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झोलाछाप करता रहा कोरोना मरीज का इलाज, रिपोर्ट आते क्लीनिक सीज, मचा हड़कंप
Tue, 19 May 2020 12:51 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 19 May 2020 12:51 PM IST
सार
- सतुआभार में बंगाली क्लीनिक पर कोरोना मरीज लेने गया था दवा
- जानकारी मिलने पर बंगाली का क्लीनिक किया गया सीज
- घर में ही चलाता है क्लीनिक, परिवार को किया होम क्वारंटीन
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कोरोना वायरस।
- फोटो : PTI
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विस्तार
गोरखपुर जिले के खजनी के धुवहा गांव का कोरोना पॉजिटिव बुजुर्ग सतुआभार के एक बंगाली क्लीनिक पर अपना इलाज करता रहा। बुजुर्ग उसके क्लीनिक पर सर्दी-जुकाम और बुखार की दवा लेने गया था। मामले की जानकारी मिलते ही सतुआभार गांव में हड़कंप मच गया है। आनन-फानन में बंगाली के क्लीनिक को सीज करते हुए उसके पूरे परिवार को होम क्वारंटीन करा दिया गया है।
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जानकारी के मुताबिक धुवहा गांव का बुजुर्ग 13 मई को मुंबई से ट्रेन से बस्ती आया था। वहां से आने के बाद उसकी थर्मल स्कैनिंग जांच हुई तो उसके शरीर का तापमान ठीक मिला। इस पर उसे होम क्वारंटीन की सलाह दी गई। इसके बाद वह सीधे अपने गांव पहुंच गया। गांव पहुंचने पर दो दिनों तक वह ठीक रहा।
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15 मई को उसकी तबीयत थोड़ी खराब हुई तो वह सतुआभार में एक बंगाली क्लीनिक पर सर्दी-जुकाम और बुखार की दवा लेने चला गया। इस बीच तबीयत में सुधार नहीं हुआ तो बताया जाता है कि वह दूसरी बार भी उसी बंगाली क्लीनिक पर गया। जहां से उसने दोबारा दवा ली।
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पूछताछ के बाद किया गया बंगाली क्लीनिक सील
इसके बाद अचानक 17 मई को उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ी तो 108 एंबुलेंस की मदद से उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज पत्नी के साथ भेजा गया। सोमवार को उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है।
कोरोना पॉजिटिव मरीज से पूछताछ में पता चला कि वह बंगाली क्लीनिक पर इलाज के लिए गया था। इसके बाद आनन-फानन में एसडीएम खजनी की अगुवाई में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम सतुआभार गांव में पहुंची।
जहां बंगाली क्लीनिक को सील करते हुए उसके पूरे परिवार को होम क्वारंटीन की सलाह दी गई। खजनी एसडीएम बिपिन कुमार ने बताया कि बंगाली क्लीनिक को सील करते हुए उसके पूरे परिवार को होम क्वारंटीन करा दिया गया है।
करते रहे जांच नहीं पड़ी बंगाली क्लीनिकों पर निगाह
स्वास्थ्य विभाग की पांच टीमें इमरजेंसी में इलाज करने वाले निजी अस्पतालों की जांच पूरे जिले में कर रहे हैं। लेकिन टीम की निगाह बंगाली क्लीनिकों पर नहीं पड़ी। यही वजह है कि बंगाली क्लीनिक विभाग की शह पर मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
बंगाली के यहां इलाज कराने वालों की तलाश की जा रही
स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से सतुआभार गांव के लोगों की मुसीबत बढ़ गई है। बंगाली क्लीनिक पर आसपास के करीब 10 से अधिक गांव के लोग इलाज कराने आते थे। ऐसे में कोरोना पॉजिटिव मरीज जिस दिन गया था। वहां पर उस दिन कितने मरीज थे। किस-किस गांव से आए थे। उसकी तलाश शुरू कर दी गई है।
कोरोना पॉजिटिव मरीज से पूछताछ में पता चला कि वह बंगाली क्लीनिक पर इलाज के लिए गया था। इसके बाद आनन-फानन में एसडीएम खजनी की अगुवाई में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम सतुआभार गांव में पहुंची।
जहां बंगाली क्लीनिक को सील करते हुए उसके पूरे परिवार को होम क्वारंटीन की सलाह दी गई। खजनी एसडीएम बिपिन कुमार ने बताया कि बंगाली क्लीनिक को सील करते हुए उसके पूरे परिवार को होम क्वारंटीन करा दिया गया है।
करते रहे जांच नहीं पड़ी बंगाली क्लीनिकों पर निगाह
स्वास्थ्य विभाग की पांच टीमें इमरजेंसी में इलाज करने वाले निजी अस्पतालों की जांच पूरे जिले में कर रहे हैं। लेकिन टीम की निगाह बंगाली क्लीनिकों पर नहीं पड़ी। यही वजह है कि बंगाली क्लीनिक विभाग की शह पर मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
बंगाली के यहां इलाज कराने वालों की तलाश की जा रही
स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से सतुआभार गांव के लोगों की मुसीबत बढ़ गई है। बंगाली क्लीनिक पर आसपास के करीब 10 से अधिक गांव के लोग इलाज कराने आते थे। ऐसे में कोरोना पॉजिटिव मरीज जिस दिन गया था। वहां पर उस दिन कितने मरीज थे। किस-किस गांव से आए थे। उसकी तलाश शुरू कर दी गई है।