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Gorakhpur News: जिला अस्पताल में ईंट-पत्थर, मरीजों का चलना मुश्किल
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- सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही सांस के मरीजों को
- भीड़ के कारण लोगों को दिखाई नहीं देते जमीन पर पड़े पत्थर
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। जिला अस्पताल में इलाज कराने आए मरीजों और तीमारदारों का ओपीडी में रहना मुश्किल हो गया है। उन्हें मिट्टी, गंदगी और ईंट- पत्थरों के बीच रहना पड़ रहा है। अस्पताल की ओपीडी से लेकर डॉक्टर के रूम तक धूल और मिट्टी भरी रहती है। पंखे और कूलर के चलने के कारण अस्पताल के अंदर हवा में धूल भरी है। इससे सांस के मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है।
बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी के बाहर मरीज और तीमारदारों की पर्ची कटवाने और दवा लेने के लिए लंबी लाइन लगी रही। ओपीडी के बाहर बिखरे ईंट और पत्थर के टुकड़े के कारण लोगों को काफी दिक्कत हुई। भीड़ के कारण कुछ लोगों को जमीन पर पड़े पत्थर दिखाई नहीं दिए, इस कारण कुछ लोगों को ईंट से ठोकर लगने के कारण पैरों में चोट भी आई।
इलाज कराने आए बुजुर्गों को सबसे ज्यादा समस्या हुई। काफी देर तक खड़े रहने के बाद वह वहीं ईंट पर बैठ गए। बिखरे ईंट के टुकड़ों के कारण मरीज और तीमारदारों को जमीन पर चलते समय दिक्कतें उठानी पड़ीं।
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काफी देर से लाइन में खड़ी थी। भीड़ ज्यादा है इधर-उधर ईंट पड़ी है। चोट से बचने के लिए दूर आकर बैठ गई हूं। अस्पताल में किसी तरह की व्यवस्था नहीं है। चारों ओर गंदगी दिखाई दे रही।
- कुचरी देवी, मरीज
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पैरों में दर्द होने के कारण ज्यादा देर तक खड़े नहीं रह सकती हूं। यहां बैठने की व्यवस्था तो दूर, सही से खड़ा होना मुश्किल है। इसलिए भीड़ से दूर हूं। थोड़ी धक्का-मुक्की से चोट लग सकती है।
- संध्या, मरीज
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- भीड़ के कारण लोगों को दिखाई नहीं देते जमीन पर पड़े पत्थर
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। जिला अस्पताल में इलाज कराने आए मरीजों और तीमारदारों का ओपीडी में रहना मुश्किल हो गया है। उन्हें मिट्टी, गंदगी और ईंट- पत्थरों के बीच रहना पड़ रहा है। अस्पताल की ओपीडी से लेकर डॉक्टर के रूम तक धूल और मिट्टी भरी रहती है। पंखे और कूलर के चलने के कारण अस्पताल के अंदर हवा में धूल भरी है। इससे सांस के मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है।
बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी के बाहर मरीज और तीमारदारों की पर्ची कटवाने और दवा लेने के लिए लंबी लाइन लगी रही। ओपीडी के बाहर बिखरे ईंट और पत्थर के टुकड़े के कारण लोगों को काफी दिक्कत हुई। भीड़ के कारण कुछ लोगों को जमीन पर पड़े पत्थर दिखाई नहीं दिए, इस कारण कुछ लोगों को ईंट से ठोकर लगने के कारण पैरों में चोट भी आई।
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इलाज कराने आए बुजुर्गों को सबसे ज्यादा समस्या हुई। काफी देर तक खड़े रहने के बाद वह वहीं ईंट पर बैठ गए। बिखरे ईंट के टुकड़ों के कारण मरीज और तीमारदारों को जमीन पर चलते समय दिक्कतें उठानी पड़ीं।
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काफी देर से लाइन में खड़ी थी। भीड़ ज्यादा है इधर-उधर ईंट पड़ी है। चोट से बचने के लिए दूर आकर बैठ गई हूं। अस्पताल में किसी तरह की व्यवस्था नहीं है। चारों ओर गंदगी दिखाई दे रही।
- कुचरी देवी, मरीज
पैरों में दर्द होने के कारण ज्यादा देर तक खड़े नहीं रह सकती हूं। यहां बैठने की व्यवस्था तो दूर, सही से खड़ा होना मुश्किल है। इसलिए भीड़ से दूर हूं। थोड़ी धक्का-मुक्की से चोट लग सकती है।
- संध्या, मरीज