गोरखपुर: भाजपा को मिला विधायकों की पसंद का प्रत्याशी उतारने का फायदा, ऐसे बनाई गई सफल रणनीति
कैंपियरगंज, पिपराइच, गोरखपुर ग्रामीण, बांसगांव और चौरीचौरा विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े विकास खंडों में बड़ी कामयाबी।
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विस्तार
ब्लॉक प्रमुख चुनाव में विधायकों की पसंद का प्रत्याशी उतारने का फायदा भाजपा को मिला है। ज्यादातर विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े ब्लॉकों में भाजपा प्रत्याशियों के निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ हो गया है। इसमें संगठन के साथ ही विधायकों की रणनीति कारगर रही है।
जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव में संगठन व विधायकों के बीच तालमेल की कमी दिखी थी। इसी का नतीजा रहा था कि गोरखपुर की 68 में से केवल 19 सीट ही भाजपा जीत सकी थी। हार के बाद संगठन व विधायकों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी चला था। इस घटना से पार्टी आलाकमान ने सबक लिया और विधायकों की सहमति से ब्लॉक प्रमुखों के टिकट का बंटवारा किया। संगठन व विधायकों ने मिलकर रणनीति बनाई। इसी का नतीजा है कि 20 से 14 ब्लॉकों में निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ हुआ है।
फतेहबहादुर ने फिर दिखाया राजनीतिक कौशल
जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में शानदार रणनीति बनाने और साधना सिंह के निर्विरोध निर्वाचन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कैंपियरगंज से भाजपा विधायक फतेहबहादुर सिंह का सिक्का ब्लॉक प्रमुख चुनाव में भी चला है। कैंपियरगंज विधानसभा क्षेत्र से जुड़े जंगल कौड़िया, भर्रोहिया और कैंपियरगंज ब्लॉक में भाजपा प्रत्याशियों का निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया है। दूसरे दल से कोई नामांकन पत्र नहीं आया है। इसमें चाणक्य की भूमिका फतेहबहादुर सिंह ने ही निभाई है। नामांकन के दौरान भी भाजपा विधायक डटे रहे। भर्रोहिया जाकर भाजपा प्रत्याशी का नामांकन भी कराया। बताया जा रहा है कि ब्लॉक प्रमुख के तीन प्रत्याशी विधायक के पसंदीदा हैं।
पिपराइच में भी मिली कामयाबी
पिपराइच विधानसभा क्षेत्र से जुड़े तीन विकास खंडों में भी भाजपा प्रत्याशियों के निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ हो गया है। भटहट से दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री की बहू चुनाव लड़ रही हैं। यह टिकट भी भाजपा विधायक महेंद्र पाल सिंह की सिफारिश पर दिया गया था। चरगांवा और पिपराइच से भी भाजपा प्रत्याशियों का निर्विरोध निर्वाचन तय है। कहा जा रहा है कि तीनों टिकट विधायक की सहमति से दिए गए थे। चरगांवा से जिला इकाई संगठन के रणविजय सिंह मुन्ना की पत्नी चुनाव लड़ रही हैं।
विपिन सिंह का दांव भी सटीक रहा
