{"_id":"6674b50d0437001d0b0ce274","slug":"ananya-and-khushi-are-making-a-special-mark-in-the-world-of-music-gorakhpur-news-c-7-hsr1010-595954-2024-06-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: संगीत की दुनिया में खास पहचान बना रहीं अनन्या और खुशी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: संगीत की दुनिया में खास पहचान बना रहीं अनन्या और खुशी
विज्ञापन
संगीत के सुर जीवन में रंग भरने के साथ ही यह नाम और प्रसिद्धि पाने का जरिया बन गया है। संगीत किसी भी स्थिति में बेहतर महसूस कराने के साथ खुशी और दुख को व्यक्त करने का माध्यम बन गया है। शहर में विभिन्न संगीत संस्थानों में बच्चे संगीत के सुर सिखकर शहर का नाम रोशन कर रहे है।
विश्व संगीत दिवस संगीत की महत्वपूर्ण भूमिका और उसकी महत्ता को जागरूक करने के लिए हर साल 21 जून को मनाया जाता है। संगीत की भावना और संस्कृति में उसका महत्व उत्साहित करने के लिए यह दिवस हर साल मनाया जा रहा है।
बिछिया की रहने वाली अनन्या सिंह बचपन को बचपन से संगीत पंसद रहा है। पिता धनंजय सिंह आज बेटी की तरक्की देखकर खुश है, लेकिन कभी वह अनन्या को पढ़ाई से जोड़ने के बहुत कोशिश किया करते थे। मां सुनीता सिंह प्राइवेट कॉलेज में शिक्षिका होने के कारण बेटी को पढ़ाई से जोड़ना चाहती थी। लेकिन घर में अनन्या को जब भी मौका मिलता वह गाने की लाईन दोहराया करती थी। स्कूल और अन्य स्थानों पर लोगों द़वारा उसके गाने पर लोगों द़वारा अनन्या की तारीफ मिलने पर वह अनन्या को संगीत सिखने की बात पर राजी हो गई। अनन्या को दादा का पुरा सपोर्ट रहा। सुरों का ककहरा सीखने के बाद अनन्या गाने के विभिन्न अवसरों में जुड़ गई। अनन्या भोजपुरी गाने में पूरे देश में छायी हुई है। हाल में अनन्या का गाया हुआ गाना सोशल मीडिया पर काफी ट्रेडिंग रहा।
विज्ञापन
राजनगर कॉलोनी की 19 वर्षीय खुशी मिश्रा विश्वविद्यालय में पढ़ने के साथ संगीत की दुनिया में खुद को आजमा रही है। पिता रविंद्र मिश्रा और मां नंदनी देवी से जब खुशी ने संगीत से जुड़ने की बात कही तो बेटी की इच्छा रखने के लिए ये खुशी को संगीत में सर संभव सहायता करने लगे। खुशी माता के मंदिरों में जगराते के साथ गोरखपुर महोत्सव में गीत गा चुकी है। लोकगीतों में खुशी की खास रूचि है। खुशी सोशल मीडिया पर लोकगीतों के साथ माता के गीत डालती रहती है। इसे लोगों द्वारा खूब पसंद किया जा रहा है।
विज्ञापन
विश्व संगीत दिवस संगीत की महत्वपूर्ण भूमिका और उसकी महत्ता को जागरूक करने के लिए हर साल 21 जून को मनाया जाता है। संगीत की भावना और संस्कृति में उसका महत्व उत्साहित करने के लिए यह दिवस हर साल मनाया जा रहा है।
विज्ञापन
बिछिया की रहने वाली अनन्या सिंह बचपन को बचपन से संगीत पंसद रहा है। पिता धनंजय सिंह आज बेटी की तरक्की देखकर खुश है, लेकिन कभी वह अनन्या को पढ़ाई से जोड़ने के बहुत कोशिश किया करते थे। मां सुनीता सिंह प्राइवेट कॉलेज में शिक्षिका होने के कारण बेटी को पढ़ाई से जोड़ना चाहती थी। लेकिन घर में अनन्या को जब भी मौका मिलता वह गाने की लाईन दोहराया करती थी। स्कूल और अन्य स्थानों पर लोगों द़वारा उसके गाने पर लोगों द़वारा अनन्या की तारीफ मिलने पर वह अनन्या को संगीत सिखने की बात पर राजी हो गई। अनन्या को दादा का पुरा सपोर्ट रहा। सुरों का ककहरा सीखने के बाद अनन्या गाने के विभिन्न अवसरों में जुड़ गई। अनन्या भोजपुरी गाने में पूरे देश में छायी हुई है। हाल में अनन्या का गाया हुआ गाना सोशल मीडिया पर काफी ट्रेडिंग रहा।
विज्ञापन
राजनगर कॉलोनी की 19 वर्षीय खुशी मिश्रा विश्वविद्यालय में पढ़ने के साथ संगीत की दुनिया में खुद को आजमा रही है। पिता रविंद्र मिश्रा और मां नंदनी देवी से जब खुशी ने संगीत से जुड़ने की बात कही तो बेटी की इच्छा रखने के लिए ये खुशी को संगीत में सर संभव सहायता करने लगे। खुशी माता के मंदिरों में जगराते के साथ गोरखपुर महोत्सव में गीत गा चुकी है। लोकगीतों में खुशी की खास रूचि है। खुशी सोशल मीडिया पर लोकगीतों के साथ माता के गीत डालती रहती है। इसे लोगों द्वारा खूब पसंद किया जा रहा है।