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बोलीं मुस्लिम महिलाएं, पर्व में सादगी और सोशल डिस्टेंसिंग नहीं भूलेंगे

Fri, 31 Jul 2020 01:15 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 31 Jul 2020 01:15 AM IST
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bakrid festiwal celibaration will be so simple and not forgetting social distencing
गोरखपुर। कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभावों के बीच शनिवार को बकरीद का त्योहार मनाया जाएगा। मुस्लिम घरों में इसके लिए तैयारियां चल रही हैं। कुछ जगहों पर कुर्बानी के बकरे की भी बिक्री हो रही थी। इस बार त्योहारों में मुस्लिम महिलाओं की जिम्मेदारी काफी बढ़ गई है। चार थाना क्षेत्रों में लगे लॉकडाउन के बीच बाजार बंद हैं। ऐसे में उन्हें तैयारी करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। महिलाएं कोरोना को लेकर काफी सतर्क हैं। उनका कहना है कि पर्व बेहद सादगी और सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखते हुए मनाएंगे। प्रशासन की ओर से जारी गाइडलाइन का पालन खुद भी करेंगे, और दूसरों को भी ऐसा ही करने के लिए प्रेरित करेंगे।
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बकरीद का त्योहार सादगी के साथ मनाएंगे। कुर्बानी के लिए जानवर और किराने का सामान बड़ी मुश्किल से खरीद सकी हूं। दूसरों की मदद करते हुए सादगी के साथ त्योहार मनाएंगे। इस बार कुर्बानी के दिन महिलाओं की जिम्मेदारी कुछ ज्यादा ही रहेगी।
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शीरीन सिद्दीकी, गृहिणी, जमुनहिया बाग गोरखनाथ
दीन-ए-इस्लाम में कुर्बानी कराना वाजिब है। अल्लाह की रजा के मुताबिक कुर्बानी जरूर करवाएंगे। त्योहार के लिए कुछ सामान खरीदा है, कुछ अभी बाकी है। गाइडलाइन के मुताबिक पुरुष घर में नमाज व कुर्बानी अदा करेंगे। इस बार मेहमाननवाजी नहीं होगी। घर वालों के लिए जो बेहतर है, बनाया जाएगा। बच्चों की पसंद का भी ख्याल रखेंगे।
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फरहा दीबा, खोखरटोला
बकरीद के त्योहार को सब्र रखकर सादगी से मनाएंगे। घर में ही नमाज और कुर्बानी अदा करेंगे। महिलाओं की जिम्मेदारी इस बार दोगुनी रहेगी। पुरुषों व बच्चों को घर में रोके रखना, कुर्बानी करवाना, उसके बाद की साफ-सफाई, गोश्त बांटना, लजीज पकवान व सेंवई बनाना सब जिम्मेदारी महिलाओं के हिस्से में रहेगी। इन सबके बीच महिलाओं को भी इबादत करनी है।
गौसिया सुंबल, अध्यापिका, मदरसा दारूल उलूम, हुसैनिया दीवान बाजार
बकरीद के लिए मुस्लिम घरों में तैयारियां जारी हैं। कुर्बानी के लिए जानवर खरीदे जा रहे हैं। बाजार नहीं लगने से परेशानी हो रही है लेकिन कोई उपाय भी नहीं किया जा सकता है। जरूरत के सामान को खरीद चुकी हूं। इस बार मेहमाननवाजी से बचना है। मुसलमान घरों में ही नमाज पढ़ने के बाद कुर्बानी करेंगे।
अजरा जमाल, रेलवे कर्मचारी
बकरीद पर कुर्बानी करवाने में मदद, साफ-सफाई, गोश्त तकसीम करवाना, नाश्ता व खाना बनाना सभी तो महिलाओं के ही जिम्मे रहेगा। कोरोना काल में जैसे शब-ए-बरात, रमजान, ईद-उल-फित्र गुजरा है वैसे ही इस पर्व को भी करेंगे। कई तरह के पकवान जरूर बनेंगे। गोश्त गरीबों में भी बांटा जाएगा ताकि वह भी त्योहार की खुशी में शामिल हो सकें।

फरहत मेहनाज, गृहिणी, मिर्जापुर
पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही है। लोगों की हिफाजत करना हम सभी का कर्तव्य है। ऐसे में हम सभी को शासन के गाइडलाइन का पालन करते हुए बकरीद का पर्व मनाना होगा। ताकि इस बीमारी को फैलने से रोका जा सके। महिलाएं भी अपने घर के सदस्यों को बाहर न निकलने दें। घरों पर ही नमाज अदा करते हुए कुर्बानी दी जाए। मेहमानों को घरों पर बुलाने से बचेंगे।
फिरोज आरा, गृहिणी, गाजी रौजा
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