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बेलीपार लूटकांड: दोस्त ने रची थी साजिश..फिर साथियों संग लूट लिए थे 12 लाख

Fri, 29 Dec 2023 10:50 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 29 Dec 2023 10:50 AM IST
सार

गोरखपुर में बेलीपार लूटकांड का पुलिस ने भले ही पर्दाफाश कर दिया हो, लेकिन आशंका है कि रकम बैंकाक से नहीं आई, बल्कि यह हवाला की है। आशंका है कि यह रकम एक स्वर्ण व्यापारी की है, जिसे हवाला के जरिए खपाया जा रहा था।

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Belipar robbery Friend hatched conspiracy looted Rs 12 lakh with associates
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

बेलीपार इलाके के जीतपुर गांव के पास धस्का निवासी सुजीत से 12 लाख रुपये लूट में शामिल तीन आरोपियों को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर पुलिस ने घटना का पर्दाफाश कर दिया। घटना की साजिश सुजीत के दोस्त शिवम ने रची थी। उसे मालूम था कि सुजीत रुपयों से भरा बैग लेकर जाने वाला है। उसने मोबाइल फोन पर बातचीत कर उसका लोकेशन ले लिया था। इसके बाद शिवम ने अपने साथियों को भेजकर लूट की घटना करा दी।

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शिवम ने ही एक साथी की मदद से पुलिस को लूट की सूचना दी थी। घटना में शामिल चार अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम लगी है। आरोपियों के पास से पुलिस ने पिस्टल, कारतूस, तीन लाख 65 हजार रुपये नकद, 100-100 डालर के 40 नोट, 100 यूरो का एक नोट, लूटा गया बैग और घटना में इस्तेमाल बाइक बरामद कर ली है।
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पकड़े गए आरोपियों की पहचान खजनी के सतुआभार निवासी शिवम उर्फ सोनू, बांसगांव के भैसाबाजार निवासी रामआशीष और प्रदीप यादव के रूप में हुई है, जबकि पगार गांव निवासी राज पंडित उर्फ गोविंद, राकेश कुमार, सत्यम राय और एक अन्य फरार हैं। गिरफ्तारी करने वाली टीम को एसएसपी ने 25 हजार रुपये का इनाम दिया है।
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एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने पुलिस लाइंस में प्रेस कांफ्रेंस कर पकड़े गए बदमाशों के बारे में जानकारी दी। एसएसपी ने बताया कि कौड़ीराम के धस्का निवासी सुजीत यादव के साथ लूट हुई थी। 12 लाख रुपये की जानकारी होने के बाद पुलिस अज्ञात पर केस दर्ज कर जांच में जुटी थी। पुलिस की चार अलग-अलग टीमें घटना के पर्दाफाश के लिए लगी थीं।

जांच के दौरान पीड़ित ने कई बार बयान बदला। इससे मामला संंदिग्ध लग रहा था। जब पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे और दूसरे स्रोतों की मदद से जांच आगे बढ़ाई तो मुख्य आरोपी शिवम तक पहुंच गई। उसके पकड़े जाने के बाद पूरी घटना खुल गई।

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रास्ते में 3.43 लाख रुपये लेने के बाद शिवम ने कराई थी लूट
सुजीत के पास 24 दिसंबर की रात में 15 लाख रुपये आए थे। इसमें से शिवम को महेंद्रा वर्कशॉप के पास उसने तीन लाख 43 हजार रुपये दे दिए थे। बाकी रुपये लेकर वह घर जा रहा था। इसके पहले ही शिवम ने अपने साथियों को सेट कर लिया था। जैसे ही रुपया देने के बाद सुजीत आगे निकला, उसने मुखबिरी कर दी और फिर उसके साथ लूूट की घटना हो गई। शिवम फिर लगातार मोबाइल फोन से उससे बातचीत करता रहा।

 
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