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अंकिता यादव हत्याकांड: 2020 से पीछे लगा था आरोपी प्रिंस... बना रहा था दबाव; पिता बार-बार कह रहे थे एक ही बात

Sat, 21 Sep 2024 09:58 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर Published by: आकाश दुबे Updated Sat, 21 Sep 2024 09:58 AM IST
सार

अंकिता के पिता शिवशंकर ने बताया कि दो बेटे और दो बेटियों के होने के बाद उनका परिवार पूरा हो गया था। अब उन्हें बस इतनी फिक्र थी कि बच्चे अच्छी पढ़ाई कर लें और इनकी अच्छे घरों में शादी हो जाए।

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Ankita was trampled to death by a car just 50 meters from her house
अंकिता हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गोरखपुर के गीडा के बरहुआ गांव में अंकिता यादव (20) की मौत के बाद शुक्रवार को सन्नाटा पसरा था। दोपहर करीब दो बजे उसके घर पर पिता शिवशंकर को चाचा जयप्रकाश और मामा ओमप्रकाश ढांढस बंधा रहे थे। शिवशंकर एक ही बात बार-बार कह रहे थे-घर से महज 50 मीटर पर बेटी को कार से रौंद दिया गया, उसे बचा नहीं पाया, इस बात का मलाल जिंदगीभर रहेगा। यह कहते-कहते वह रोए जा रहे थे। मामले में सामने आया है कि हत्याकांड का आरोपी प्रिंस 2020 से ही अंकिता के पीछे लगा था। वह मोबाइल फोन से बातचीत भी करता था। मई में अंकिता की शादी तय हो गई, इसके बाद वह प्रिंस से बातचीत बंद कर दी थी।

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मामा ओमप्रकाश यादव ने बताया कि बरहुआ में शिवशंकर यादव के घर पर नवंबर में अंकिता के तिलक का कार्यक्रम था। परिवार के लोग घर की साफ-सफाई में जुटे थे। रिश्तेदार, दोस्तों और पड़ोसियों की सूची बनकर तैयार थी। मां-बाप ने खरीदारी भी शुरू कर दी थी। कई रिश्तेदारों ने तो एक माह पहले ही आने की तैयारी कर ली थी। अचानक इस घर की खुशियों पर न जाने किसकी नजर लगी और पूरा माहौल मातम में बदल गया।

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पिता शिवशंकर ने बताया कि दो बेटे और दो बेटियों के होने के बाद उनका परिवार पूरा हो गया था। अब उन्हें बस इतनी फिक्र थी कि बच्चे अच्छी पढ़ाई कर लें और इनकी अच्छे घरों में शादी हो जाए। वे अपने पैर पर खड़े हो जाएं। ऊपर वाले की दुआ से सबकुछ अच्छा चल रहा था, लेकिन बेटी की मौत ने उन्हें तोड़ दिया है। जिस बेटी को गोद में लेकर घुमाया करता था, उसकी अर्थी को कंधा देना पड़ेगा, ये कभी नहीं सोचा था। अपने हाथों से उसका अंतिम संस्कार करके आया हूं। उन्हें पुलिस और न्याय प्रणाली पर पूरा विश्वास है, आरोपी को उसके किए की सजा जरूर मिलेगी।

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बरहुआं के ग्रामीणों ने बताया कि शिवशंकर का परिवार बहुत ही व्यवहार कुशल है। परिवार के बच्चे भी सबसे अच्छे से मिलते हैं। इधर कुछ दिन से शिवशंकर शादी को लेकर भागदौड़ कर रहे थे। गांव के सामने जब दुर्घटना हुई तो हम समझ ही नहीं पाए, एक कार अचानक अंकिता को ही क्यों निशाना बनाई। जब प्रिंस के बारे में जानकारी हुई तो बहुत दुख हुआ कि वह इतनी घिनौनी हरकत करेगा। गांव में ही प्रिंस के मामा का घर है, वहां भी सन्नाटा पसरा है।

