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VIDEO: युवक के कपड़े फाड़े...डंडे से की पिटाई, साथियों से बनवाया वीडियो- पीटते नजर आ रहा आर्थक
Wed, 25 Feb 2026 02:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 25 Feb 2026 02:18 AM IST
सार
आर्थक सिंह पर साल- 2022 में कैंट थाने में आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज किया गया था। इसके अलावा कैंट में ही मारपीट की प्राथमिकी दर्ज है। खोराबार में गैर इरादतन हत्या और मारपीट की प्राथमिकी दर्ज है। कुशीनगर के रामकोला थाना में डांसर के साथ सामूहिक दुष्कर्म, हत्या की कोशिश, आर्म्स एक्ट व 7 सीएलए एक्ट में प्राथमिकी दर्ज है।
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पिटाई करने की वायरल फोटो
- फोटो : स्त्रोत- सोशल मीडिया
विस्तार
गोरखपुर यूनिवर्सिटी के छात्र नेता उज्जवल यादव के घर हमला करने के मुख्य आरोपी आर्थक प्रताप सिंह का एक और वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वह एक युवक को कमरे में बंद कर डंडे से पीट रहा है। उसके अन्य साथी भी इसमें शामिल हैं। सभी मिलकर पिटाई के बाद युवक के कपड़े फाड़ते नजर आ रहे हैं। हालांकि वायरल वीडियो का अमर उजाला पुष्टि नहीं करता है।
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जानकारी के अनुसार, 20 फरवरी की रात करीब 11:20 बजे बेतियाहाता निवासी आर्थक प्रताप सिंह अपने साथियों महेश चौधरी, अनीश शुक्ला, सैफ अली, विपिन और सक्षम मिश्रा के साथ लग्जरी गाड़ी से आर्यनगर स्थित छात्रनेता उज्ज्वल यादव के घर पहुंचा। आरोपियों ने आते ही तेज आवाज में उज्ज्वल को बुलाना शुरू कर दिया।
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जब उज्ज्वल की मां संध्या यादव बाहर निकलीं, तो आरोपियों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी और मुंह दबाकर थप्पड़ मारे। उज्ज्वल यादव की मां संध्या यादव ने कोतवाली थाने पहुंचकर पांच नामजद समेत सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने आर्थक प्रताप सिंह, अनीश शुक्ला और विपिन को शनिवार को ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद सोमवार को सक्षम मिश्रा को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
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आर्थक सिंह
- फोटो : स्त्रोत- सोशल मीडिया
आर्थक पर दर्ज हैं पांच मामले
आर्थक सिंह पर साल- 2022 में कैंट थाने में आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज किया गया था। इसके अलावा कैंट में ही मारपीट की प्राथमिकी दर्ज है। खोराबार में गैर इरादतन हत्या और मारपीट की प्राथमिकी दर्ज है। कुशीनगर के रामकोला थाना में डांसर के साथ सामूहिक दुष्कर्म, हत्या की कोशिश, आर्म्स एक्ट व 7 सीएलए एक्ट में प्राथमिकी दर्ज है।
आर्थक के साथी अनीश शुक्ला पर हत्या की कोशिश, मारपीट और एससी-एसटी एक्ट समेत चार प्राथमिकी दर्ज है। विपिन कुमार उर्फ आलोक कुमार सिंह पर देवरिया और गोरखपुर के थानों में कुल 5 प्राथमिकी दर्ज है।
आर्थक सिंह पर साल- 2022 में कैंट थाने में आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज किया गया था। इसके अलावा कैंट में ही मारपीट की प्राथमिकी दर्ज है। खोराबार में गैर इरादतन हत्या और मारपीट की प्राथमिकी दर्ज है। कुशीनगर के रामकोला थाना में डांसर के साथ सामूहिक दुष्कर्म, हत्या की कोशिश, आर्म्स एक्ट व 7 सीएलए एक्ट में प्राथमिकी दर्ज है।
आर्थक के साथी अनीश शुक्ला पर हत्या की कोशिश, मारपीट और एससी-एसटी एक्ट समेत चार प्राथमिकी दर्ज है। विपिन कुमार उर्फ आलोक कुमार सिंह पर देवरिया और गोरखपुर के थानों में कुल 5 प्राथमिकी दर्ज है।
आर्थक के आर्म्स एक्ट मामले में फिर से होगी जांच
फायरिंग मामले में आरोपी आर्थक प्रताप सिंह के खिलाफ कैंट थाने में दर्ज आर्म्स एक्ट का केस अब दोबारा खुलेगा। इसके लिए पुलिस ने कोर्ट में अर्जी दी है। अनुमति मिलने के बाद इसकी नए सिरे से जांच होगी। मामले में एफआर (अंतिम रिपोर्ट) लगाने वाले दरोगा भी अब जांच के घेरे में हैं।
फायरिंग मामले में आरोपी आर्थक प्रताप सिंह के खिलाफ कैंट थाने में दर्ज आर्म्स एक्ट का केस अब दोबारा खुलेगा। इसके लिए पुलिस ने कोर्ट में अर्जी दी है। अनुमति मिलने के बाद इसकी नए सिरे से जांच होगी। मामले में एफआर (अंतिम रिपोर्ट) लगाने वाले दरोगा भी अब जांच के घेरे में हैं।
गोरखपुर फायरिंग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एसपी सिटी अभिनव त्यागी की जांच रिपोर्ट में सामने आया था कि दरोगा ने विवेचना में लापरवाही बरती है। एसपी सिटी ने केस की फिर से विवेचना करने और दरोगा को आरोपी बताते हुए एसएसपी को रिपोर्ट भेजी थी।
दरअसल, कुशीनगर में डांसरों के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले के आर्थक सिंह का नाम सामने आया था। इसके बाद पुलिस ने शिकंजा कसने के लिए उसकी पुरानी फाइलों की जांच नए सिरे से शुरू कर दी। कैंट थाने में दर्ज आर्म्स एक्ट के एक केस में एफआर लग गई थी।
दरअसल, कुशीनगर में डांसरों के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले के आर्थक सिंह का नाम सामने आया था। इसके बाद पुलिस ने शिकंजा कसने के लिए उसकी पुरानी फाइलों की जांच नए सिरे से शुरू कर दी। कैंट थाने में दर्ज आर्म्स एक्ट के एक केस में एफआर लग गई थी।
सीसीटीवी में कैद पूरी घटना
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तत्कालीन एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने इसकी फाइल दोबारा खुलवा दी थी। जब पुलिस ने उसका पुराना रिकार्ड खंगाला तो गोरखपुर में दर्ज आर्म्स एक्ट का केस और उस पर एफआर की जानकारी सामने आई। उन्होंने एसपी सिटी अभिनव त्यागी को जांच सौंपी थी।
एसपी सिटी की जांच में यह सामने आया कि एफआर गलत तरीके से लगाई गई। तलाशी में कारतूस मिलने की पुष्टि के बावजूद, चालान की फर्द से उसे गायब कर दिया गया। विवेचक की इस भूमिका को लेकर सवाल खड़े हुए थे।
एसपी सिटी की जांच में यह सामने आया कि एफआर गलत तरीके से लगाई गई। तलाशी में कारतूस मिलने की पुष्टि के बावजूद, चालान की फर्द से उसे गायब कर दिया गया। विवेचक की इस भूमिका को लेकर सवाल खड़े हुए थे।