UP Panchayat Election 2021: मिशन 2022 का सेमीफाइनल है जिला पंचायत वार्डों का चुनाव
भाजपा, सपा, कांग्रेस व बसपा दमदारी से लड़ रहीं चुनाव, सब दमदारी से चुनाव लड़ने और ज्यादा सीटें जीतने का कर रहे हैं दावा।
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गोरखपुर, बस्ती और आजमगढ़ मंडल से जुड़े 10 जिलों के 526 जिला पंचायत वार्डों के चुनाव को मिशन 2022 के सेमीफाइनल के तौर पर देखा जा रहा है। इन वार्डों से भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी मैदान में हैं। सब दमदारी से चुनाव लड़ने और ज्यादा सीटें जीतने का दावा कर रहे हैं।
किसे-कितने वार्डों से जीत मिलेगी और किसका जिला पंचायत अध्यक्ष होगा, इसका फैसला 2 मई को नतीजों के साथ होगा। इतना जरूर है कि जिस पार्टी की जीत होगी, वह आत्मविश्वास के साथ आगामी विधानसभा के रण में जाएगा।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के पहले चरण का मतदान बृृहस्पतिवार को होगा। ग्राम प्रधान व क्षेत्र पंचायत सदस्य का चुनाव राजनीतिक दल नहीं लड़ रहे हैं लेकिन जिला पंचायत वार्डों से सपा, बसपा, भाजपा और कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। गोरखपुर में जिला पंचायत के 68 वार्ड हैं। भाजपा ने हर वार्ड से प्रत्याशी उतारे हैं, जबकि दूसरे राजनीतिक दल सभी वार्डों से प्रत्याशी नहीं उतार सके हैं।
इन राजनीतिक दलों ने कुछ निर्दलियों को भी समर्थन दिया है। इससे मुकाबला दिलचस्प हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गृह जनपद होने की वजह से सबकी निगाह चुनावी नतीजों पर लगी है। अगर गोरखपुर के नतीजे चौंकाने वाले या फिर भाजपा के खिलाफ आए तो विपक्ष को सरकार को घेरने का मौका मिलेगा। फिलहाल, भाजपा ज्यादा से ज्यादा वार्डों का चुनाव जीतकर अपना जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने की फिराक में है तो सपा 2015 के चुनाव जैसा प्रदर्शन करने का दम भर रही है। पिछला जिला पंचायत अध्यक्ष सपा का ही था।
इस बीच बसपा व कांग्रेस ने भी दमदारी से चुनाव लड़ने का एलान किया है। सबका दावा है कि चुनाव जीतेंगे। जिला पंचायत वार्डों की जीत मिशन 2022 की राह आसान बनाएगी। संदेश देगी कि किस राजनीतिक दल को जनता जनादेश देगी। गोरखपुर मंडल से जुड़े देवरिया, कुशीनगर व महाराजगंज में भी राजनीतिक दलों के बीच तगड़ी लड़ाई है।
बस्ती, संतकबीरनगर और सिद्धार्थनगर से भी सभी राजनीतिक दलों के प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। यही हाल आजमगढ़ मंडल के भी हैं। हर जगह कांटे की टक्कर बताई जा रही है। तीनों मंडलों से जुड़े सभी जिलों में जिला पंचायत के 526 वार्ड हैं।
कांग्रेस ने न्याय पंचायत स्तर पर चुनावी तैयारी की है। इसका लाभ पार्टी समर्थित प्रत्याशियों को मिलेगा। हर प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार किया गया है। जिला पंचायत वार्डों के चुनाव में ही जनता भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने का संदेश देगी। - निर्मला पासवान, जिलाध्यक्ष कांग्रेस
सपा प्रत्याशी दमदारी से चुनाव लड़ रहे हैं। नतीजे सपा के पक्ष में होंगे। दोबारा सपा का जिला पंचायत अध्यक्ष बनेगा। भाजपा सरकार के कामकाज से जनता परेशान है। - नगीना प्रसाद साहनी, जिलाध्यक्ष सपा
जिला पंचायत वार्डों से बसपा ने प्रत्याशी उतारे हैं। जनता का समर्थन मिल रहा है। अच्छे नतीजे आएंगे। सपा व भाजपा की कार्यप्रणाली से जनता नाराज है। - घनश्याम राही, जिलाध्यक्ष बसपा