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अवैध प्लाटिंग की भरमार: गोरखपुर शहर बढ़ा तो गांव की ओर बढ़ गए भूमाफिया, ठगे जाने पर लोग दर्ज करा रहे केस

Mon, 12 Feb 2024 11:26 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 12 Feb 2024 11:26 AM IST
सार

गोरखपुर शहर के कुनराघाट के गोरखनाथ मिश्रा की पत्नी जयमति मिश्रा ने केस दर्ज कराया है कि उन्होंने 14.73 लाख रुपये में जमीन खरीदी है, लेकिन इसमें उनके साथ जालसाजी हो गई है। उन्होंने बताया कि जमीन खरीदने से पहले उन्होंने दस्तावेजों की जांच कराने में चूक कर दी, इसका खामियाजा है कि फर्जीवाड़ा करके उन्हें जमीन बेच दी गई है।

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As Gorakhpur city grew land mafia moved towards villages and towns
अहिरौली में प्लाटिंग। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरक्षनगरी में विकास तेजी से हुए तो जहां आम लोगों को काफी सुविधाएं मिलने लगीं, वहीं यह भूमाफिया के लिए भी अवसर साबित हो रहा है। शहर से सटे ग्रामीण इलाकों में तेजी हो रही अवैध प्लाटिंग इसकी गवाही दे रही है। धड़ल्ले से कालोनियां काटी जा रही हैं। जीडीए चाह कर भी कोई ठोस कार्रवाई इसलिए नहीं कर पा रहा, क्योंकि ये इलाके शहर की जद और उनके कार्यक्षेत्र से बाहर हैं। कई लोग इन भूमाफिया की ठगी के शिकार भी हो रहे हैं। ऐसे में अगर जमीन खरीदनी हो तो अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।

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गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन के किनारे, बालापार, मोहरीपुर, मेडिकल कॉलेज रोड आदि जगहों पर चारों तरफ जमीन की अवैध प्लाटिंग की भरमार है। महायोजना 2031 अभी लागू नहीं हुई है, लेकिन कहां-कितने गांव इसकी जद में हैं, इसकी जानकारी जमीन के धंधेबाजों को है। ऐसे में वे भविष्य की सुविधाओं का लालच देकर लोगों से ठगी कर रहे हैं।
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दरअसल, शहर की तरह गांवों में विकास के चलते लोगों के जीवन स्तर में भी बदलाव आया है। लोग गांव से बाहर आकर कस्बों में रहना चाहते हैं तो वहीं नौकरीपेशा वाले जिस रूट पर नौकरी करते हैं, उधर ही जमीन खरीद रहे हैं। गोरखपुर विकास प्राधिकरण का दायरा जहां पहले से है, वहां तक ही अवैध प्लाटिंग करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। इसी का फायदा धंधेबाज उठा रहे हैं।
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गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन पर नौसड़ से लेकर डंवरपार तक की सड़कों के दोनों किनारे प्लाटिंग की गई है। मेहरौली गांव के पास ताल नंदौर में भी खेतों में ईंट से घेरेबंदी करके प्लाटिंग की गई है। सेवई के रहने वाले विनय सिंह बताते हैं- तीन से चार वर्ष में यहां जमीनों की कीमत आसमान छूने लगी है। बहुत कम ही लोगों ने नियम-कानून का पालन किया है। वरना यहां तो एंग्रीमेंट करके प्लाॅट बेचे जा रहे हैं। जब मामला फंसता है तो काश्तकार और जमीन खरीदने वाले झेलते हैं। प्लाटिंग करने वाले पल्ला झाड़ लेते हैं।

गीडा के आसपास के इलाकों में भी अवैध प्लाटिंग धड़ल्ले से की जा रही है। मेडिकल कॉलेज और फर्टिलाइजर क्षेत्र में सरैया के आगे तक प्लाटिंग हो गई है। यहां 1200 से 1500 रुपये प्रति वर्ग फुट तक जमीन बिक रही है। सिक्टौर चौराहे के दोनों तरफ दो से तीन किमी तक प्लाटिंग हो गई है। लोगों ने जमीन लेकर मकान बनवाना शुरू कर दिया है, जबकि मानचित्र पास ही नहीं है। मोहरीपुर पुल और बालापार के आगे तक यही हाल है। यहां तो 2000 रुपये प्रति वर्ग फीट तक जमीन बिक रही है।

 

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गुलरिहा क्षेत्र में सड़क के किनारे हो रही प्लाटिंग। - फोटो : अमर उजाला।

सतर्कता से बच सकती है पूंजी
अधिवक्ता रवि श्रीवास्तव ने कहा कि जमीनों की खरीद के पहले रजिस्ट्री कार्यालय में निर्धारित शुल्क जमा करके कागजों का मुआयना करा लेना बेहतर होता है। खतौनी के साथ बारहसाला की जांच करानी चाहिए। शुल्क बचाने की चक्कर में लोग लाखों की रकम गंवा बैठते हैं। अगर कागजातों की पड़ताल करके जमीन खरीदेंगे तो ठगे जाने का डर नहीं रहेगा। वरना आए दिन जालसाजी के मामले सामने आ रहे हैं। दूसरे की जमीन दिखाकर रजिस्ट्री करवा दी जा रही है। जालसाजों के फेर में फंसने वालों के जीवन भर की गाढ़ी कमाई डूब जा रही है।

जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन ने कहा कि जीडीए अपनी सीमा में समय-समय पर अवैध प्लाटिंग के खिलाफ अभियान चलाता रहता है। अब तक चिह्नित 45 अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कराया जा चुका है। शहर में अवैध निर्माण व अवैध प्लाटिंग को चिह्नित करने के लिए हाल ही में हाइटेक सुविधाओं से लैस एक ड्रोन खरीदा गया है। इससे शहर में निगरानी कर अवैध निर्माण को चिह्नित कर कार्रवाई की जा रही है।

 

फर्जी आदमी खड़ा करके बेच दी जमीन
गुलरिहा थाना क्षेत्र के जैनपुर निवासी विवेक प्रजापति ने केस दर्ज कराया है कि जालसाजों ने एक फर्जी व्यक्ति की जमीन बेंच दी है। उन्होंने बताया कि जो व्यक्ति 50 साल से लापता है, उसकी जमीन बेंच दी गई। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज करके एक आरोपी को पकड़ा है। अब उसके बयान के आधार पर अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। जिसने जमीन खरीदा था, उसे भी दो लोगों को बेंच दिया है। अब मामला खुला तो सभी फर्जीवाड़े में फंस गए हैं।

14.73 लाख की जमीन खरीदी, अब दर्ज कराया केस
गोरखपुर शहर के कुनराघाट के गोरखनाथ मिश्रा की पत्नी जयमति मिश्रा ने केस दर्ज कराया है कि उन्होंने 14.73 लाख रुपये में जमीन खरीदी है, लेकिन इसमें उनके साथ जालसाजी हो गई है। उन्होंने बताया कि जमीन खरीदने से पहले उन्होंने दस्तावेजों की जांच कराने में चूक कर दी, इसका खामियाजा है कि फर्जीवाड़ा करके उन्हें जमीन बेच दी गई है। रूपये खर्च करके बावजूद भी उन्हें जमीन का मालिकाना हक नहीं मिल पाया है, जबकि अपनी क्षतिपूर्ति के लिए मुकदमे के फेर में पड़ गए।

 
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