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देहदान: शिवराम का आखिरी सपना पूरा
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देहदान: शिवराम का आखिरी सपना पूरा
उरुवा बाजार/शाहपुर (गोरखपुर)। कस्बा बेलाव शाहपुर निवासी शिवराम मौर्य (75) का आखिरी सपना रविवार को पूरा हो गया। उनकी मृत्यु के बाद परिजनों ने शरीर बीआरडी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को सौंप दिया। अब मेडिकल कॉलेज के स्नातक, परास्नातक विद्यार्थी मृत शरीर की मदद से पढ़ाई करेंगे। शिवराम ने दस वर्ष पहले देहदान का संकल्प लिया था।
10 साल पहले 23 जुलाई 2010 को शिवराम मौर्य ने अपने शरीर को बीआरडी मेडिकल कॉलेज जा कर चिकित्सा अनुसंधान के लिए दान करने का संकल्प लिया था। शिवराम पश्चिम बंगाल की स्टील फैक्ट्री में नौकरी करते थे। जब शरीर दान करने का फैसला लिया तो उनके चारों बेटों नरेश, ध्रुपनाथ, रामलाल, और भजुराम ने समर्थन मिला। गत शनिवार की रात लगभग आठ बजे शिवराम का निधन हो गया। परिजनों ने तुरंत मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग के प्रोफेसर डॉ. बिंदु सिंह से संपर्क किया। मेडिकल कॉलेज से शव वाहन आने में देरी हुई तो परिजनों ने प्राइवेट वाहन से शरीर ले कर रात लगभग एक बजे बीआरडी मेडिकल कॉलेज प्रशासन को सौंप दिया। साथ ही रविवार को शिवराम का प्रतीकात्मक पुतला बनाकर सरयू तट शाहपुर में उनका दाह संस्कार किया। मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग के प्रोफेसर डॉ. बिंदु सिंह ने बताया कि शिवराम मौर्या ने शरीर दान करके नेक कार्य किया है। लोगों को इससे जागरूक होना चाहिए। ज्यादा से ज्यादा लोग शरीर दान कर सकें और जिसका लाभ मेडिकल विद्यार्थियों को मिल सके।
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उरुवा बाजार/शाहपुर (गोरखपुर)। कस्बा बेलाव शाहपुर निवासी शिवराम मौर्य (75) का आखिरी सपना रविवार को पूरा हो गया। उनकी मृत्यु के बाद परिजनों ने शरीर बीआरडी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को सौंप दिया। अब मेडिकल कॉलेज के स्नातक, परास्नातक विद्यार्थी मृत शरीर की मदद से पढ़ाई करेंगे। शिवराम ने दस वर्ष पहले देहदान का संकल्प लिया था।
10 साल पहले 23 जुलाई 2010 को शिवराम मौर्य ने अपने शरीर को बीआरडी मेडिकल कॉलेज जा कर चिकित्सा अनुसंधान के लिए दान करने का संकल्प लिया था। शिवराम पश्चिम बंगाल की स्टील फैक्ट्री में नौकरी करते थे। जब शरीर दान करने का फैसला लिया तो उनके चारों बेटों नरेश, ध्रुपनाथ, रामलाल, और भजुराम ने समर्थन मिला। गत शनिवार की रात लगभग आठ बजे शिवराम का निधन हो गया। परिजनों ने तुरंत मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग के प्रोफेसर डॉ. बिंदु सिंह से संपर्क किया। मेडिकल कॉलेज से शव वाहन आने में देरी हुई तो परिजनों ने प्राइवेट वाहन से शरीर ले कर रात लगभग एक बजे बीआरडी मेडिकल कॉलेज प्रशासन को सौंप दिया। साथ ही रविवार को शिवराम का प्रतीकात्मक पुतला बनाकर सरयू तट शाहपुर में उनका दाह संस्कार किया। मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग के प्रोफेसर डॉ. बिंदु सिंह ने बताया कि शिवराम मौर्या ने शरीर दान करके नेक कार्य किया है। लोगों को इससे जागरूक होना चाहिए। ज्यादा से ज्यादा लोग शरीर दान कर सकें और जिसका लाभ मेडिकल विद्यार्थियों को मिल सके।
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