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सिर्फ 25 को मिलेगा मौका: DDU में अब सिर्फ 'खास' गोल्ड मेडलिस्ट का ही होगा गोल्डन डे, 158 में से चुने जाएंगे
Sun, 28 Jun 2026 02:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
पुरुषोत्तम राय, गोरखपुर
पुरुषोत्तम राय, गोरखपुर
Updated Sun, 28 Jun 2026 02:18 AM IST
सार
सभी गोल्ड मेडलिस्ट को मुख्य मंच पर बुलाया जाएगा तो समारोह की अवधि काफी बढ़ जाएगी। इसी कारण सीमित संख्या में विद्यार्थियों को कुलाधिपति के हाथों प्रदान करने की व्यवस्था की गई है। मुख्य मंच पर सम्मानित किए जाने वाले 25 विद्यार्थियों का चयन विश्वविद्यालय तय मानकों के आधार पर करेगा।
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गोरखपुर विश्वविद्यालय( सांकेतिक)
- फोटो : डीडीयू सोशल मीडिया पेज
विस्तार
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयू) के आगामी दीक्षांत समारोह में इस बार सिर्फ खास गोल्ड मेडलिस्ट ही मुख्य मंच तक पहुंच सकेंगे। कुलाधिपति कार्यालय के निर्देश पर पहली बार इस व्यवस्था में बदलाव किया गया है।
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केवल 25 गोल्ड मेडलिस्ट को ही कुलाधिपति (राज्यपाल) के हाथों स्वर्ण पदक दिलाने का निर्णय लिया गया है। शेष छात्र-छात्राओं को पदक अलग से प्रदान किए जाएंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यह फैसला समारोह को तय समय में संपन्न कराने के लिए लिया गया है।
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सभी गोल्ड मेडलिस्ट को मुख्य मंच पर बुलाया जाएगा तो समारोह की अवधि काफी बढ़ जाएगी। इसी कारण सीमित संख्या में विद्यार्थियों को कुलाधिपति के हाथों प्रदान करने की व्यवस्था की गई है। मुख्य मंच पर सम्मानित किए जाने वाले 25 विद्यार्थियों का चयन विश्वविद्यालय तय मानकों के आधार पर करेगा।
इस निर्णय को लेकर कुछ गोल्ड मेडलिस्ट निराश हो सकते हैं, क्योंकि अधिकतर गोल्ड मेडलिस्ट राज्यपाल के हाथों सम्मान पाने की अपेक्षा रखते हैं। अभी तक सभी गोल्ड मेडलिस्ट को राज्यपाल के हाथों ही मेडल प्राप्त करने का अवसर मिलता रहा है। हालांकि कुलपति ने सभी गोल्ड मेडलिस्ट को मंच से सम्मान दिलाने का प्रयास करने की बात भी कही है।
इस निर्णय को लेकर कुछ गोल्ड मेडलिस्ट निराश हो सकते हैं, क्योंकि अधिकतर गोल्ड मेडलिस्ट राज्यपाल के हाथों सम्मान पाने की अपेक्षा रखते हैं। अभी तक सभी गोल्ड मेडलिस्ट को राज्यपाल के हाथों ही मेडल प्राप्त करने का अवसर मिलता रहा है। हालांकि कुलपति ने सभी गोल्ड मेडलिस्ट को मंच से सम्मान दिलाने का प्रयास करने की बात भी कही है।
दीक्षांत समारोह में दिए जाते हैं 158 स्वर्ण पदक
दीक्षांत समारोह में मेधावियों को 158 स्वर्ण पदक दिए जाएंगे। इनमें से 69 स्वर्ण पदक विश्वविद्यालय की ओर से और 89 स्मृति स्वर्ण पदक हैं। स्वर्ण पदक की संख्या विभागवार तय है। ऐसे में एक गोल्ड मेडलिस्ट को कई गोल्ड मेडल मिलते हैं।
कुलाधिपति कार्यालय से मार्गदर्शन लिया जाएगा। प्रयास है कि सभी गोल्ड मेडलिस्ट को मुख्य मंच से मेडल मिल सके ताकि किसी को भी निराशा न हो: प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, डीडीयू
दीक्षांत समारोह में मेधावियों को 158 स्वर्ण पदक दिए जाएंगे। इनमें से 69 स्वर्ण पदक विश्वविद्यालय की ओर से और 89 स्मृति स्वर्ण पदक हैं। स्वर्ण पदक की संख्या विभागवार तय है। ऐसे में एक गोल्ड मेडलिस्ट को कई गोल्ड मेडल मिलते हैं।
कुलाधिपति कार्यालय से मार्गदर्शन लिया जाएगा। प्रयास है कि सभी गोल्ड मेडलिस्ट को मुख्य मंच से मेडल मिल सके ताकि किसी को भी निराशा न हो: प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, डीडीयू