Gorakhpur News: एटीएम में छेड़छाड़ कर बैंक से जालसाजी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार
एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बृहस्पतिवार को प्रेस कांफ्रेस कर पकड़े गए बदमाशों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने इस गैंग के दो जालसाजों को राजघाट थाना क्षेत्र के श्रीरामघाट के पास से गिरफ्तार किया है। फरार आरोपी उदय भी कानपुर का रहने वाला है।
विस्तार
एटीएम में छेड़छाड़ कर बैंक से जालसाजी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश पुलिस ने किया है। मामले में दो आरोपी युवकों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं एक अन्य की तलाश में पुलिस लगी है। खबर है कि गिरफ्तार एक युवक बीटेक का छात्र है और फरार मास्टरमाइंड भी इंजीनियर है। फरार आरोपी की तलाश में पुलिस टीम लगी है। अब तक गिरोह ने पांच लाख रुपये की जालसाजी की है।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान कानपुर के साड़ थाना क्षेत्र के सड़सी देवसर निवासी विजय यादव और गोरखपुर के पिपराइच थाना क्षेत्र के जेक्शन इन्क्लेव कॉलोनी निवासी फैज खान के रूप में हुई है।
एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बृहस्पतिवार को प्रेस कांफ्रेस कर पकड़े गए बदमाशों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने इस गैंग के दो जालसाजों को राजघाट थाना क्षेत्र के श्रीरामघाट के पास से गिरफ्तार किया है। फरार आरोपी उदय भी कानपुर का रहने वाला है। गैंग ने जालसाजी की शुरुआत कानपुर से ही की थी। वहां से 20 हजार रुपये निकाले थे।
वहीं गोरखपुर में अलग-अलग इलाके के एटीएम से गैंग ने 5 लाख रुपये से ज्यादा निकालने के बाद जालसाजी कर बैंक से रुपये वसूले हैं। एसपी सिटी ने बताया कि आरोपियों के पास से 71 हजार रुपये नकद, 10 एटीएम कार्ड, दो मोबाइल फोन, एक ब्रेजा कार और एक बाइक बरामद की गई है। गिरफ्तार फैज खान कंप्यूटर साइंस से बीटेक कर रह रहा है। वह तृतीय वर्ष का छात्र है।
ऐसे करते थे जालसाजी
आरोपी एटीएम से रुपये निकालने जब जाते थे, तब उनका एक साथी बाहर रहता था। रुपये निकलते ही वह मशीन की बिजली काट देता था। इससे ट्रांजेक्शन पूरा नहीं हो पाता था और रसीद नहीं निकल पाती थी। कई बार आरोपी रुपये निकलते ही कैश बॉक्स के शटर में लकड़ी फंसा देते थे। इसके बाद भी पर्ची नहीं निकल पाती थी। फिर वह उपभोक्ता फोरम जाकर बैंक पर रुपये गबन का आरोप लगाता था। वह कहता था कि बैंक से रुपये कट गए, लेकिन उसे नहीं मिले। इस तरह से वह बैंककर्मियों से पांच लाख रुपये तक वसूल चुके हैं।
बैंककर्मियों ने पकड़ा था मामला
कई बार बैंक से रुपये की मांग की गई। अलग-अलग बैंक से छोटी रकम होने की वजह से बैंककर्मी खुद ही मिलकर दे देते थे, लेकिन एक लाख रुपये से ज्यादा का मामला होने के बाद बैंककर्मी जांच कर रहे थे। इसी बीच 13 जनवरी को गोरखपुर के ट्रांसपोर्ट नगर से फिर 80 हजार रुपये निकाले गए। इसके बाद बैंककर्मियों को संदेह हो गया और फिर शाखा प्रबंधक ने राजघाट थाने में केस दर्ज कराया था।
पुलिस के साथ ही आरोपी की तलाश में कैमरे की मदद से बैंक कर्मी भी लगे थे। 16 जनवरी को जैसे ही एक जालसाज आया और फिर उसने ऐसा ही किया तो उसे बैंककर्मियों ने पकड़ा लिया और पुलिस को सुपुर्द कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने जांच कर गिरोह का पर्दाफाश किया।