Union Budget 2021: गोरखपुर में मेट्रो दौड़ाने पर आएगा 4589 करोड़ का खर्च, जल्द हरी झंडी मिलने के आसार
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राइट्स व लखनऊ रेल मेट्रो कॉरपोरेशन ने डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) का अनुमोदन कर शासन को भेज दिया है। प्रदेश कैबिनेट ने भी इसे अपनी मंजूरी देते हुए प्रस्ताव केंद्र को भेज दिया है। सोमवार को बजट के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री ने जिस तरह से देश में नई लाइट व नियो मेट्रो के संचालन पर जोर दिया है, माना जा रहा है कि जल्द ही गोरखपुर मेट्रो के प्रस्ताव को केंद्र से भी हरी झंडी मिल जाएगी।
डीपीआर के मुताबिक, शहर में 4589 करोड़ रुपये की लागत से तीन बोगियों (कार) वाली मेट्रो दौड़ेगी। इसके लिए दो रूट तय किए गए हैं। पहला रूट 15.14 किमी लंबा होगा, जो श्यामनगर (बरगदवां के पास) से मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय तक का होगा। इसपर कुल 14 स्टेशन होंगे। दूसरा रूट गुलरिहा से शुरू होकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज, असुरन चौक, धर्मशाला, गोलघर, कचहरी चौराहा होते हुए नौसड़ तक जाएगा। यह 12.70 किमी लंबा रूट है, जिसपर 12 स्टेशन होंगे।
निर्माण सामग्री स्टोर करने के लिए भी जमीन चिह्नित
निर्माण सामग्री स्टोर करने के लिए गोरखपुर यूनिवर्सिटी के गौतम बुद्ध छात्रावास के पीछे करीब पांच हजार वर्ग मीटर जमीन चिह्नित की गई है। वहीं पर सर्विस सब स्टेशन बनाया जाएगा। इसके पहले डीपीआर में सर्विस सब स्टेशन के लिए ह्वी पार्क के पास जमीन चिह्नित की गई थी, मगर जीडीए ने इसपर आपत्ति जता दी थी। अब नए सिरे से फिर से जगह चिह्नित कर रिपोर्ट राइट्स को भेज दी गई है।
पहला कॉरिडोर श्याम नगर से एमएमएम इंजीनियरिंग कॉलेज तक 15.14 किमी लंबा होगा, इसमें 14 स्टेशन बनाए जाएंगे। अनुमान है कि वर्ष 2024 में 1.55 लाख लोग इसमें रोजाना सफर करेंगे। ये संख्या वर्ष 2031 में बढ़कर 2.05 लाख होगी, जबकि अगले दस साल यानि वर्ष 2041 तक इसमें 2.73 लाख लोग रोजाना सफर कर सकेंगे।
दूसरा कॉरिडोर बीआरडी मेडिकल कॉलेज से नौसड़ के बीच बनेगा, जो 12.70 किमी लंबा होगा, इसमें 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं। अनुमान है कि वर्ष 2024 में 1.24 लाख लोग इसमें रोजाना सफर करेंगे। ये संख्या वर्ष 2031 में बढ़कर 1.73 लाख होगी, जबकि अगले दस साल यानि वर्ष 2041 तक इसमें 2.19 लाख लोग रोजाना सफर कर सकेंगे।