प्रशासन ने जिन अस्पतालों को सील किया था, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों से साठगांठ कर उन्हीं अस्पतालों का संचालन नए नामों से किया जा रहा है। इमारत, चिकित्सक, कमियां, सब वही पुरानी हैं, बस नाम बदलकर नया लाइसेंस ले लिया गया है।
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गोरखनाथ के जमशेद जिद्दी ने इसकी शिकायत कमिश्नर से की है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी और कर्मचारी पर वसूली का आरोप भी लगाया है। इसके बाद मंडलायुक्त ने सख्ती बरतते हुए 15 दिन के भीतर सीएमओ से मामले की जांच कर रिपोर्ट मांगी है।
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जमशेद जिद्दी ने शिकायती पत्र में लिखा है कि भटहट क्षेत्र के वैष्णवी अस्पताल को एडीएम ने सील किया था। इस दौरान संचालक मरीजों के वार्ड में ताला लगाकर भाग गया था। कूड़ाघाट में न्यू पीके डायग्नोस्टिक सेंटर को डीएम के निर्देश पर सील किया गया था। मामला हाईकोर्ट में लंबित है।
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इसी तरह पैडलेगंज में न्यू लोटस हॉस्पिटल को जिला प्रशासन की टीम ने सील किया था। उनका आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग ने तीनों ही अस्पतालों को नए नामों से लाइसेंस जारी कर दिया है जिसके बाद उनका संचालन बिना रोक-टोक किया जा रहा है।
इसके अलावा तमाम ऐसे अस्पताल हैं, जिन्हें प्रशासन की टीम ने सील किया था, जिनका स्वास्थ्य विभाग ने दूसरे नामों से संचालन शुरू करा दिया है। सीएमओ ने बताया कि कमिश्नर की तरफ से जांच का निर्देश मिला है। 15 दिन के अंदर जांच कर रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।