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Gorakhpur News: टीवी उन्मूलन में बीआरडी मेडिकल कॉलेज को मिला पुरस्कार
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गोरखपुर। टीवी मुक्त भारत के लिए स्टेट टास्क फोर्स की 48वीं बैठक पीजीआई लखनऊ में आयोजित हुई। इस बैठक में प्रदेश भर में टीवी उन्मूलन में बेहतर कार्य करने के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज को सम्मानित किया गया। मेडिकल कॉलेज के चेस्ट व टीबी रोग के विभागाध्यक्ष डॉ. अश्विनी मिश्रा को स्टेट टास्क फोर्स का वाइस चेयरमैन बनाया गया।
बैठक में वर्चुअल माध्यम से प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा प्रार्थी सेन शर्मा, पीजीआई के डायरेक्टर डॉ. आरके धीमान, जोनल टास्क फोर्स नार्थ जोन के अध्यक्ष डॉ. सूर्यकांत समेत प्रदेश के 70 मेडिकल कॉलेज के टीवी व चेस्ट रोग विभाग के विभागाध्यक्ष, डीटीओ व अन्य चिकित्सा शिक्षक शामिल हुए।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज ने प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में पांचवां स्थान हासिल किया है। इसमें बीआरडी मेडिकल कॉलेज के टीवी व चेस्ट विभाग से डॉ. अश्विनी कुमार मिश्रा और माइक्रोबायोलॉजी विभाग से डॉ. अमरेश सिंह शामिल हुए। डॉ. अश्विनी मिश्रा ने बताया कि बीते 11 महीने में टीवी व चेस्ट विभाग और माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने संयुक्त प्रयास से 4500 टीबी मरीजों को खोज कर उनका उचित इलाज किया। डॉ. अश्विनी मिश्रा को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के स्टेट टास्क फोर्स का वाइस चेयरमैन बनाया गया।
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जो जांच बाहर ढाई हजार की, वह मेडिकल कॉलेज में फ्री
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि कॉलेज के टीवी व चेस्ट रोग विभाग और माइक्रोबायोलॉजी विभाग में टीवी की समुचित जांच और उपचार उपलब्ध है। टीवी की जांच बाहर दो से ढाई हजार रुपये में होती है, वो जांच मेडिकल कॉलेज में मुफ्त होती है। टीवी की जो दवा बाजार में करीब एक लाख रुपये की आती है, वह मेडिकल कॉलेज में मुफ्त में दी जाती है। प्राचार्य ने टीवी उन्मूलन के लिए पुरस्कार पाने पर डॉक्टरों को बधाई दी है।
बैठक में वर्चुअल माध्यम से प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा प्रार्थी सेन शर्मा, पीजीआई के डायरेक्टर डॉ. आरके धीमान, जोनल टास्क फोर्स नार्थ जोन के अध्यक्ष डॉ. सूर्यकांत समेत प्रदेश के 70 मेडिकल कॉलेज के टीवी व चेस्ट रोग विभाग के विभागाध्यक्ष, डीटीओ व अन्य चिकित्सा शिक्षक शामिल हुए।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज ने प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में पांचवां स्थान हासिल किया है। इसमें बीआरडी मेडिकल कॉलेज के टीवी व चेस्ट विभाग से डॉ. अश्विनी कुमार मिश्रा और माइक्रोबायोलॉजी विभाग से डॉ. अमरेश सिंह शामिल हुए। डॉ. अश्विनी मिश्रा ने बताया कि बीते 11 महीने में टीवी व चेस्ट विभाग और माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने संयुक्त प्रयास से 4500 टीबी मरीजों को खोज कर उनका उचित इलाज किया। डॉ. अश्विनी मिश्रा को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के स्टेट टास्क फोर्स का वाइस चेयरमैन बनाया गया।
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जो जांच बाहर ढाई हजार की, वह मेडिकल कॉलेज में फ्री
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि कॉलेज के टीवी व चेस्ट रोग विभाग और माइक्रोबायोलॉजी विभाग में टीवी की समुचित जांच और उपचार उपलब्ध है। टीवी की जांच बाहर दो से ढाई हजार रुपये में होती है, वो जांच मेडिकल कॉलेज में मुफ्त होती है। टीवी की जो दवा बाजार में करीब एक लाख रुपये की आती है, वह मेडिकल कॉलेज में मुफ्त में दी जाती है। प्राचार्य ने टीवी उन्मूलन के लिए पुरस्कार पाने पर डॉक्टरों को बधाई दी है।