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Gorakhpur News: असुरन-पिपराइच फोरलेन : सर्वे जारी..2800 निर्माण आ सकते हैं जद में
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असुरन से पिपराइच तक 19.48 किमी लंबाई में बनने वाले फोरलेन पर असुरन से पादरी बाजार तक साढ़े तीन किमी लंबाई में सर्वे पूरा हो पाया है। इसमें करीब 100 दुकानें व 400 मकानों का हिस्सा सड़क की जद में आ रहा है। एक्सपर्ट व लोक निर्माण विभाग के लोगों का कहना है कि इस हिसाब से करीब छह से 800 दुकानें और 2000 मकानों का हिस्सा फोरलेन में आ सकता है। हालांकि, सर्वे के पूरा होने के बाद ही पता चल पाएगा कि कितनी दुकानें और मकान टूटेंगे। हालांकि इन चर्चाओं से इस इलाके के लोग परेशान हैं। अधिकारियों का कहना है कि फोरलेन में यह कोशिश की जाएगी कि लोगों के मकान-दुकान के न्यूनतम हिस्सा में ही तोड़फोड़ हो। इसके लिए सर्वे के बाद डिजाइन तैयार की जाएगी।
असुरन से पिपराइच तक बनने वाली सड़क की चौड़ाई 28.5 मीटर होगी। सेंटर से एक तरफ की चौड़ाई 14.25 मीटर रहेगी। सड़क को फोरलेन करने में करीब 1046 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इसमें 585 करोड़ जमीन अधिग्रहण में बाकी पुल-पुलिया, सड़क निर्माण और पेड़ व पोल हटाने के लिए खर्च होगा। लोक निर्माण विभाग ने फोरलेन के लिए राजस्व विभाग से मिलकर सर्वे का काम शुरू किया है। बीच सेंटर से सड़क की चौड़ाई की नाप लेकर जहां तक दुकान व मकान टूटेंगे, लाल निशान लगाए जा रहे हैं।
इसी लाल निशान से लोगों में भय उत्पन्न हुआ है। हालांकि, विभाग का कहना है कि जब डिजाइन तैयार होगी, उसमें लोगों की मांग का ख्याल रखा जाएगा। हालांकि, यहां के लोग उन पर भरोसा नहीं जता पा रहे हैं।
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गीता वाटिका के पास दुकान है। जबसे लाल निशान लगा है पूरा परिवार सदमे में है। दुकान टूटेगी तो हम कहां जाएंगे। कहीं और कारोबार शुरू कर पाना आसान नहीं हाेगा। घर-परिवार का खर्च चलाना कठिन हो जाएगा।
-राजेश कुमार श्रीवास्तव, दुकानदार
सड़क चौड़ा होने से तो हमारी पूरी दुकान ही चली जाएगी। अगर टू लेन बन जाए तो जाम भी नहीं लगेगा और दुकानें भी बच जाएंगी। अधिकारी हमारी बातों पर ध्यान नहीं देते हैं तो मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी पीड़ा बताएंगे।
-रामरतन सिंह,
दुकानदार
25 साल पुरानी बर्तन की दुकान है। इसी से परिवार के भरण पोषण का एक मात्र साधन है। सड़क बनने से दुकान का अधिकांश हिस्सा चला जाएगा। जबसे दुकान टूटने की बात सुने हैं तनाव बढ़ गया है।
-विशाल गुप्ता,
बर्तन कारोबारी
मकान में रह रही चौथी पीढ़ी, किराया ही है आमदनी
राप्ती काॅम्प्लेक्स के बगल में युवराज सिंह का मकान है। ऊपर परिवार रहता है व नीचे लगभग 14 दुकानें किराए पर दे रखा है। चार पीढि़यों से पूरा परिवार यहीं रहता है। युवराज सिंह का कहना है कि दुकानों से जो किराया मिलता है उसी से घर का खर्च चलता है। फोरलेन बनने से सभी दुकानें ध्वस्त हो जाएंगी। इस तरह की समस्या कई लोगाें की है। जिनका अपना घर है और किराए पर दुकान दे रखा है। हमारी समस्या पर भी ध्यान देना चाहिए।
