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बीआरडी: ट्राॅमा सेंटर पर बढ़ाई गई निगरानी, बेवजह घूमने वालों पर होगी कार्रवाई
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सीसीटीवी कैमरे से रखी जा रही नजर, पुलिस ने भी बढ़ाई सक्रियता
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य ने दलालों पर सख्ती के लिए बनाए गए नियमों पर अमल शुरू करा दिया है। प्राचार्य ने सभी विभागाध्यक्षाें व कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि अस्पताल आए मरीजों को सुविधाओं के बारे में भी बताएं, जिससे कि दलाल उन्हें भ्रमित न कर सकें। ट्राॅमा सेंटर के कर्मचारियों व इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर (ईएमओ) को भी इस मामले में सतर्कता बरतने को कहा गया है। ट्राॅमा सेंटर पर सीसीटीवी कैमरे से नजर रखने के अलावा पुलिस की गश्त भी बढ़ाई जा रही है।
बीते शुक्रवार की रात में बीआरडी मेडिकल कॉलेज से तीन मरीजों को दलालों ने ईशु अस्पताल भेज दिया था। मामले का खुलासा होने के बाद से प्राचार्य डॉ. सुनील आर्या ने इस मामले में सख्ती दिखानी शुरू की। प्राचार्य ने बताया कि अब सीसीटीवी कैमरे के नियंत्रण कक्ष में बैठे कर्मचारी को हमेशा ट्राॅमा सेंटर आए रोगियों पर नजर रखने को कहा गया है, जिससे कि मरीजों के परिजनों से बात करते संदिग्ध दलालों को पकड़ा जा सके। दलाल सर्वाधिक ट्राॅमा सेंटर के गेट पर ही सक्रिय रहते हैं।
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ओपीडी बंद होने पर खुलेगा ट्राॅमा सेंटर का गेट
गंभीर मरीजों के अस्पताल पहुंचते ही दलाल सक्रिय हो जाते हैं। सिद्धार्थनगर जिले से आए एक मरीज को दलालों ने यह कहकर ईशु अस्पताल भेजा था कि सरकारी अस्पताल में इस रोग का इलाज नहीं होता। इस रोगी ने जिला प्रशासन से शिकायत की थी। इसलिए काॅलेज प्रशासन का सबसे ज्यादा ध्यान ट्राॅमा सेंटर पर ही है। प्राचार्य ने निर्देश दिया है कि शाम चार बजे के बाद केवल ट्राॅमा सेंटर का रास्ता ही खोला जाए, शेष दो रास्ते शाम चार बजे से सुबह आठ बजे तक बंद कर दिए जाएं। प्राइवेट वार्ड के पास का रास्ता पहले ही ग्रिल लगाकर बंद करा दिया गया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य ने दलालों पर सख्ती के लिए बनाए गए नियमों पर अमल शुरू करा दिया है। प्राचार्य ने सभी विभागाध्यक्षाें व कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि अस्पताल आए मरीजों को सुविधाओं के बारे में भी बताएं, जिससे कि दलाल उन्हें भ्रमित न कर सकें। ट्राॅमा सेंटर के कर्मचारियों व इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर (ईएमओ) को भी इस मामले में सतर्कता बरतने को कहा गया है। ट्राॅमा सेंटर पर सीसीटीवी कैमरे से नजर रखने के अलावा पुलिस की गश्त भी बढ़ाई जा रही है।
बीते शुक्रवार की रात में बीआरडी मेडिकल कॉलेज से तीन मरीजों को दलालों ने ईशु अस्पताल भेज दिया था। मामले का खुलासा होने के बाद से प्राचार्य डॉ. सुनील आर्या ने इस मामले में सख्ती दिखानी शुरू की। प्राचार्य ने बताया कि अब सीसीटीवी कैमरे के नियंत्रण कक्ष में बैठे कर्मचारी को हमेशा ट्राॅमा सेंटर आए रोगियों पर नजर रखने को कहा गया है, जिससे कि मरीजों के परिजनों से बात करते संदिग्ध दलालों को पकड़ा जा सके। दलाल सर्वाधिक ट्राॅमा सेंटर के गेट पर ही सक्रिय रहते हैं।
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गंभीर मरीजों के अस्पताल पहुंचते ही दलाल सक्रिय हो जाते हैं। सिद्धार्थनगर जिले से आए एक मरीज को दलालों ने यह कहकर ईशु अस्पताल भेजा था कि सरकारी अस्पताल में इस रोग का इलाज नहीं होता। इस रोगी ने जिला प्रशासन से शिकायत की थी। इसलिए काॅलेज प्रशासन का सबसे ज्यादा ध्यान ट्राॅमा सेंटर पर ही है। प्राचार्य ने निर्देश दिया है कि शाम चार बजे के बाद केवल ट्राॅमा सेंटर का रास्ता ही खोला जाए, शेष दो रास्ते शाम चार बजे से सुबह आठ बजे तक बंद कर दिए जाएं। प्राइवेट वार्ड के पास का रास्ता पहले ही ग्रिल लगाकर बंद करा दिया गया है।
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