गोरखपुर ग्रामीण से भाजपा विधायक विपिन सिंह की रणनीति कामयाब रही है। पिपरौली (आंशिक) से भाजपा प्रत्याशी का निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ हो गया है। पिछली बार इस सीट से माफिया सुधीर सिंह ब्लॉक प्रमुख थे। इस बार भी सुधीर की पत्नी अंजू सिंह चुनाव जीती हैं, लेकिन ब्लॉक प्रमुख पद के लिए दावेदारी नहीं पेश की हैं। खोराबार विकास खंड से सपा नेता शैलेश यादव नामांकन नहीं कर सके हैं। यहां से भाजपा प्रत्याशी शिव प्रसाद जायसवाल व एक अन्य महिला चुनाव मैदान में हैं। कहा जा रहा है कि महिला को भाजपा ने ही प्रत्याशी बनाया है। शुक्रवार को महिला नाम वापस ले लेंगी, फिर निर्विरोध निर्वाचन का एलान कर दिया जाएगा।
संगीता की रणनीति भी कामयाब रही
चौरीचौरा से भाजपा विधायक संगीता यादव के क्षेत्र में भी पार्टी प्रत्याशियों का दबदबा कायम है। सरदार नगर से शशिकला यादव और ब्रह्मपुर से सुमन यादव के निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ हो गया है। कहा जा रहा है कि शशिकला पहला चुनाव सपा से जीती थीं। इस बार क्षेत्र पंचायत सदस्य का चुनाव जीतीं, तो ब्लॉक प्रमुख पद के लिए भाजपा से दावेदारी कर दीं। इसके पीछे की रणनीति भाजपा विधायक ने ही बनाई थी। यही हाल ब्रह्मपुर विकास खंड का भी रहा है।
बांसगांव की बाजी भी भाजपा के हाथ
पाली में निर्विरोध, सहजनवां में होगा चुनाव
सहजनवां से भाजपा विधायक शीतल पांडेय की रणनीति भी कामयाब रही है। इस विधानसभा क्षेत्र से जुड़े पाली से भाजपा प्रत्याशी शशि प्रताप सिंह का निर्विरोध निर्वाचन तय है। शशि भाजपा जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह सैंथवार के बेटे हैं। पिपरौली आंशिक से भी पार्टी प्रत्याशी को कामयाबी मिली है। सहजनवां से निर्विरोध चुनाव कराने का दांव अभी तक कामयाब नहीं हुआ है। इस सीट से एक से ज्यादा नामांकन हुए हैं। अब सबकी निगाहें नाम वापसी पर टिकी हैं।
खजनी विधायक को नहीं मिली रणनीतिक कामयाबी
भाजपा को सबसे बड़ा झटका खजनी विधानसभा क्षेत्र से जुड़े विकास खंडों से लगा है। नामांकन के दौरान एक भी सीट ऐसी नहीं रही, जिसपर निर्विरोध चुनाव की नौबत आ सकी। बेलघाट में भी निर्विरोध चुनाव की नौबत नहीं आई है। इसे विधायक संत प्रसाद की रणनीतिक चूक के रूप में देखा जा रहा है। यही नहीं, खजनी से भाजपा विधायक संत प्रसाद ने अपनी बहू शांति को उरुवा विकास खंड से चुनाव मैदान में उतारा है। यह ब्लॉक चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा है। लिहाजा, विधायक को रणनीतिक कामयाबी नहीं मिल सकी। विधायक इस सीट का चुनाव निर्विरोध कराना चाह रहे थे, लेकिन और प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल करा दिए। खजनी से भी एक से ज्यादा नामांकन पत्र दाखिल किए गए हैं।
भाजपा ने दुरुस्त किया नौ विधानसभा सीटों का गणित
ब्लॉक प्रमुख चुनाव के बहाने भाजपा ने गोरखपुर की नौ विधानसभा सीटों का गणित दुरुस्त किया है। चिल्लूपार से बसपा विधायक विनय शंकर तिवारी हैं। इस क्षेत्र से तीन विकास खंड गोला, उरुवा व बड़हलगंज जुड़े हैं। गोला में भाजपा प्रत्याशी के निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ हो गया है। उरुवा व बड़हलगंज में एक से ज्यादा नामांकन पत्र दाखिल किए गए हैं। अगर नामांकन पत्र वापस नहीं हुए, तो इन सीटों पर 10 जुलाई को चुनाव कराए जाएंगे, फिर नतीजे सामने आ सकेंगे। बसपा ब्लॉक प्रमुख चुनाव नहीं लड़ रही है। लिहाजा, इन सीटों पर मुकाबला भाजपा व सपा के बीच है।