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Gorakhpur News: अयोध्या-मनकापुर रेल खंड का भी होगा दोहरीकरण, आसान होगी प्रयागराज की राह
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इस दोहरीकरण से गोरखपुर-लखनऊ के बीच और बेहतर होगा ट्रेनों का आवागमन
मनकापुर में वाई कनेक्शन भी जुड़ेगा, जिससे गोंडा की तरफ जाने वाली ट्रेनों को नहीं मोड़ना होगा इंजन
गोरखपुर-लखनऊ रेलखंड के लिए बाईपास मार्ग भी है मनकापुर-अयोध्या-बाराबंकी
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। मनकापुर से अयोध्या तक 35 किलोमीटर लंबी रेल लाइन का दोहरीकरण होगा। इसके साथ ही मनकापुर में 16 किलोमीटर लंबा एक बाईपास भी बनेगा। वाई आकार के इस बाईपास के चलते मनकापुर से लखनऊ की तरफ जाने वाली ट्रेनों का इंजन नहीं घुमाना पड़ेगा। कुल 51 किलोमीटर लंबी ये लाइन विद्युतिकृत भी होगी। इसके लिए प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा चुका है।
इस ट्रैक के दोहरीकरण से गोरखपुर-लखनऊ के बीच जहां एक अतिरिक्त वैकल्पिक मार्ग मिलेगा, वहीं प्रयागराज के लिए भी वाराणसी के अलावा अयोध्या के रास्ते बेहतर कनेक्टिविटी मिल जाएगी। माना जा रहा है कि जल्द ही इस कार्य को मंजूरी मिल जाएगी।
श्रीराम की नगरी अयोध्या के विकास के साथ ही वहां जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। पूर्वी भारत से हजारों श्रद्धालु रेल मार्ग के जरिए इस धार्मिक स्थली पर जाना चाहते हैं। लेकिन गोरखपुर-लखनऊ मुख्य मार्ग के मनकापुर स्टेशन से अयोध्या स्टेशन तक 35 किलोमीटर रूट सिंगल है।
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इसके चलते अयोध्या से आने-जाने में ट्रैक खाली नहीं मिलता। इस वजह से ट्रेनों को बेवजह मनकापुर स्टेशन या अयोध्या स्टेशन पर खड़ा करना पड़ता है। इसलिए इस रूट पर एक और लाइन बिछाने का प्रस्ताव पूर्वोत्तर रेलवे ने तैयार किया है। इस लाइन के बन जाने पर गोरखपुर से मनकापुर होते हुए अयोध्या तक ट्रेनों को बेवजह नहीं रोकना पड़ेगा।
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प्रयागराज और लखनऊ के लिए वैकल्पिक मार्ग
अयोध्या स्टेशन लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज के केंद्र में है। लखनऊ से बाराबंकी होते हुए वाराणसी और अयोध्या से प्रयागराज तक की लाइन का डबलिंग काम हो चुका है। केवल अयोध्या से मनकापुर के बीच का खंड बाकी है। इस खंड के दोहरीकरण होते ही गोरखपुर-अयोध्या-बाराबंकी-लखनऊ रूट भी दोहरीकृत हो जाएगा। इससे अगर मनकापुर से बाराबंकी के बीच मेन लाइन पर कोई दिक्कत होती है तो ट्रेनों को अयोध्या के रास्ते वैकल्पिक मार्ग मिल जाएगी। पिछले महीने गोंडा के पास हुए रेल हादसे के बाद इसी मनकापुर-अयोध्या के रास्ते प्रमुख ट्रेनों को गुजारा गया, जिससे कम से कम ट्रेनों को कैंसिल करना पड़ा। मनकापुर-अयोध्या दोहरीकरण का एक फायदा यह भी होगा कि गोरखपुर से प्रयागराज के बीच एक नया विकल्प भी मिल जाएगा। इस गोरखपुर से प्रयागराज की ट्रेनें वाया वाराणसी ही जाती हैं।
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कोट-
मनकापुर-अयोध्या के बीच रेल लाइन के दोहरीकरण का कार्य प्रस्तावित है। जिन जंक्शन पर ट्रेन के इंजन की दिशा बदलनी पड़ती है, वहां वाई कनेक्शन किया जा रहा है, जिससे कि इंजन को बिना मोड़े ट्रेन चलाया जा सके। इससे न केवल समय की बचत होती है, बल्कि श्रम शक्ति व अन्य संसाधनों की भी बचत होती है। मनकापुर में भी वाई कनेक्शन प्रस्तावित है।
पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ, पूर्वोत्तर रेलवे
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मनकापुर में वाई कनेक्शन भी जुड़ेगा, जिससे गोंडा की तरफ जाने वाली ट्रेनों को नहीं मोड़ना होगा इंजन
गोरखपुर-लखनऊ रेलखंड के लिए बाईपास मार्ग भी है मनकापुर-अयोध्या-बाराबंकी
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। मनकापुर से अयोध्या तक 35 किलोमीटर लंबी रेल लाइन का दोहरीकरण होगा। इसके साथ ही मनकापुर में 16 किलोमीटर लंबा एक बाईपास भी बनेगा। वाई आकार के इस बाईपास के चलते मनकापुर से लखनऊ की तरफ जाने वाली ट्रेनों का इंजन नहीं घुमाना पड़ेगा। कुल 51 किलोमीटर लंबी ये लाइन विद्युतिकृत भी होगी। इसके लिए प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा चुका है।
इस ट्रैक के दोहरीकरण से गोरखपुर-लखनऊ के बीच जहां एक अतिरिक्त वैकल्पिक मार्ग मिलेगा, वहीं प्रयागराज के लिए भी वाराणसी के अलावा अयोध्या के रास्ते बेहतर कनेक्टिविटी मिल जाएगी। माना जा रहा है कि जल्द ही इस कार्य को मंजूरी मिल जाएगी।
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श्रीराम की नगरी अयोध्या के विकास के साथ ही वहां जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। पूर्वी भारत से हजारों श्रद्धालु रेल मार्ग के जरिए इस धार्मिक स्थली पर जाना चाहते हैं। लेकिन गोरखपुर-लखनऊ मुख्य मार्ग के मनकापुर स्टेशन से अयोध्या स्टेशन तक 35 किलोमीटर रूट सिंगल है।
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इसके चलते अयोध्या से आने-जाने में ट्रैक खाली नहीं मिलता। इस वजह से ट्रेनों को बेवजह मनकापुर स्टेशन या अयोध्या स्टेशन पर खड़ा करना पड़ता है। इसलिए इस रूट पर एक और लाइन बिछाने का प्रस्ताव पूर्वोत्तर रेलवे ने तैयार किया है। इस लाइन के बन जाने पर गोरखपुर से मनकापुर होते हुए अयोध्या तक ट्रेनों को बेवजह नहीं रोकना पड़ेगा।
प्रयागराज और लखनऊ के लिए वैकल्पिक मार्ग
अयोध्या स्टेशन लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज के केंद्र में है। लखनऊ से बाराबंकी होते हुए वाराणसी और अयोध्या से प्रयागराज तक की लाइन का डबलिंग काम हो चुका है। केवल अयोध्या से मनकापुर के बीच का खंड बाकी है। इस खंड के दोहरीकरण होते ही गोरखपुर-अयोध्या-बाराबंकी-लखनऊ रूट भी दोहरीकृत हो जाएगा। इससे अगर मनकापुर से बाराबंकी के बीच मेन लाइन पर कोई दिक्कत होती है तो ट्रेनों को अयोध्या के रास्ते वैकल्पिक मार्ग मिल जाएगी। पिछले महीने गोंडा के पास हुए रेल हादसे के बाद इसी मनकापुर-अयोध्या के रास्ते प्रमुख ट्रेनों को गुजारा गया, जिससे कम से कम ट्रेनों को कैंसिल करना पड़ा। मनकापुर-अयोध्या दोहरीकरण का एक फायदा यह भी होगा कि गोरखपुर से प्रयागराज के बीच एक नया विकल्प भी मिल जाएगा। इस गोरखपुर से प्रयागराज की ट्रेनें वाया वाराणसी ही जाती हैं।
कोट-
मनकापुर-अयोध्या के बीच रेल लाइन के दोहरीकरण का कार्य प्रस्तावित है। जिन जंक्शन पर ट्रेन के इंजन की दिशा बदलनी पड़ती है, वहां वाई कनेक्शन किया जा रहा है, जिससे कि इंजन को बिना मोड़े ट्रेन चलाया जा सके। इससे न केवल समय की बचत होती है, बल्कि श्रम शक्ति व अन्य संसाधनों की भी बचत होती है। मनकापुर में भी वाई कनेक्शन प्रस्तावित है।
पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ, पूर्वोत्तर रेलवे