हवा के रुख को नाप सकेंगे गोरखपुर के बच्चे, एक एकड़ में बनेगा साइंस पार्क
- वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला में साइंस पार्क के निर्माण को मिली मंजूरी, धनराशि स्वीकृत
- प्रदेश के दूसरे साइंस पार्क का निर्माण एक करोड़ 75 लाख रुपये से होगा
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वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला में अब जल्द ही बच्चों को गियर वाली ट्रेन पर बैठने का मौका मिलेगा। साथ ही वो हवा के रूख को नापने के साथ-साथ, पूरी दुनिया के समय को भी गोरखपुर से ही जान सकेंगे। ये मौका उन्हें यहां बनने वाले साइंस पार्क में मिलेगा।
सरकार ने इसके लिए एक करोड़ 75 लाख रूपये का बजट जारी किया है। लॉकडाउन के बाद काम शुरू होने की उम्मीद है। बच्चों के मनोरंजन के साथ विज्ञान के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए जहां पार्क में ट्रेन चलाई जाएगी, वहीं हवा के रुख को नापने के लिए विंड शॉप और पूरी दुनिया के समय को जानने के लिए अलग अलग टाइमजोन के मुताबिक घड़ी लगाई जाएगी।
एक एकड़ में बनेगा पार्क
प्रदेश सरकार ने बच्चों में विज्ञान के प्रति समझ को विकसित करने के नजरिए से नक्षत्रशाला में प्रस्तावित साइंस पार्क को मंजूरी दी है। अत्याधुनिक पार्क का निर्माण एक एकड़ में होगा। इसके अंतर्गत आउटडोर में 35 और इंडोर में 25 उपकरण लगाए जाएंगे। खास बात ये है कि कई उपकरण ऐसे होंगे जो प्रदेश के किसी साइंस पार्क में मौजूद ही नहीं है।
भ्रम देख चकरा जाएगा दिमाग
हमारी आंख में किसी वस्तु का प्रतिबिंब बनने में दस सेकेंड लगते हैं। इससे तेजी से देखने वाली वस्तु बदल जाए तो हम जो भी देखेंगे, उसमें भ्रम उत्पन्न होता है। इसे प्रयोग से दिखाने वाले उपकरण लगेंगे ताकि लोग इसे खुद महसूस कर सकें। वहीं गुरुत्वाकर्षण और इसके विपरीत बल के प्रयोग पर आधारित उपकरण भी लगेंगे।
इसके अलावा फ्लोटिंग बॉल, सी बैक सायरन, मॉडल ऑप्टिक्स, ध्वनि, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक, स्टेटिक इलेक्ट्रिसिटी, इलेक्ट्रानिक्स, मिरर, ऑप्टिकल इल्यूशन आदि के बारे में प्रयोग से समझाने वाले तमाम उपकरण लगेंगे। महान भारतीय वैज्ञानिकों के स्टैच्यू के अलावा भारत द्वारा अंतरिक्ष में भेजे गए राकेट आदि की भी आकृतियां स्थापित की जाएंगी।
क्षेत्रीय वैज्ञानिक अधिकारी महादेव पांडेय ने कहा कि बच्चों में वैज्ञानिक दृष्किोण विकसित करने के नजरिए से प्रदेश के दूसरे साइंस पार्क को गोरख