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Gorakhpur News: लोकसभा चुनाव के पहले कांग्रेसियों में छिड़ी वजूद की जंग...बैठक पर रार
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महामंत्री ने बैठक में न बुलाने का मुद्दा उठाया तो जिलाध्यक्ष ने दो साल पहले ही हटाने की बात कह डाली
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। गठबंधन में कांग्रेस को मिली बांसगांव लोकसभा क्षेत्र की तैयारी अभी शुरू भी नहीं हुई कि कांग्रेस में अंदरुनी रार अब सार्वजनिक होने लगी है। व्हाट्स एप ग्रुप पर बैठक में नहीं बुलाए जाने को लेकर अब कांग्रेस के जिलाध्यक्ष और महामंत्री में छिड़ी बहस आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गया है। महामंत्री ने बैठक न बुलाने का मुद्दा उठाया है तो जिलाध्यक्ष ने दो साल पहले ही महामंत्री को उनके पद से हटाए जाने की बात कहकर माहौल को गरमा दिया है।
बृहस्पतिवार को इंडिया गठबंधन की बैठक थी। जिला महामंत्री का आरोप है कि जिलाध्यक्ष ने उन्हें इस बैठक में चलने के लिए निमंत्रित नहीं किया था। वहीं, जिलाध्यक्ष का कहना है कि जो आरोप लगा रहे हैं, उन्हें महामंत्री पद से दो साल पहले ही हटाया जा चुका है। इस संबंध में कांग्रेस महामंत्री व मीडिया प्रभारी अनिल सोनकर का कहना है कि जिलाध्यक्ष मनमानी करती हैं। जिले के पदाधिकारियों की सूची प्रदेश कांग्रेस कमेटी से अनुमोदित है, लेकिन जिलाध्यक्ष पदाधिकारियों को निष्ठापूर्वक काम नहीं करते देती हैं। जिले में संगठन बहुत कमजोर हो गया है। महामंत्री का कहना है कि उन्होंने जिले की स्थिति से प्रदेश नेतृत्व को भी अवगत कराया है। इसका लोकसभा चुनाव पर भी असर पड़ना तय है।
वहीं जिलाध्यक्ष निर्मला पासवान का कहना है कि अनिल सोनकर को दो साल पहले ही वरिष्ठ पदाधिकारियों से दुर्व्यवहार के आरोप में पद से हटाया जा चुका है। इंडिया गठबंधन के साथ बैठक की सूचना संगठन के ह्वाट्सएप ग्रुप में साझा की गई थी, जिसके आधार पर अन्य लोग पहुंचे थे, लेकिन वे नहीं गए। पहले भी इस तरह के मामले हो चुके हैं। संगठन का शीर्ष नेतृत्व इन सबसे अवगत है।
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। गठबंधन में कांग्रेस को मिली बांसगांव लोकसभा क्षेत्र की तैयारी अभी शुरू भी नहीं हुई कि कांग्रेस में अंदरुनी रार अब सार्वजनिक होने लगी है। व्हाट्स एप ग्रुप पर बैठक में नहीं बुलाए जाने को लेकर अब कांग्रेस के जिलाध्यक्ष और महामंत्री में छिड़ी बहस आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गया है। महामंत्री ने बैठक न बुलाने का मुद्दा उठाया है तो जिलाध्यक्ष ने दो साल पहले ही महामंत्री को उनके पद से हटाए जाने की बात कहकर माहौल को गरमा दिया है।
बृहस्पतिवार को इंडिया गठबंधन की बैठक थी। जिला महामंत्री का आरोप है कि जिलाध्यक्ष ने उन्हें इस बैठक में चलने के लिए निमंत्रित नहीं किया था। वहीं, जिलाध्यक्ष का कहना है कि जो आरोप लगा रहे हैं, उन्हें महामंत्री पद से दो साल पहले ही हटाया जा चुका है। इस संबंध में कांग्रेस महामंत्री व मीडिया प्रभारी अनिल सोनकर का कहना है कि जिलाध्यक्ष मनमानी करती हैं। जिले के पदाधिकारियों की सूची प्रदेश कांग्रेस कमेटी से अनुमोदित है, लेकिन जिलाध्यक्ष पदाधिकारियों को निष्ठापूर्वक काम नहीं करते देती हैं। जिले में संगठन बहुत कमजोर हो गया है। महामंत्री का कहना है कि उन्होंने जिले की स्थिति से प्रदेश नेतृत्व को भी अवगत कराया है। इसका लोकसभा चुनाव पर भी असर पड़ना तय है।
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वहीं जिलाध्यक्ष निर्मला पासवान का कहना है कि अनिल सोनकर को दो साल पहले ही वरिष्ठ पदाधिकारियों से दुर्व्यवहार के आरोप में पद से हटाया जा चुका है। इंडिया गठबंधन के साथ बैठक की सूचना संगठन के ह्वाट्सएप ग्रुप में साझा की गई थी, जिसके आधार पर अन्य लोग पहुंचे थे, लेकिन वे नहीं गए। पहले भी इस तरह के मामले हो चुके हैं। संगठन का शीर्ष नेतृत्व इन सबसे अवगत है।
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