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#LadengCoronaSe: इस पुलिसवाले की कहानी जानकर आप भी करेंगे सलाम, बच्चों का दर्द भूलकर कर्तव्य को दी तरजीह
Fri, 21 May 2021 09:41 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 21 May 2021 09:41 PM IST
सार
इंस्पेक्टर बांसगांव के दो बच्चे प्रयागराज में थे कोरोना पॉजिटिव, कर्तव्य के आगे नहीं गए घर, फोन से ही देते रहे दिलासा।
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बांसगांव इंस्पेक्टर राणा देवेंद्र प्रताप सिंह
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
कोरोना की इस महामारी में जहां लोग परिवार को लेकर चिंतित और परेशान है वहीं कई ऐसे पुलिस वाले है जो फर्ज के आगे परिवार को समय नहीं दे पा रहे हैं। ताजा मामला बांसगांव इंस्पेक्टर राणा देवेंद्र प्रताप सिंह का सामने आया है।
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उनकी एक बेटी और एक बेटा कोरोना पॉजिटिव हो गए थे। परिवार प्रयागराज में है लेकिन सिर्फ फोन से ही दवा बता पा रहे थे, खुद वहां तक नहीं जा पाए। लगातार ड्यूटी करते हुए कानून व्यवस्था का पालन कराए और रात में समय मिलने पर घर पर हालचाल भी लिए। समाज और परिवार के बीच फर्ज को बखूबी निभाने वाले राणा देवेंद्र के बच्चे अब स्वस्थ हो गए हैं।
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जानकारी के मुताबिक, इंस्पेक्टर की 15 साल की बेटी आंचल और 12 साल का बेटा शिखर सिंह कोरोना पॉजिटिव हो गए। पहले बेटा बीमार हुआ और फिर बेटी भी चपेट में आ गई। बच्चे फोन पर रोते थे लेकिन जिम्मेदारी की वजह से छुट्टी संभव नहीं थी।
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राणा देवेंद्र बताते हैं कि घर से फोन आने पर समझाते थे और शहर के डॉक्टर से बातचीत कर वहां पर व्हाट्सएप से दवा का नाम भेजते थे। प्रयागराज के कुछ दोस्त काम आए और वह दवा ले जाकर पहुंचा दे रहे थे। पिछले साल लॉकडाउन के दौरान भी इंस्पेक्टर रामगढ़ताल रहते हुए मां की पुण्यतिथि पर नहीं जा पाए थे और गरीबों में भोजन बंटवा कर कानून व्यवस्था की कमान संभाले थे।