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Gorakhpur News: रहें सावधान! डेंगू ने दी है दस्तक, दो महीने करेगा परेशान
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हर साल 15 अगस्त के बाद शुरू हो जाते हैं डेंगू के केस
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। जिले में हर साल 15 अगस्त के बाद डेंगू के केस तेजी से बढ़ते हैं। पिछले कुछ वर्षाें का पैटर्न देखते हुए इस साल स्वास्थ्य विभाग ने पहले से ही लोगों को सतर्क करना शुरू कर दिया है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में दो नए केस आ भी गए हैं। इसे देखते हुए विशेषज्ञों की सलाह है कि लोग खुद से भी सतर्कता बरतें।
हर साल अगस्त से अक्तूबर तक का महीना डेंगू के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह बताते हैं कि पिछले छह-सात वर्षों में एक बात जो सामान्य रही है, वह यह कि इस बीमारी की शुरुआत दूसरे राज्यों से आए मरीजों से होती है।
एक बार जब केस मिलने शुरू हो जाते हैं तो उनके नियंत्रण में खासी मशक्कत करनी पड़ती है, क्योंकि यहां के नमी भरे वातावरण और बारिश के दौरान जगह-जगह जमा साफ पानी में डेंगू वाले मच्छरों का फैलाया भी तेज होता है। इस बार भी स्थितियों कुछ ऐसी ही हैं।
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इस महीने ट्रांसपोर्टनगर में अचानक जांच हुई तो करीब 700 से अधिक जलस्रोत में मच्छरों के लार्वा पाए गए। कई टायरों के पानी में लार्वा मिलने के बाद नोटिस भी जारी हो चुके हैं।
-- --
वर्ष-- -- -- -डेंगू के केस
2023-- -- - 276
2022-- -- -- 318
2021-- -- -- -67
2020-- -- - 09
2019-- -- -- 114
2018-- -- -- -25
-- -
ये रखें सावधानी
जिला अस्पताल में डेंगू के नोडल अफसर वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि डेंगू भी एक वायरल फीवर है। इससे घबराने के बजाय अगर समय से इलाज कराया जाए तो यह बिना किसी दिक्कत के पूरी तरह से ठीक हो जाता है। उन्होंने ये सुझाव दिए।
पूरी बांह के कपड़े पहनें और मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग जरूर करें।
अगर बुखार है तो बिना जांच कराए एंटीबायोटिक दवा न खाएं
बुखार होने पर अधिक से अधिक आराम करें और केवल पेरासिटामोल का टेबलेट ही लें।
शरीर की तरलता बनाए रखने के लिए ओआरएस और नारियल पानी पीते रहें।
बुखार के मरीज को अनिवार्य रूप से मच्छरदानी में ही सुलाएं, जिससे घर के अन्य लोग सुरक्षित रहें।
जिला अस्पताल व सभी सरकारी अस्पतालों में जांच व इलाज निशुल्क उपलब्ध है।
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वर्जन
मलेरिया विभाग लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चला रहा है। लोगों से अपील है कि बुखार होने पर बिना जांच कराए एंटीबायोटिक दवाएं न खाएं। मेडिकल कॉलेज, एम्स, आरएमआरसी, जिला अस्पताल और सभी सीएचसी-पीएचसी में डेंगू की जांच होती है। अपने नजदीक के अस्पताल में ही जांच कराकर इलाज शुरू कराएं। डेंगू के पिछले साल जितने भी मरीज चिह्नित हुए थे, इलाज से सभी ठीक हो गए थे।
- अंगद सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। जिले में हर साल 15 अगस्त के बाद डेंगू के केस तेजी से बढ़ते हैं। पिछले कुछ वर्षाें का पैटर्न देखते हुए इस साल स्वास्थ्य विभाग ने पहले से ही लोगों को सतर्क करना शुरू कर दिया है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में दो नए केस आ भी गए हैं। इसे देखते हुए विशेषज्ञों की सलाह है कि लोग खुद से भी सतर्कता बरतें।
हर साल अगस्त से अक्तूबर तक का महीना डेंगू के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह बताते हैं कि पिछले छह-सात वर्षों में एक बात जो सामान्य रही है, वह यह कि इस बीमारी की शुरुआत दूसरे राज्यों से आए मरीजों से होती है।
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एक बार जब केस मिलने शुरू हो जाते हैं तो उनके नियंत्रण में खासी मशक्कत करनी पड़ती है, क्योंकि यहां के नमी भरे वातावरण और बारिश के दौरान जगह-जगह जमा साफ पानी में डेंगू वाले मच्छरों का फैलाया भी तेज होता है। इस बार भी स्थितियों कुछ ऐसी ही हैं।
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इस महीने ट्रांसपोर्टनगर में अचानक जांच हुई तो करीब 700 से अधिक जलस्रोत में मच्छरों के लार्वा पाए गए। कई टायरों के पानी में लार्वा मिलने के बाद नोटिस भी जारी हो चुके हैं।
वर्ष
2023
2022
2021
2020
2019
2018
ये रखें सावधानी
जिला अस्पताल में डेंगू के नोडल अफसर वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि डेंगू भी एक वायरल फीवर है। इससे घबराने के बजाय अगर समय से इलाज कराया जाए तो यह बिना किसी दिक्कत के पूरी तरह से ठीक हो जाता है। उन्होंने ये सुझाव दिए।
पूरी बांह के कपड़े पहनें और मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग जरूर करें।
अगर बुखार है तो बिना जांच कराए एंटीबायोटिक दवा न खाएं
बुखार होने पर अधिक से अधिक आराम करें और केवल पेरासिटामोल का टेबलेट ही लें।
शरीर की तरलता बनाए रखने के लिए ओआरएस और नारियल पानी पीते रहें।
बुखार के मरीज को अनिवार्य रूप से मच्छरदानी में ही सुलाएं, जिससे घर के अन्य लोग सुरक्षित रहें।
जिला अस्पताल व सभी सरकारी अस्पतालों में जांच व इलाज निशुल्क उपलब्ध है।
वर्जन
मलेरिया विभाग लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चला रहा है। लोगों से अपील है कि बुखार होने पर बिना जांच कराए एंटीबायोटिक दवाएं न खाएं। मेडिकल कॉलेज, एम्स, आरएमआरसी, जिला अस्पताल और सभी सीएचसी-पीएचसी में डेंगू की जांच होती है। अपने नजदीक के अस्पताल में ही जांच कराकर इलाज शुरू कराएं। डेंगू के पिछले साल जितने भी मरीज चिह्नित हुए थे, इलाज से सभी ठीक हो गए थे।
- अंगद सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी