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गोरखपुर: धोखाधड़ी कर 100 हड़पने की आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज, कई जिलों में दर्ज है केस

Wed, 19 Oct 2022 10:21 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 19 Oct 2022 10:21 AM IST
सार

रोपियों के खिलाफ गोरखपुर व लखनऊ सहित कई जिलों में गंभीर धाराओं में केस दर्ज है। गाजीपुर की तबस्सुम परवीन और तरन्नुम परवीन भी नामजद आरोपी हैं। इन आरोपियों की अग्रिम जमानत अर्जी सुनवाई योग्य नहीं है।

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bail application of accused for fraudulently grabbing 100 rejected
सांकेतिक फोटो। - फोटो : Social Media

विस्तार

अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार गौतम ने धोखाधड़ी कर करीब 100 करोड़ रुपये हड़पने की आरोपी व गाजीपुर जिले के नुरुद्दीनपुरा निवासी तबस्सुम परवीन व तरन्नुम परवीन की अग्रिम जमानत अर्जी मंगलवार को खारिज कर दी। कोर्ट ने अपराध को गंभीर प्रवृत्ति का करार दिया।  

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अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता धर्मेंद्र कुमार मिश्र व राम प्रकाश सिंह ने अपर सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में कहा कि खजनी क्षेत्र के खोरिया उर्फ भीटी निवासी वादी अरुण कुमार श्रीवास्तव सहित करीब पांच हजार लोगों से 100 करोड़ रुपये ठगे गए हैं।
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आर संस इंफ्रा लैंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के  मैनेजिंग डायरेक्टर आशीष कुमार श्रीवास्तव, गोरखपुर कार्यालय के प्रभारी मुकेश शाही, वर्तमान संचालक निर्मला सफारी, फार्म एंड रेजिडेंसी तारामंडल भगत चौराहा की प्रियंका मिश्रा, महाप्रबंधक तबस्सुम व प्रबंधक एचआर तरन्नुम ने जालसाजी की है। इन सबने लखनऊ में टाउनशिप बनाने का झांसा दिया था। दावा किया था कि आर संस इंफ्रा लैंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड ने लखनऊ के देवा रोड पर राम स्वरूप यूनिवर्सिटी के सामने जीवनदीप आवासीय प्रोजेक्ट शुरू किया है। यह प्रोजेक्ट 2010 से चल रहा है।
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इसी तरह सुल्तानपुर रोड पर गोसाईगंज क्षेत्र के ग्राम मोहम्मदपुर गढ़ी में भी प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। रहमतनगर रेलवे क्रासिंग के पास फार्म हाउस व भूखंड बेचे जा रहे हैं। इस प्रोजेक्ट से जुड़े प्रखर सिटी-1 व प्रखर सिटी-2 का खूब प्रचार-प्रसार किया गया। इसका वर्तमान कार्यालय विराट खंड (डी 2/639) गोमतीनगर लखनऊ में स्थित है। योजनाबद्ध तरीके से पांच हजार लोगों को फंसाया और धनराशि हड़पकर भाग निकले।


 इन मामलों में आरोपियों के खिलाफ गोरखपुर व लखनऊ सहित कई जिलों में गंभीर धाराओं में केस दर्ज है। गाजीपुर की तबस्सुम परवीन और तरन्नुम परवीन भी नामजद आरोपी हैं। इन आरोपियों की अग्रिम जमानत अर्जी सुनवाई योग्य नहीं है। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलील सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार गौतम ने दोनों की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी।

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