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गुरु की सेवा से प्राप्त होती है उत्तम शिक्षा: पाराशर

Mon, 22 May 2023 12:58 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 22 May 2023 12:58 AM IST
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Best education is obtained from the service of Guru: Parashar
आज गुरु, छात्रों के घर आकर दे रहे हैं शिक्षा, इसलिए छात्रों में उत्तम विद्या का अभाव
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। गोरखनाथ मंदिर चल रही कथा के समापन अवसर पर कथा व्यास डॉ. श्याम सुन्दर पाराशर ने कहा कि उत्तम शिक्षा गुरु की सेवा से ही प्राप्त होती है। वह भी गुरु के आश्रम में निवास करते हुए उनकी सेवा करें तो उत्तम व श्रेष्ठ ज्ञान प्राप्त होता है। आज समाज में विपरीत परिस्थिति है। गुरु ही छात्रों के घर आकर शिक्षा देता है, जहां सेवा की भावना भी नहीं होती है। इसलिए आज के छात्रों में उत्तम विद्या का अभाव होता है।

कथा व्यास ने जरासंध और कालयवन की कथा सुनाते हुए कहा कि हमारा यह मानव जीवन हीं मथुरा नगरी है। हमारे जीवन का ज्यों हीं 50 वां अध्याय प्रारंभ होता है तभी जरासंध का आक्रमण होने लगता है। जरा अर्थात बुढापा। हम योगासन प्राणायाम और च्यवनप्राश खा कर के उस जरासंध से लड़ते हैं, किंतु अंत में जब कालयवन का हमला होता है तो हमें यह मथुरा नगरी रूपी शरीर छोड़ कर फिर किसी दूसरे नगर को जाकर बसाना पड़ता है। भगवान भी 17 बार जरासंध के आक्रमण में उसको पराजित करते हैं किंतु 18वीं बार जब जरासंध और उसके साथ कालयवन का हमला होता है तो मथुरा नगरी छोड़कर द्वारिकापुरी बसाते हैं।
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- मंदिरों में देवी देवताओं की प्राण प्रतिष्ठा सभी के हित में
कथा समापन में अपने उद्बोधन में गोरक्षपीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मंदिरों में देवी देवताओं की प्राण प्रतिष्ठा समाज के सभी लोगों के हित से जुड़ी हुई है। आप सभी मंदिरों में स्थित मूर्तियों की यदि दूर से पूजा करें और स्वच्छता के प्रति आग्रही बनें तो भगवान की कृपा आप सभी पर होगी। उन्होंने जयपुर राजस्थान के मूर्ति कलाकार मुकेश कुमार जैमिनी व उनके पुत्र को सम्मानित किया साथ ही आर्किटेक्ट इंजीनियर अनुपम अग्रवाल अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया।
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- कथा का कभी विराम नहीं होता
अलवर राजस्थान से पधारे सांसद व महंत बालक नाथ ने कहा कि कथा का कभी विराम नहीं होता, अपितु इस कथा का प्रसाद हमें प्राप्त हुआ है। हम इस प्रसाद को अपने गांव समाज में जाकर वितरित करेंगे। इन आयोजनों के माध्यम से भगवान की कथा जन जन तक पहुंच रही है और आज देश में जो वातावरण बना है यह बना रहे हैं। हमारे धर्म का यश पूरे संसार को प्राप्त हो, इसके लिए हम सब को आगे आना होगा।

- नवाग्रह देवताओं की प्रतिष्ठा, भागवत धर्म की प्रतिष्ठा
अयोध्या धाम से पधारे जगद्गुरु वासुदेवाचार्य ने कहा कि भागवत धर्म ऐसा धर्म है जिस के मार्ग पर पट्टी बांधकर भी दौड़ने वाले व्यक्ति की कभी गिरने की संभावना नहीं रहती है। भागवत कथा भागवत धर्म की प्रतिष्ठा करता है और यहां नवग्रह आदि देवताओं की प्रतिष्ठा भी भागवत धर्म की ही प्रतिष्ठा है। आज हमें जिनके कारण यह सौभाग्य प्राप्त हुआ है ऐसे गोरक्ष पीठाधीश्वर को धन्यवाद देंगे, जिनके कारण आज ब्रिटेन भी अपनी नीतियां बदलने को मजबूर हुआ है।
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