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कोरोना से जंग: गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज करेगा संभावित कोविड मरीजों की जांच, केवल सतर्कता की जरूरत

Fri, 22 Dec 2023 12:33 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 22 Dec 2023 12:33 PM IST
सार

सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने कहा कि अभी कोई नया संक्रमित केस नहीं मिला है। कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर घबराने की नहीं, सतर्क रहने की जरूरत है। अधिकांश लोगों को कोरोना से बचाव का टीका लग चुका है। संभावित मरीजों की जांच व इलाज की पूरी व्यवस्था है।

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BRD Medical College of Gorakhpur will examine possible Covid patients
BRD - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

केरल में कोरोना के नए केस सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तरफ से तैयारियां शुरू कर दी हैं। हालांकि पूर्वांचल में अभी कोई केस नहीं आया है, लेकिन जिला अस्पताल से लेकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज तक में जांच की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।

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मेडिकल कॉलेज के एसआईसी डॉ. राजेश राय ने बताया कि रिजर्व किट हैं और इमरजेंसी व ओपीडी में डॉक्टरों को सलाह दी गई है कि अगर कोई संभावित केस आता है तो उसकी तत्काल जांच कराई जाएगी।
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जिला अस्पताल में भी इस तरह के जांच के इंतजाम किए गए हैं। कोरोना वायरस के नए सब वेरिएंट जेएन.1 का संक्रमण बढ़ने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि, यह वैरिएंट पांच महीने पहले यूरोप में सामने आया था।
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विशेषज्ञों का कहना है कि अपने देश में टीका लगने व अन्य कारणों से लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ी है। एम्स में हुए एक सर्वे के अनुसार, पूर्वांचल में 93 प्रतिशत लोगों में एंटीबॉडी बन चुकी है। इसलिए इस नए वैरिएंट को लेकर घबराने की नहीं, बल्कि सतर्कता बरतने की जरूरत है।

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93 प्रतिशत लोगों में बन चुकी है एंटीबॉडी
एम्स गोरखपुर में कोरोना की तीनों लहरों में अलग-अलग सीरो सर्वे कराए गए। कार्यकारी निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर के नेतृत्व में डॉ. प्रदीप और डॉ. रमाशंकर ने सर्वे कार्य पूरा किया। सर्वे की रिपोर्ट बताती है कि तीसरी लहर के बाद पूर्वांचल के 93 प्रतिशत लोगों में एंटीबॉडी बन चुकी है। इससे पहले दूसरी लहर में 90.5 प्रतिशत और पहली लहर में 73.9 प्रतिशत लोगों में एंटीबॉडी बनी थी। लगातार छह महीने तक एंटीबॉडी उच्च स्तर पर बनी रही। विशेषज्ञों का कहना है कि एंटीबॉडी बने रहने पर संक्रमण का खतरा काफी हद तक कम हो गया है।

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आरएमआरसी वैज्ञानिक डॉ. अशोक पांडेय ने कहा कि कोरोना का जो नया वेरिएंट जेएन.1 आया है, वह यूरोपीय देशाें में पांच महीने पहले मिला था। वहां से केरल होते हुए देश के विभिन्न हिस्सों में फैल रहा है। अभी जो केस सामने आए है, उसमें वायरस के चलते बहुत अधिक दिक्कतें नहीं आई हैं। केरल में जो मौते हुई हैं, उनमें अभी इसकी जांच होनी बाकी है कि केवल कोरोना के चलते ही मौत हुई, या वे लोग पहले से ही किसी अन्य बीमारी से ग्रसित थे। ऐसा देखा गया है कि जिन लोगों को कोरोना से बचाव का टीका लग चुका है, उनमें नए वैरिएंट का भी प्रभाव अधिक नहीं है।

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सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने कहा कि अभी कोई नया संक्रमित केस नहीं मिला है। कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर घबराने की नहीं, सतर्क रहने की जरूरत है। अधिकांश लोगों को कोरोना से बचाव का टीका लग चुका है। संभावित मरीजों की जांच व इलाज की पूरी व्यवस्था है। जिला अस्पताल से लेकर उच्च संस्थानों तक में इसकी पूरी व्यवस्था है। अगर किसी को दिक्क्त आएगी तो सरकारी अस्पताल में उसे हर तरह की सुविधा दी जाएगी।

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