नर्स बनना चाहती थी अंकिता
अंकिता के बड़े भाई रवि यादव ने बताया-बहन नर्स बनना चाहती थी। उसे बहुत शौक था कि वह एक दिन मरीजों की सेवा करे। इसलिए वह पढ़ाई कर रही थी। घर में छोटा भाई नौंवी कक्षा में पढ़ता है, जबकि दूसरी बहन भी नर्सिंग की पढ़ाई कर रही है। मैंने बीए की पढ़ाई पूरी कर ली है। अभी हाल ही में पुलिस भर्ती परीक्षा भी दी है। रवि ने बताया कि कभी अंकिता ने अपनी परेशानी उनसे नहीं बताई, वह कोई भी बात केवल मां से बताती थी। उसकी मौत के बाद मां का रो-रोकर बुरा हाल है।

यह थी घटना
गीडा के बरहुआ निवासी शिवशंकर यादव की बेटी अंकिता यादव (20) शहर के गंगोत्री कॉलेज में स्नातक अंतिम वर्ष की छात्रा थी। नवंबर में उसके तिलक का आयोजन होना था। वर्ष 2025 के नंवबर माह में उसकी शादी होनी थी। कुशीनगर के सुकरौली क्षेत्र के गणेशपुर निवासी प्रिंस यादव वर्ष 2020 से ही उसके पीछे पड़ा था। अंकिता की शादी तय होने के बाद नाराज प्रिंस ने बुधवार को कॉलेज जाने के दौरान कार से रौंदकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया।

हाथ-पैर तोड़ना चाहता था प्रिंस
अंकिता यादव की कार से रौंदकर हत्या करने के आरोपी कुशीनगर के सुकरौली क्षेत्र के गणेशपुर निवासी प्रिंस यादव को पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में उसने बताया था कि वह कार से टक्कर मारकर अंकिता के हाथ-पैर तोड़ना चाहता था, ताकि उसकी शादी न हो सके। कार बेकाबू होने की वजह से उसकी जान चली गई। पुलिस ने प्रिंस को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।

2020 से पीछे लगा था आरोपी
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि आरोपी प्रिंस यादव पुत्र विरेंद्र वर्ष 2020 से ही अंकिता के पीछे लगा था। वह मोबाइल फोन से बातचीत भी करता था। मई में अंकिता की शादी तय हो गई, इसके बाद वह प्रिंस से बातचीत बंद कर दी थी। फिर भी आरोपी उसके पीछे पड़ा था और शादी का दबाव बना रहा था। अंकिता की मां ने दोनों की शादी का प्रयास भी किया, लेकिन प्रिंस की खराब आदतों की वजह से वे पीछे हट गईं।

वारदात में इस्तेमाल की गई कार किराए की थी
अंकिता गंगोत्री देवी पीजी कॉलेज में स्नातक तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रही थी। वहीं प्रिंस यादव हाटा के एक कॉलेज से बीए तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा है। वह किसी भी हाल में अंकिता की शादी नहीं होने देना चाहता था। उसने दस दिन पहले कुशीनगर के राजीव प्रजापति से पांच सौ रुपये प्रतिदिन के किराए पर कार ली थी।

मंगलवार को प्रिंस अयोध्या से कार चलाते हुए सुबह नौ बजे बरहुआ गांव में आया। गांव में कार इधर-उधर घुमाई। इसी बीच उसे कॉलेज जा रही अंकिता दिखी। इसके बाद वह कार लेकर सहजनवां की तरफ निकल गया था। सुबह करीब 10:45 बजे अंकिता सड़क किनारे बंधे के पास खड़ी होकर ऑटो का इंतजार कर रही थी। तभी सहजनवां की तरफ से तेज रफ्तार कार चलाते हुए प्रिंस आया और अंकिता को टक्कर मार दी। इससे उसकी मौत हो गई।

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