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UP: औलाद की चाह में की सात शादियां... फिर भी बेऔलाद रहे बैरागी, उम्रभर रही इसकी टीस; अब भतीजे ने किया ये दावा

Sat, 19 Jul 2025 09:14 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर Published by: आकाश दुबे Updated Sat, 19 Jul 2025 09:14 AM IST
सार

संतान के मोह में बैरागी ने एक के बाद एक सात विवाह कर लिए इसके बाद भी बेऔलाद ही रहे। उम्रभर उनके मन में इसकी टीस बनी रही और साल 2020 में उनकी मौत हो गई। बेऔलाद बैरागी के हिस्से की संपत्ति पर परिवार के सभी सदस्यों की नजर थी।

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Bairagi died childless even after seven marriages in gorakhpur
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के गीडा थाना क्षेत्र में जमीन का एक अनोखा विवाद सामने आया है। यहां वारिस की चाह में बैरागी नाम के एक व्यक्ति ने सात शादियां कीं, इसके बाद भी बेऔलाद ही रहे। अब बैरागी की मौत के बाद उनके हिस्से की संपत्ति के लिए भतीजों में रस्साकशी शुरू हो गई है। बैरागी के एक भतीजे मुन्नर ने चाचा और चाचियों की सेवा का दावा करते हुए उनकी संपत्ति पर हक जताया है और बृहस्पतिवार को एसपी नॉर्थ से संपत्ति पर अन्य भाइयों द्वारा कब्जा किए जाने की शिकायत दर्ज कराई।

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गीडा थानाक्षेत्र के एक गांव के रहने वाले मुन्नर के मुताबिक उसके चाचा बैरागी का साल 2020 में निधन हो चुका है। बैरागी आठ भाई थे। शादी के बाद जब संतान नहीं हुई तो परिवार और रिश्तेदारों की सलाह पर उन्होंने दूसरी शादी की। 

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संतान के मोह में बैरागी ने एक के बाद एक सात विवाह कर लिए इसके बाद भी बेऔलाद ही रहे। उम्रभर उनके मन में इसकी टीस बनी रही और साल 2020 में उनकी मौत हो गई। बेऔलाद बैरागी के हिस्से की संपत्ति पर परिवार के सभी सदस्यों की नजर थी। उनकी मौत के बाद संपत्ति के लिए परिवार में विवाद बढ़ गया।

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बृहस्पतिवार को एसपी नॉर्थ जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव के पास शिकायत लेकर पहुंचे भतीजे मुन्नर ने दावा किया कि वह बैरागी के सबसे ज्यादा करीब था। बैरागी की पत्नियां भी उसे मानती थीं। उसने लंबे समय तक चाचा की सेवा की। बीमारी और बुढ़ापे में वही चाचा की देखभाल करता रहा था। मुन्नर का यह भी दावा है कि चाचा ने उसे ही संपत्ति का वारिस बनाने की बात कही थी।

भतीजे के पास नहीं है कोई पुख्ता कागज
बैरागी की सेवा का दावा करते हुए उनकी संपत्ति पर हक जताने वाले भतीजे मुन्नर के पास जमीन की रजिस्ट्री या रजिस्टर्ड वसीयत जैसा कोई दस्तावेज नहीं है। उसके पास सिर्फ एक कागज है, जिस पर जमीन देने की बात दर्ज है। हालांकि न तो वह स्टांप पेपर है और न ही उस पर किसी अधिकारी की मुहर या दस्तखत हैं। 

ऐसे में कानूनी रूप से जमीन अपने नाम कराना मुन्नर के लिए मुश्किल हो रहा है। उसने एसपी नॉर्थ जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव से मुलाकात कर आरोप लगाया कि अन्य लोग संपत्ति हड़पना चाहते हैं। एसपी ने बताया कि कागजात की सत्यता की पड़ताल कराई जा रही है। राजस्व विभाग के साथ मिलकर भी जांच कराई जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

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