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Gorakhpur News: बीआरडीः बीपी व शुगर के मेडिसिन वार्ड में बढ़ रहे मरीज
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- मेडिकल कॉलेज के मेल वार्ड में 72 में से 68 बेड पर मरीज भर्ती
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में बीपी और शुगर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इन दिनों मरीजों की स्थिति को देखते हुए ओपीडी से वार्ड में भर्ती करना पड़ रहा है। मेडिसिन मेल वार्ड में 72 में से 68 बेड पर मरीज थे।
बुधवार को मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन मेल वार्ड में 68 मरीज भर्ती रहे, वहीं मंगलवार को सबसे अधिक 70 मरीज भर्ती थे। डॉ. माधवी सरकारी ने बताया कि मंंगलवार से मरीजों की संख्या बढ़ी है। बहुत से ऐसे मरीज हैं जो एक दो दिन में ठीक हो जा रहे हैं। इनमें से कुछ ऐसे केस हैं, जिनको वेंटिलेटर पर रखना पड़ रहा है। कैंपस में कुल चार मेडिसिन वार्ड हैं। यदि एक वार्ड फुल हो जाता है तो हम बढ़े हुए मरीजों को दूसरे में शिफ्ट कर दिया जाएगा।
डॉ. माधव ने सुझाव दिया कि मरीज अपने मन से किसी दवा का सेवन न करें। बिना सलाह के दवा लेने से शरीर में इंसुलिन प्रतिरोध और रक्त वाहिकाओं पर दबाव बढ़ाते हैं, जिससे ये बीमारियां बढ़ती हैं और हृदय, किडनी व आंखों के लिए खतरा पैदा करती हैं।
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गोरखपुर। बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में बीपी और शुगर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इन दिनों मरीजों की स्थिति को देखते हुए ओपीडी से वार्ड में भर्ती करना पड़ रहा है। मेडिसिन मेल वार्ड में 72 में से 68 बेड पर मरीज थे।
बुधवार को मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन मेल वार्ड में 68 मरीज भर्ती रहे, वहीं मंगलवार को सबसे अधिक 70 मरीज भर्ती थे। डॉ. माधवी सरकारी ने बताया कि मंंगलवार से मरीजों की संख्या बढ़ी है। बहुत से ऐसे मरीज हैं जो एक दो दिन में ठीक हो जा रहे हैं। इनमें से कुछ ऐसे केस हैं, जिनको वेंटिलेटर पर रखना पड़ रहा है। कैंपस में कुल चार मेडिसिन वार्ड हैं। यदि एक वार्ड फुल हो जाता है तो हम बढ़े हुए मरीजों को दूसरे में शिफ्ट कर दिया जाएगा।
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डॉ. माधव ने सुझाव दिया कि मरीज अपने मन से किसी दवा का सेवन न करें। बिना सलाह के दवा लेने से शरीर में इंसुलिन प्रतिरोध और रक्त वाहिकाओं पर दबाव बढ़ाते हैं, जिससे ये बीमारियां बढ़ती हैं और हृदय, किडनी व आंखों के लिए खतरा पैदा करती हैं।
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