फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Another patient's eye was removed, another lost his sight

Gorakhpur News: एक और मरीज की निकाली गई आंख, दूसरे की गई रोशनी

Wed, 18 Feb 2026 02:53 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 18 Feb 2026 02:53 AM IST
विज्ञापन
Another patient's eye was removed, another lost his sight
सिकरीगंज के न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद संक्रमण का मामला
विज्ञापन

गोला के सहवान अली की निकाली गई आंख, परदेशी की गई रोशनी

कुईं बाजार/जानीपुर (गोरखपुर)। सिकरीगंज के न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद फैले संक्रमण की वजह से मंगलवार को एक और मरीज की आंख निकालनी पड़ी। साथ ही एक अन्य मरीज की रोशनी चली गई। अब तक कुल नौ मरीजों की आंखें निकाली जा चुकी हैं, वहीं नौ की रोशनी चली गई है। मामले की जांच कर रही स्वास्थ्य विभाग की कल्चर रिपोर्ट में बैक्टीरिया की पुष्टि हुई है जबकि मजिस्ट्रियल जांच की रिपोर्ट बुधवार को मिलने की उम्मीद है।
बीते एक फरवरी को न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल में 30 मरीजों के मोतियाबिंद का ऑपरेशन हुआ था। इसके बाद 18 मरीजों की आंख में गंभीर संक्रमण फैल गया। जानकारी के अनुसार, बेलघाट क्षेत्र के कौलहां गांव निवासी परदेशी को ऑपरेशन के बाद दूसरे दिन आंख में दर्द और मवाद आने के साथ उल्टी शुरू हो गई। हॉस्पिटल में संपर्क करने के बाद गोरखपुर रेफर कर दिया गया। वहां से उन्हें एम्स, दिल्ली भेज दिया गया।
विज्ञापन

मंगलवार को डॉक्टरों ने बताया कि इनके आंख की रोशनी चली गई है। इनकी आंख निकाली जाएगी या नहीं, इसका निर्णय रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर लेंगे। उधर, गोला निवासी सहवान अली की आंख भी एम्स दिल्ली में निकाल दी गई है। परिजनों ने बताया कि ऑपरेशन के बाद अगले दिन आंख से खून आने लगा। इसके बाद अस्पताल के लोगों ने दिल्ली एम्स भेजा। वहां पर एक आंख निकाल दी गई है। अब 23 फरवरी को दोबारा जांच के लिए जाना है। इस समय हॉस्पिटल की ओटी सील है। यह हॉस्पिटल नेत्र विभाग को छोड़कर अन्य रोगों से संबंधित मरीजों का इलाज हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन



यह है मामला
एक फरवरी को आयुष्मान योजना के तहत न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल में 30 मरीजों के आंख की मोतियाबिंद का ऑपरेशन हुआ था। अगले दिन मरीजों की आंख में संक्रमण शुरू हो गया, जिससे 18 मरीज इसकी चपेट में आ गए। मरीजों के परिजनों ने हॉस्पिटल में संपर्क किया जहां से सबको गोरखपुर रेफर कर दिया गया। मरीजों की गंभीर स्थिति को देखते हुए वहां के डॉक्टरों ने केस लेने से मना कर दिया। उसके बाद मरीजों को वाराणसी, लखनऊ और एम्स दिल्ली ले जाया गया।



शंकरावती की दूसरी आंख में भी संक्रमण
उरुवा बाजार। मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने के तीन दिन बाद सिर में भयंकर दर्द और दोनों आंखों से खून आने की शिकायत लेकर रहदौली निवासी शंकरावती दोबारा अस्पताल पहुंचीं। हालत बिगड़ने पर उन्हें वाराणसी के अस्पताल रेफर किया गया। वहां संक्रमण बढ़ जाने के कारण ऑपरेशन वाली एक आंख निकालनी पड़ी। दूसरी आंख में भी संक्रमण के चलते उनकी परेशानी अभी बनी हुई है। उस आंख से धुंधला दिखाई पड़ रहा है और सिर में लगातार दर्द बना हुआ है, जिससे उन्हें काफी दिक्कत हो रही है। शंकरावती को इस बात का डर सता रहा है कि कहीं उनकी बची हुई आंख भी प्रभावित न हो जाए। उनके बेटे का कहना है कि यदि उनकी मां की दूसरी आंख की रोशनी भी चली गई तो वे हर हाल में कानूनी कार्रवाई करेंगे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed