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कौन जिम्मेदार?: बीटेक छात्र की मौत के बाद DDU में बवाल, सड़क पर उतरे छात्र बोले- 'सिस्टम ने नहीं सुनी आवाज'

Sun, 17 May 2026 02:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Sun, 17 May 2026 02:29 AM IST
सार

छात्रों ने विवादित परिणामों के पुन: पारदर्शी मूल्यांकन की मांग की। इसके अलावा गलत अंकन एवं तकनीकी त्रुटियों की जांच करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित संकाय सदस्यों पर कार्रवाई किए जाने और विद्यार्थियों के लिए प्रभावी शिकायत निवारण व्यवस्था बनाए जाने की भी मांग की। वह छात्र घनेंद्र को भी न्याय दिलाए जाने की मांग की।

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B.Tech student's suicide sparks student protests throughout the day in Gorakhpur
परीक्षा में नंबर कम मिलने से आहट इंजीनियरिंग विभाग के छात्र घनेंद्र द्वारा फांसी लगाने के बाद ग

विस्तार

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के बीटेक छात्र घनेंद्र चौधरी की खुदकुशी के मामले में शनिवार को छात्रों के बीच उबाल दिखा। बीटेक के विभिन्न सेमेस्टर में बैक पेपर लगने से क्षुब्ध छात्रों ने इसे लेकर पहले इंजीनियरिंग संकाय के समक्ष और फिर प्रशासनिक भवन पर प्रदर्शन किया। कुलपति ने छात्रों की मांग पर देर शाम फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित कर दी।

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इंजीनियरिंग भवन के सामने छात्र सुबह से ही छात्र जुटने लगे थे। बड़ी संख्या में छात्रों के पहुंचने के बाद प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब तीन बजे तक छात्र वहां प्रदर्शन करते रहे। इस दौरान कई छात्रनेता भी पहुंच गए।
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छात्रनेताओं के नेतृत्व में बीटेक छात्र प्रशासनिक भवन पहुंचे और धरने पर बैठ गए।

शाम करीब साढ़े छह बजे कुलपति ने छात्रों से मुलाकात की और फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित करने की घोषणा की। इसके बाद छात्र लौटे। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि करीब एक महीने से अधिक समय से वह परीक्षा परिणामों में त्रुटि को लेकर शिकायत कर रहे हैं लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है।

कई विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल होने के बाद भी परिणाम में अनुपस्थित दिखाया जा रहा है तो किसी को एक, दो, तीन, चार अंक तक दिए गए हैं। इसी क्रम में छात्र घनेंद्र चौधरी को भी कई पेपर में फेल किया गया था। छात्र बैक पेपर को घनेंद्र की मौत से जोड़कर जांच की मांग कर रहे थे।

छात्रों ने रखीं यह मांगें
छात्रों ने विवादित परिणामों के पुन: पारदर्शी मूल्यांकन की मांग की। इसके अलावा गलत अंकन एवं तकनीकी त्रुटियों की जांच करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित संकाय सदस्यों पर कार्रवाई किए जाने और विद्यार्थियों के लिए प्रभावी शिकायत निवारण व्यवस्था बनाए जाने की भी मांग की। वह छात्र घनेंद्र को भी न्याय दिलाए जाने की मांग की।

कई छात्रों की छूटी परीक्षा, दोबारा कराने की मांग
शनिवार को बीटेक द्वितीय सेमेस्टर के माइनर पेपर एनएसएस की परीक्षा दोपहर दो से 3:30 बजे तक निर्धारित थी। इंजीनियरिंग संकाय में बीटेक की परीक्षाएं होती हैं लेकिन प्रदर्शन के कारण वहां परीक्षा नहीं हो पाई। इसके बाद छात्र पहले दीक्षा भवन और फिर कला संकाय भवन भी पहुंचे लेकिन तब तक परीक्षा का समय समाप्त हो चुका था।
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छात्र दोबारा यह माइनर पेपर कराए जाने की मांग कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि करीब एक हजार छात्रों की परीक्षा छूटी है। उम्मीद जताई जा रही है कि जिन छात्रों की परीक्षाएं छूटी हैं, उनकी परीक्षाएं अलग से कराने का निर्णय डीडीयू प्रशासन जल्द ही ले सकता है।

छात्रों की मांग पर फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित कर दी गई है। यह कमेटी मृतक छात्र के मामले की जांच करेगी। मामले में पुलिस से भी सहायता ली जाएगी। कमेटी में एमएमएमयूटी के दो और एक डीडीयू के प्रशासनिक अधिकारी को शामिल किया गया है। इसके अलावा कम नंबर मिलने और कॉपियों के मूल्यांकन को लेकर भी एक कमेटी पहले से ही बनाई गई है, जो मामले की जांच कर रही है: प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, डीडीयू
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