असुरन से पिपराइच फोरलेन के सर्वे का काम अभी चल रहा है। अभी तक हुए सर्वे में कोई भी मकान या दुकान ऐसा नहीं है, जो पूरी तरह से ध्वस्त होगा। कुछ हिस्सा सड़क की जद में आ रहा है। सर्वे का काम पूरा होने के बाद पता चलेगा कि कितने दुकान व मकान सड़क की जद में आ रहे हैं। सर्वे के बाद डिजाइन तैयार की जाएगी, जिसमें देखा जाएगा कि न्यूनतम ही तोड़फोड़ की गुंजाइश हो। फोरलेन को दो साल में बनाकर तैयार कर लिया जाएगा।
अरविंद कुमार, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी- निर्माण खंड-3
किसी भी प्रोजेक्ट को पास कराने में लंबा समय लगता है। जब सड़कें चौड़ी होंगी तो कुछ दुकान-मकान तो ध्वस्तीकरण की जद में आएंगे ही। लोगों को यह भी समझना चाहिए कि फोरलेन बनने के बाद कीमतें भी बढ़ जाएंगी। असुरन-पिपराइच फोरलेन में इस बात ख्याल रखा जाएगा कि ध्वस्तीकरण कम से कम हो। इसे लेकर अधिकारियों को निर्देश भी दिए गए हैं।
-कृष्णा करुणेश,
डीएम
फोरलेन के विरोध में असुरन चौराहे पर व्यापारियों का प्रदर्शन
असुरन-पिपराइच फोरलेन के विरोध में व्यापारियों ने रविवार को असुरन चौक पर प्रदर्शन कर विरोध जताया। विरोध कर रहे लोगाें को समझाबुझाकर पुलिस ने हटाया। व्यापारियों ने कहा कि सोमवार को कमिश्नर, नगर आयुक्त और मेयर से मिलकर अपनी बात रखेंगे। उन्होंने कहा कि वे इस संबंध में सीएम योगी से भी मिलेंगे।
सड़क पर नारेबाजी करते हुए व्यापारियों ने कहा कि सड़क को टू लेन कर दिया जाए तो सारी समस्या का समाधान हो जाएगा। हमारी मांगों को नहीं सुना गया तो मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी पीड़ा बताएंगे। उनका कहना था कि दुकानों व मकानों पर लाल निशान लगने के बाद अधिकारियों द्वारा 15 दिन के अंदर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने की बात कही गई है, जिसके बाद से ही सभी लोग परेशान हैं। व्यापारियों ने शनिवार को भी डीएम दफ्तर पर प्रदर्शन कर एडीएम सिटी को ज्ञापन सौंपा था।
व्यापारियों ने कहा कि फोरलेन सड़क बनाने के लिए 28.5 मीटर नाप कर दुकानों व घरों में निशान लगाया गया है। इससे बहुत सारी दुकानों का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा। अगर पादरी बाजार तक सिर्फ तीन किमी लंबाई में टू लेन बना दें तो बहुत सारे मकान व दुकान तोड़ने नहीं पड़ेंगे।
असुरन से पिपराइच तक बनने वाली सड़क की चौड़ाई 28.5 मीटर होगी। सेंटर से एक तरफ की चौड़ाई 14.25 मीटर रहेगी। सड़क को फोरलेन करने में करीब 1046 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इसमें 585 करोड़ जमीन अधिग्रहण में बाकी पुल-पुलिया, सड़क निर्माण और पेड़ व पोल हटाने के लिए खर्च होगा। लोक निर्माण विभाग ने फोरलेन के लिए राजस्व विभाग से मिलकर सर्वे का काम शुरू किया है। बीच सेंटर से सड़क की चौड़ाई की नाप लेकर जहां तक दुकान व मकान टूटेंगे, लाल निशान लगाए जा रहे हैं।
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इसी लाल निशान से लोगों में भय उत्पन्न हुआ है। हालांकि, विभाग का कहना है कि जब डिजाइन तैयार होगी, उसमें लोगों की मांग का ख्याल रखा जाएगा। हालांकि, यहां के लोग उन पर भरोसा नहीं जता पा रहे हैं।
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गीता वाटिका के पास दुकान है। जबसे लाल निशान लगा है पूरा परिवार सदमे में है। दुकान टूटेगी तो हम कहां जाएंगे। कहीं और कारोबार शुरू कर पाना आसान नहीं हाेगा। घर-परिवार का खर्च चलाना कठिन हो जाएगा।
-राजेश कुमार श्रीवास्तव, दुकानदार
