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पीएम-सीएम पर टिप्पणी पड़ी महंगी: एआईएमआईएम जिलाध्यक्ष की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, पढ़िए पूरा मामला
Thu, 23 Dec 2021 11:26 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 23 Dec 2021 11:26 AM IST
सार
जिला एवं सत्र न्यायाधीश तेज प्रताप तिवारी ने पीएम-सीएम पर अमर्यादित एवं अभद्र भाषा का प्रयोग करने के अपराध की गंभीरता को देखते हुए जमानत अर्जी खारिज की है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के खिलाफ यूट्यूब चैनल पर अमर्यादित एवं अभद्र भाषा का प्रयोग करने के आरोपी गोरखपुर के राजघाट थाना क्षेत्र के तुर्कमानपुर वार्ड नंबर 50 निवासी व ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुसलमीन (एआईएमआईएम) के जिलाध्यक्ष मोहम्मद इस्लाम की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज हो गई। बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश तेज प्रताप तिवारी ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए जमानत अर्जी खारिज की है।
अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता यशपाल सिंह का कहना था कि वादी सैयद शादान राजघाट थाना क्षेत्र के अलहदादपुर का निवासी है। बीते तीन दिसंबर की सुबह आठ बजे वह मोबाइल पर यूट्यूब चैनल देख रहा था। जिस पर आरोपी मोहम्मद इस्लाम व उसके 10 साथी समाज में नफरत एवं विद्वेष तथा धार्मिक दंगा फैलाने की नियत से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ अभद्र एवं अमर्यादित टिप्पणी कर रहे थे। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए अग्रिम जमानत अर्जी को खारिज कर दी है।
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अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता यशपाल सिंह का कहना था कि वादी सैयद शादान राजघाट थाना क्षेत्र के अलहदादपुर का निवासी है। बीते तीन दिसंबर की सुबह आठ बजे वह मोबाइल पर यूट्यूब चैनल देख रहा था। जिस पर आरोपी मोहम्मद इस्लाम व उसके 10 साथी समाज में नफरत एवं विद्वेष तथा धार्मिक दंगा फैलाने की नियत से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ अभद्र एवं अमर्यादित टिप्पणी कर रहे थे। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए अग्रिम जमानत अर्जी को खारिज कर दी है।
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