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Gorakhpur News: साथी की मौत के बाद भड़के बीआरडी के डॉक्टर...अस्पताल में किया हंगामा
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गोरखपुर। मोहद्दीपुर-चारफाटक ओवरब्रिज पर बुधवार रात हादसे के बाद बीआरडी मेडिकल कॉलेज के छात्र आकाश पांडेय को एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज ले जाया गया लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। साथी की मौत की सूचना मिलते ही साथी डॉक्टर अस्पताल पहुंचे और हंगामा करने लगे। अफसरों ने कार्रवाई का आश्वासन देकर डॉक्टरों को शांत कराया। आकाश के शव का पोस्टमार्टम बृहस्पतिवार की सुबह हुआ।
पोस्टमार्टम हाउस पर मेडिकल काॅलेज के सैकड़ों एमबीबीएस छात्रों के साथ कॉलेज प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल, डॉ. रामयश सिंह यादव, डॉ. आरएन यादव मौजूद रहे। आकाश के पिता देवेंद्र पांडेय भी पोस्टमार्टम हाउस पर बेटे का शव लेने पहुंचे थे। वह इकलौते बेटे की मौत के बाद बेसुध पड़े थे।
संतकबीरनगर जिले के मेहदावल के विधायक अनिल त्रिपाठी ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर पिता को ढांढस बधाया साथ ही आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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होली पर अधिकांश छात्र राजेंद्रा हॉस्टल से अपने घर चले गए थे। आकाश अपने हॉस्टल के कमरा नंबर 46 में अकेला रहता था। बगल कमरे में रहने वाले तन्मय ने बताया कि महराजगंज जिले का रहने वाला अनूप कुमार मोहद्दीपुर में मकान बनवाकर रहता है। होली की शाम आकाश अपनी स्कूटी लेकर अनूप से मिलने गया था। वह काफी मिलनसार था। हादसे की खबर सुनकर केजीएमयू से पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे एमबीबीएस तृतीय वर्ष के छात्र श्रेयांश जायसवाल ने बताया कि आकाश सभी से मिलजुल कर रहने वाला लड़का था। हम सभी ने भविष्य का एक बहुत अच्छा डॉक्टर खो दिया। हम छात्रों की मांग है कि जिसने भी ऐसा कृत्य किया है उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। प्राचार्य डाॅ. रामकुमार जायसवाल ने बताया कि छात्र के परिवार के साथ पूरा कॉलेज प्रशासन है। हरसंभव मदद की जा रही है।
डॉक्टर साहब! मेरे दोस्त को जिंदा कर दीजिए...
आकाश पांडेय की मौत की जानकारी मिलते ही उसका दोस्त अनूप मौके पर पहुंचा। अनूप फूट-फूटकर रोने लगा। वह बोला- अभी तो वह मेरे घर से खाना खाकर निकला था। डॉक्टर साहब! प्लीज आप तो डॉक्टर हैं, मेरे दोस्त को जिंदा कर दीजिए। वहां मौजूद दूसरे लोगों ने उसे दिलासा देकर संभाला। आकाश पांडेय संतकबीरनगर जिले के धर्मसिंघवा थाना क्षेत्र के बरगदवां माफी वार्ड नंबर 10 का निवासी था। पिता देवेंद्र नाथ पांडेय की टेंट की दुकान है। आकाश की मां लीलावती देवी हाउस वाइफ हैं। आकाश मां-बाप के इकलौता बेटा था। वह शुरू से ही पढ़ने में बहुत तेज था।
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पोस्टमार्टम हाउस पर मेडिकल काॅलेज के सैकड़ों एमबीबीएस छात्रों के साथ कॉलेज प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल, डॉ. रामयश सिंह यादव, डॉ. आरएन यादव मौजूद रहे। आकाश के पिता देवेंद्र पांडेय भी पोस्टमार्टम हाउस पर बेटे का शव लेने पहुंचे थे। वह इकलौते बेटे की मौत के बाद बेसुध पड़े थे।
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संतकबीरनगर जिले के मेहदावल के विधायक अनिल त्रिपाठी ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर पिता को ढांढस बधाया साथ ही आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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होली पर अधिकांश छात्र राजेंद्रा हॉस्टल से अपने घर चले गए थे। आकाश अपने हॉस्टल के कमरा नंबर 46 में अकेला रहता था। बगल कमरे में रहने वाले तन्मय ने बताया कि महराजगंज जिले का रहने वाला अनूप कुमार मोहद्दीपुर में मकान बनवाकर रहता है। होली की शाम आकाश अपनी स्कूटी लेकर अनूप से मिलने गया था। वह काफी मिलनसार था। हादसे की खबर सुनकर केजीएमयू से पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे एमबीबीएस तृतीय वर्ष के छात्र श्रेयांश जायसवाल ने बताया कि आकाश सभी से मिलजुल कर रहने वाला लड़का था। हम सभी ने भविष्य का एक बहुत अच्छा डॉक्टर खो दिया। हम छात्रों की मांग है कि जिसने भी ऐसा कृत्य किया है उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। प्राचार्य डाॅ. रामकुमार जायसवाल ने बताया कि छात्र के परिवार के साथ पूरा कॉलेज प्रशासन है। हरसंभव मदद की जा रही है।
डॉक्टर साहब! मेरे दोस्त को जिंदा कर दीजिए...
आकाश पांडेय की मौत की जानकारी मिलते ही उसका दोस्त अनूप मौके पर पहुंचा। अनूप फूट-फूटकर रोने लगा। वह बोला- अभी तो वह मेरे घर से खाना खाकर निकला था। डॉक्टर साहब! प्लीज आप तो डॉक्टर हैं, मेरे दोस्त को जिंदा कर दीजिए। वहां मौजूद दूसरे लोगों ने उसे दिलासा देकर संभाला। आकाश पांडेय संतकबीरनगर जिले के धर्मसिंघवा थाना क्षेत्र के बरगदवां माफी वार्ड नंबर 10 का निवासी था। पिता देवेंद्र नाथ पांडेय की टेंट की दुकान है। आकाश की मां लीलावती देवी हाउस वाइफ हैं। आकाश मां-बाप के इकलौता बेटा था। वह शुरू से ही पढ़ने में बहुत तेज था।