सड़क चौड़ा होने से तो हमारी पूरी दुकान ही चली जाएगी। अगर टू लेन बन जाए तो जाम भी नहीं लगेगा और दुकानें भी बच जाएंगी। अधिकारी हमारी बातों पर ध्यान नहीं देते हैं तो मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी पीड़ा बताएंगे।
-रामरतन सिंह,
दुकानदार
25 साल पुरानी बर्तन की दुकान है। इसी से परिवार के भरण पोषण का एक मात्र साधन है। सड़क बनने से दुकान का अधिकांश हिस्सा चला जाएगा। जबसे दुकान टूटने की बात सुने हैं तनाव बढ़ गया है।
-विशाल गुप्ता,
बर्तन कारोबारी
मकान में रह रही चौथी पीढ़ी, किराया ही है आमदनी
राप्ती काॅम्प्लेक्स के बगल में युवराज सिंह का मकान है। ऊपर परिवार रहता है व नीचे लगभग 14 दुकानें किराए पर दे रखा है। चार पीढि़यों से पूरा परिवार यहीं रहता है। युवराज सिंह का कहना है कि दुकानों से जो किराया मिलता है उसी से घर का खर्च चलता है। फोरलेन बनने से सभी दुकानें ध्वस्त हो जाएंगी। इस तरह की समस्या कई लोगाें की है। जिनका अपना घर है और किराए पर दुकान दे रखा है। हमारी समस्या पर भी ध्यान देना चाहिए।
असुरन से पिपराइच फोरलेन के सर्वे का काम अभी चल रहा है। अभी तक हुए सर्वे में कोई भी मकान या दुकान ऐसा नहीं है, जो पूरी तरह से ध्वस्त होगा। कुछ हिस्सा सड़क की जद में आ रहा है। सर्वे का काम पूरा होने के बाद पता चलेगा कि कितने दुकान व मकान सड़क की जद में आ रहे हैं। सर्वे के बाद डिजाइन तैयार की जाएगी, जिसमें देखा जाएगा कि न्यूनतम ही तोड़फोड़ की गुंजाइश हो। फोरलेन को दो साल में बनाकर तैयार कर लिया जाएगा।
अरविंद कुमार, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी- निर्माण खंड-3
किसी भी प्रोजेक्ट को पास कराने में लंबा समय लगता है। जब सड़कें चौड़ी होंगी तो कुछ दुकान-मकान तो ध्वस्तीकरण की जद में आएंगे ही। लोगों को यह भी समझना चाहिए कि फोरलेन बनने के बाद कीमतें भी बढ़ जाएंगी। असुरन-पिपराइच फोरलेन में इस बात ख्याल रखा जाएगा कि ध्वस्तीकरण कम से कम हो। इसे लेकर अधिकारियों को निर्देश भी दिए गए हैं।
-कृष्णा करुणेश,
डीएम
फोरलेन के विरोध में असुरन चौराहे पर व्यापारियों का प्रदर्शन
असुरन-पिपराइच फोरलेन के विरोध में व्यापारियों ने रविवार को असुरन चौक पर प्रदर्शन कर विरोध जताया। विरोध कर रहे लोगाें को समझाबुझाकर पुलिस ने हटाया। व्यापारियों ने कहा कि सोमवार को कमिश्नर, नगर आयुक्त और मेयर से मिलकर अपनी बात रखेंगे। उन्होंने कहा कि वे इस संबंध में सीएम योगी से भी मिलेंगे।
सड़क पर नारेबाजी करते हुए व्यापारियों ने कहा कि सड़क को टू लेन कर दिया जाए तो सारी समस्या का समाधान हो जाएगा। हमारी मांगों को नहीं सुना गया तो मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी पीड़ा बताएंगे। उनका कहना था कि दुकानों व मकानों पर लाल निशान लगने के बाद अधिकारियों द्वारा 15 दिन के अंदर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने की बात कही गई है, जिसके बाद से ही सभी लोग परेशान हैं। व्यापारियों ने शनिवार को भी डीएम दफ्तर पर प्रदर्शन कर एडीएम सिटी को ज्ञापन सौंपा था।
व्यापारियों ने कहा कि फोरलेन सड़क बनाने के लिए 28.5 मीटर नाप कर दुकानों व घरों में निशान लगाया गया है। इससे बहुत सारी दुकानों का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा। अगर पादरी बाजार तक सिर्फ तीन किमी लंबाई में टू लेन बना दें तो बहुत सारे मकान व दुकान तोड़ने नहीं पड़ेंगे।