{"_id":"64cc00384fb4756a760f6b24","slug":"bhojpuri-language-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-261460-2023-08-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: संसद में उठा भोजपुरी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने का मुद्दा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: संसद में उठा भोजपुरी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने का मुद्दा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गोरखपुर। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तथा राज्यसभा सांसद डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने शून्यकाल के दौरान भोजपुरी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग उठाई और आयोग गठित करने की मांग की। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि भाषा सिर्फ शब्द और संवाद ही नहीं होती है बल्कि भाव, सभ्यता और संस्कृति की भी वाहक है।
सांसद ने कहा कि भोजपुरी एक संपूर्ण और समृद्ध भाषा है। अपनी मिठास के लिए जानी जाती हैं। नेपाल, फिजी और मारीशस में यह संवैधानिक भाषा है और दुनिया के चालीस देशों के बीस करोड़ लोग इसे बोलते हैं। मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा की 154 भाषाओं तक में भोजपुरी शामिल हैं लेकिन दुखद है कि भारत की 8वीं अनुसूची में शामिल 22 अधिकृत भाषाओं में इसका नाम नहीं है।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि भोजपुरी भाषा पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर,बलिया, वाराणसी, चंदौली, महराजगंज , गाजीपुर, मिर्जापुर,में , जौनपुर , बस्ती, संतकबीरनगर और सिद्धार्थनगर, बिहार के बक्सर, सारण , सिवान , गोपालगंज, पूर्वी और पश्चिमी चम्पारण, वैशाली, भोजपुर , रोहतास, भभुआ, झारखंड के पलामू और गढ़वा के अतिरिक्त मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और नेपाल के लोगों द्वारा बोली जाती है।
विज्ञापन
सांसद ने कहा कि भोजपुरी एक संपूर्ण और समृद्ध भाषा है। अपनी मिठास के लिए जानी जाती हैं। नेपाल, फिजी और मारीशस में यह संवैधानिक भाषा है और दुनिया के चालीस देशों के बीस करोड़ लोग इसे बोलते हैं। मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा की 154 भाषाओं तक में भोजपुरी शामिल हैं लेकिन दुखद है कि भारत की 8वीं अनुसूची में शामिल 22 अधिकृत भाषाओं में इसका नाम नहीं है।
विज्ञापन
डॉ अग्रवाल ने कहा कि भोजपुरी भाषा पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर,बलिया, वाराणसी, चंदौली, महराजगंज , गाजीपुर, मिर्जापुर,में , जौनपुर , बस्ती, संतकबीरनगर और सिद्धार्थनगर, बिहार के बक्सर, सारण , सिवान , गोपालगंज, पूर्वी और पश्चिमी चम्पारण, वैशाली, भोजपुर , रोहतास, भभुआ, झारखंड के पलामू और गढ़वा के अतिरिक्त मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और नेपाल के लोगों द्वारा बोली जाती है।
विज्ञापन