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बूढ़ी राप्ती के ऊफान से कई गांव पानी से घिरे
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बूढ़ी राप्ती के उफान से कई गांव पानी से घिरे
जमुआर नाले में उफान से नौगढ़-सोहांस मार्ग पर पानी
राप्ती की कटान से गायघाट गांव पर मंडराया खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
उसका राजा। जिले की नदियों के जलस्तर में उफान आ गया है। बूढ़ी राप्ती, जमुआर, तेलार और घोघी खतरे के लाल निशान को पार कर गई है। कई गांव पानी से घिर गए है, सोहांस मार्ग पर पानी चढ़ गया है। राप्ती की कटान से उसका क्षेत्र के गायघाट गांव पर खतरा मंडराने लगा है।
दो दिन हुई बारिश के बाद भले ही आसमान साफ हो गया है, लेकिन इससे नदियों के जलस्तर में बेतहाशा वृद्धि हुई है। जमुआर नाले में उफान से नौगढ़-सोहांस मार्ग पर शहर के पास पानी चढ़ गया है। इससे लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। बूढ़ी राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। इससे उसका क्षेत्र के अजिगरा, बगहिया, हथिवड़ताल, सेखुई, तालनटवा, गायघाट, टडिय़ा आदि गांव पानी से घिर गए हैं, फसल जलमग्न हो गई है। क्षेत्र के तौलन यादव, धर्मेंद्र कुमार, अमित, प्रदीप पासवान ने बताया कि फसल के बाढ़ के पानी में डूबने से उनको बहुत नुकसान हुआ है। तेलार और घोघी भी लाल निशान से ऊपर बह रही है। खतरे के निशान के करीब पहुंची राप्ती की कटान से उसका क्षेत्र के गायघाट गांव निवासी चिरकुट का घर, पांच बीघा भूमि और आसपास के पेड़ आदि नदी में समा गए। इससे पूर्व गांव के रामकेश यादव, सीताराम और किशोर का पक्का मकान नदी में विलीन हो चुका है। जिससे यह लोग बेघर हो गए हैं। कटान के भय से नदी किनारे घरों के लोग अपना सामान समेटकर पलायन करने को मजबूर हैं। इस बाबत डीएम दीपक मीणा ने बताया कि दो दिन बारिश हुई है इससे जलभराव, फसल जलमग्न होने और नदी की कटान से घरों के गिरने की रिपोर्ट सभी एसडीएम से मांगी गई है। जिनका नुकसान हुआ होगा उन्हें शासन के मानक के अनुरूप मुआवजा दिलाया जाएगा।
बांध में रिसाव से ग्रामीण भयभीत
सेमरहना। लोटन क्षेत्र में केजी बांध पर ढड़वरिया के पास रिसाव होने से क्षेत्र के ग्रामीण भयभीत हैं। यहां रेनकट और रैटहोल के कारण 10 मीटर बांध में जगह-जगह रिसाव हो रहा है। इससे सेमरहना, करूआवल, पंडितपुर, बरदहवा, भिटपरा समेत 50 गांवों पर खतरा मंडरा रहा है। मौके पर बीडीओ लोटन रामविलास राय ने मौके का निरीक्षण की।
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नालों में आए उफान से डूबी फसल
इटवा। बारिश के कारण इटवा क्षेत्र में अकरारी, सीकरी व परासी नाले में उफान आ गया है। जिससे आसपास के गांवों के हजारों एकड़ धान की फसल जलमग्न हो गई है। इससे क्षेत्र के ग्राम जिगिना, त्रिलोकपुर, पिपरी, करही, रामापुर, सलवनजोत, त्रिमुहानी आदि गांवों की फसल डूब गई है।
तेज हवा से खेत में गिरी फसल
बिस्कोहर। भनवापुर क्षेत्र के नावडीह निवासी सुधू राम गुप्त, हरीराम मौर्या, धर्मप्रकाश चौधरी, धर्मदेव चौरसिया, बिस्कोहर निवासी मेवालाल, अनिल, अशोक यादव आदि किसानों का कहना है कि तेज हवा के कारण फसल के खेत में गिरने से बहुत नुकसान हुआ है।
