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Gorakhpur News: बैंकों में चेक क्लीयरिंग का संकट, करोड़ों रुपये फंसे

Fri, 17 Oct 2025 02:10 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 17 Oct 2025 02:10 AM IST
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Banks face cheque clearing crisis, crores of rupees stuck
- व्यापारी झेल रहे सर्वाधिक परेशानी, आमजन लगा रहे बैंकों के चक्कर
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- लीड बैंक मैनेजर बोले- कुछ दिन अभी रहेगी समस्या, आरबीआई कर रहा साॅफ्टवेयर अपडेशन


अमर उजाला ब्यूरो

गोरखपुर। बैंकों में इन दिनों चेक क्लीयरिंग का संकट है। आलम यह है कि सैकड़ाें लोगों के करोड़ों रुपये फंसे हुए हैं। सर्वाधिक परेशानी व्यापारियों को हो रही है। आमजन तो बैंकों के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उन्हें संतोषजनकर जवाब नहीं मिल रहा है। बताया जा रहा है कि आरबीआई नए साॅफ्टवेयर का अपडेशन कर रहा है, जिससे एक ही दिन में अब सभी चेक क्लीयर हो जाएंगे। लगभग सभी बैंकोें में चेक क्लीयर न होने से व्यापारियों और आमजन में हाहाकार मचा हुआ है।

बैंकों के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक ने चेक क्लीयरिंग के नियम में कुछ बदलाव किए हैं। तीन जनवरी 2026 से उसी दिन चेक क्लीयर करने का नियम बनाया गया है। इसके तहत चेक जमा करने के तीन घंटे के भीतर क्लीयर हो जाएगा। पहला चरण चार अक्तूबर 2025 से 3 जनवरी 2026 तक है। इसमें बैंक में चेक जमा करने के बाद शाम सात बजे तक कन्फर्मेशन देना होगा, वरना चेक अपने आप क्लीयर मान लिया जाएगा। इस नए सिस्टम से ग्राहकों को रुपये तेजी से मिलेंगे और बैंकों की लेन-देन की दक्षता बढ़ेगी।
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बताया जा रहा है कि पहले चरण को लेकर आरबीआई साॅफ्टवेयर अपडेशन कर रहा है। इसके चलते बैंकों में जमा होने वाले चेक काफी संख्या में क्लीयर नहीं हो रहे हैं। कभी बाउंस तो कभी बिना वजह ही क्लीयरिंग रोक दी जा रही है। हालांकि बाउंस होने वाले चेक के पक्ष के अनुसार, उनके खाते में पर्याप्त रकम है।
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केस एक

समस्त व्यापार मंडल के अध्यक्ष नितिन कुमार के अनुसार, आरबाई के नए नियम के लागू होने के बाद भी व्यापारियों के करोड़ों रुपये बैंकों में फंसे हुए हैं। तीन अक्तूबर को वह और बहुत से व्यापारियों ने अपने-अपने बैंकों में चेक लगाए, जिसमें अधिकतर क्लीयर नहीं हुए। कई के चेक बाउंस हो गए, जबकि व्यापारी के खाते में चेक की रकम से अधिक धन है। बैंक कोई स्पष्ट कारण भी नहीं बता रहे हैं। चेक पर बाउंस का कारण काइंडली कानटेक्ट डॉवर लिख कर दिया जा रहा है। दिवाली और धनतेरस जैसे त्योहार पर सबसे ज्यादा व्यापार होता है, ऐसे में व्यापारियों को माल मंगवाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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केस दो
व्यवसायी विनोद टिबड़ेवाल के अनुसार, तीन अक्तूबर से बैंकों में चेक जमा करा हूं लेकिन क्लीयर नहीं हो रहा है। बैंक की ओर से कोई स्पष्ट कारण भी नहीं बताया जा रहा है। त्योहार में इस तरह होना व्यापारियों के साथ एक तरह से उत्पीड़न है। अगर व्यापारी समय से भुगतान नहीं करेगा तो उसे माल नहीं मिलेगा। माल न मिलने पर त्योहार के समय उसे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। अगर कोई अपडेशन करना था तो उसे त्योहार के बाद भी किया जा सकता था। त्योहार में व्यापारियों के साथ आमजन के लोगों का ख्याल रखते हुए विशेष प्राथमिकता के आधार पर चेकों को क्लीयर करना चाहिए।

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केस तीन

रुस्तमपुर बड़गो निवासी अजीत शाही ने बताया कि बैंक में चेक क्लीयर न होने से परेशान हूं। धनतेरस के दिन जमीन की खरीदारी करनी है। जमीन मालिक चेक लेने से मना कर रहे हैं। लगता है कि जमीन की खरीदारी नहीं कर सकूंगा। अगर कोई नया नियम बनाया जाता है कि तो उस पर पहले से तैयारी कर लेनी चाहिए, ताकि किसी को दिक्कत न हो। बैंक के कर्मचारी भी सही तरीके से जवाब नहीं दे रहे हैं।


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बैंकों में कर्मियों से नोकझोंक

कई दिन बाद भी चेक क्लीयर न होने पर नाराज लोग बैंक पहुंच रहे हैं। कर्मियों की ओर से सटीक जवाब न मिलने पर उनकी नोकझोंक हो रही है। कई को जल्द चेक क्लीयर होने का आश्वासन दिया जा रहा है तो कुछ को फिर से चेक लगाने की बात कही जा रही है। बृहस्पतिवार को आईडीबीआई बैंक पहुंचे कुछ लोगों ने बताया कि बेवजह चेक बाउंस कर दिया जा रहा है, जबकि उनके खाते में पर्याप्त रकम है। एक-एक हफ्ते में चेक नहीं क्लीयर हो रहे हैं।

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वर्जन

आरबीआई की ओर से एक दिन में ही चेक क्लीयर करने के नियम के चलते साॅफ्टवेयर अपडेशन का काम सभी बैंकों में चल रहा है। इसके चलते लगभग 50 प्रतिशत लोगों के चेक क्लीयर नहीं हो पा रहे हैं। तकनीकी दिक्कतों के चलते चेक भी बाउंस हो रहे हैं। लोगों को कुछ दिन और थोड़ी दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। जल्द ही सभी दिक्कतें दूर कर ली जाएंगी। इसके बाद चेक क्लीयर होने में दिक्कत नहीं आएगी।

- मनोज श्रीवास्तव, लीड बैंक मैनेजर, एसबीआई
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