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गोरखपुर में खून माफिया: सरगना के मोबाइल फोन में गिरोह के नाम के कोड वर्ड...ट्रिपल एक्स-घोड़ा
Thu, 21 Sep 2023 12:42 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 21 Sep 2023 12:42 PM IST
सार
पुलिस ने आठ अगस्त को वसील और केशरदेव को गिरफ्तार कर खून माफिया गिरोह का पर्दाफाश किया था। जांच में पता चला कि ये लोग ब्लड बैंक में सेटिंग किए हैं और मजदूरों को रुपयों का लालच देकर उनके खून को बेच दिया करते थे। जरूरतमंद से रुपयों की वसूली का खेल का पर्दाफाश होने के बाद पुलिस ने चार अन्य आरोपियों को पकड़ा, जिसमें दो संविदा कर्मचारी भी थे।
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- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
खून माफिया गिरोह के सरगना वसील को रिमांड पर लेकर पुलिस गिरोह की तह तक जाने की कोशिश में जुटी है। वसील के मोबाइल में कुछ नंबर ऐसे भी हैं, जो कोड वर्ड में सेव हैं। पुलिस को संदेह है कि ये सभी नंबर गिरोह के सदस्यों के हैं।
मसलन, ट्रिपल एक्स, घोड़ा...माई..एक...दो इस तरह के नाम दर्ज हैं। पुलिस इन कोड नंबरों के रहस्य को भी समझना चाह रही है। इन नंबरों के सीडीआर से पुलिस जांच को आगे बढ़ा रही है। उधर पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए दो प्राइवेट ब्लड बैंक प्रभारियों को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया है।
पुलिस ने आठ अगस्त को वसील और केशरदेव को गिरफ्तार कर खून माफिया गिरोह का पर्दाफाश किया था। जांच में पता चला कि ये लोग ब्लड बैंक में सेटिंग किए हैं और मजदूरों को रुपयों का लालच देकर उनके खून को बेच दिया करते थे। जरूरतमंद से रुपयों की वसूली का खेल का पर्दाफाश होने के बाद पुलिस ने चार अन्य आरोपियों को पकड़ा, जिसमें दो संविदा कर्मचारी भी थे।
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मसलन, ट्रिपल एक्स, घोड़ा...माई..एक...दो इस तरह के नाम दर्ज हैं। पुलिस इन कोड नंबरों के रहस्य को भी समझना चाह रही है। इन नंबरों के सीडीआर से पुलिस जांच को आगे बढ़ा रही है। उधर पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए दो प्राइवेट ब्लड बैंक प्रभारियों को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया है।
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पुलिस ने आठ अगस्त को वसील और केशरदेव को गिरफ्तार कर खून माफिया गिरोह का पर्दाफाश किया था। जांच में पता चला कि ये लोग ब्लड बैंक में सेटिंग किए हैं और मजदूरों को रुपयों का लालच देकर उनके खून को बेच दिया करते थे। जरूरतमंद से रुपयों की वसूली का खेल का पर्दाफाश होने के बाद पुलिस ने चार अन्य आरोपियों को पकड़ा, जिसमें दो संविदा कर्मचारी भी थे।
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उनसे पूछताछ के बाद ही पुलिस को प्राइवेट ब्लड बैंकों के भी इसमें शामिल होने की जानकारी मिली। इसके बाद ही पुलिस ने वसील को रिमांड पर ले लिया। 25 सितंबर तक रिमांड पुलिस को मिली है। पुलिस उससे पूछताछ कर जांच को आगे बढ़ा रही है।
खबर है कि सीडीआर की मदद से पुलिस को कुछ खास हासिल नहीं हो सका है कि क्योंकि गिरोह के लोगों ने ज्यादातर कॉल नेट से किया है। लेकिन नंबरों के आधार पर जांच में कई लोगों के शामिल होने की पुष्टि हो गई है। एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने बताया कि पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है। तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
खबर है कि सीडीआर की मदद से पुलिस को कुछ खास हासिल नहीं हो सका है कि क्योंकि गिरोह के लोगों ने ज्यादातर कॉल नेट से किया है। लेकिन नंबरों के आधार पर जांच में कई लोगों के शामिल होने की पुष्टि हो गई है। एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने बताया कि पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है। तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।