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जमुआर नाले में उफान से नौगढ़-सोहांस मार्ग पर पानी
राप्ती की कटान से गायघाट गांव पर मंडराया खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
उसका राजा। जिले की नदियों के जलस्तर में उफान आ गया है। बूढ़ी राप्ती, जमुआर, तेलार और घोघी खतरे के लाल निशान को पार कर गई है। कई गांव पानी से घिर गए है, सोहांस मार्ग पर पानी चढ़ गया है। राप्ती की कटान से उसका क्षेत्र के गायघाट गांव पर खतरा मंडराने लगा है।
दो दिन हुई बारिश के बाद भले ही आसमान साफ हो गया है, लेकिन इससे नदियों के जलस्तर में बेतहाशा वृद्धि हुई है। जमुआर नाले में उफान से नौगढ़-सोहांस मार्ग पर शहर के पास पानी चढ़ गया है। इससे लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। बूढ़ी राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। इससे उसका क्षेत्र के अजिगरा, बगहिया, हथिवड़ताल, सेखुई, तालनटवा, गायघाट, टडिय़ा आदि गांव पानी से घिर गए हैं, फसल जलमग्न हो गई है। क्षेत्र के तौलन यादव, धर्मेंद्र कुमार, अमित, प्रदीप पासवान ने बताया कि फसल के बाढ़ के पानी में डूबने से उनको बहुत नुकसान हुआ है। तेलार और घोघी भी लाल निशान से ऊपर बह रही है। खतरे के निशान के करीब पहुंची राप्ती की कटान से उसका क्षेत्र के गायघाट गांव निवासी चिरकुट का घर, पांच बीघा भूमि और आसपास के पेड़ आदि नदी में समा गए। इससे पूर्व गांव के रामकेश यादव, सीताराम और किशोर का पक्का मकान नदी में विलीन हो चुका है। जिससे यह लोग बेघर हो गए हैं। कटान के भय से नदी किनारे घरों के लोग अपना सामान समेटकर पलायन करने को मजबूर हैं। इस बाबत डीएम दीपक मीणा ने बताया कि दो दिन बारिश हुई है इससे जलभराव, फसल जलमग्न होने और नदी की कटान से घरों के गिरने की रिपोर्ट सभी एसडीएम से मांगी गई है। जिनका नुकसान हुआ होगा उन्हें शासन के मानक के अनुरूप मुआवजा दिलाया जाएगा।
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बांध में रिसाव से ग्रामीण भयभीत
सेमरहना। लोटन क्षेत्र में केजी बांध पर ढड़वरिया के पास रिसाव होने से क्षेत्र के ग्रामीण भयभीत हैं। यहां रेनकट और रैटहोल के कारण 10 मीटर बांध में जगह-जगह रिसाव हो रहा है। इससे सेमरहना, करूआवल, पंडितपुर, बरदहवा, भिटपरा समेत 50 गांवों पर खतरा मंडरा रहा है। मौके पर बीडीओ लोटन रामविलास राय ने मौके का निरीक्षण की।
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नालों में आए उफान से डूबी फसल
इटवा। बारिश के कारण इटवा क्षेत्र में अकरारी, सीकरी व परासी नाले में उफान आ गया है। जिससे आसपास के गांवों के हजारों एकड़ धान की फसल जलमग्न हो गई है। इससे क्षेत्र के ग्राम जिगिना, त्रिलोकपुर, पिपरी, करही, रामापुर, सलवनजोत, त्रिमुहानी आदि गांवों की फसल डूब गई है।
तेज हवा से खेत में गिरी फसल
बिस्कोहर। भनवापुर क्षेत्र के नावडीह निवासी सुधू राम गुप्त, हरीराम मौर्या, धर्मप्रकाश चौधरी, धर्मदेव चौरसिया, बिस्कोहर निवासी मेवालाल, अनिल, अशोक यादव आदि किसानों का कहना है कि तेज हवा के कारण फसल के खेत में गिरने से बहुत नुकसान हुआ है।