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Gorakhpur News: अमेरिकी बंदी के दोस्त ने जमा किया जुर्माना, 12 को छूटेगा
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नेपाल बॉर्डर पर पकड़ा गया था स्काट बायड क्नोक्स
कोर्ट ने सजा के साथ ही लगाया था 90 हजार रुपये जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। जिला कारागार में सजा काट रहे अमेरिकी बंदी के लिए अच्छी खबर है। उसके दोस्त ने कोर्ट में जुर्माने की रकम 90 हजार रुपये जमा कर दी है। इसके अभाव में उसे छह माह अतिरिक्त सजा काटनी पड़ती। अब 12 जून को वह जेल से रिहा हो जाएगा। इसके लिए जेल प्रशासन ने कागजी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं।
जेलर अरुण कुमार ने बताया कि जेल में बंद अमेरिकी बंदी स्काट बायड क्नोक्स (60) की 12 जून को सजा पूरी हो रही है। इससे अवगत कराने के लिए महराजगंज जेल प्रशासन को पत्र लिखा गया है। 12 जून को महराजगंज से एलआईयू की टीम गोरखपुर आएगी। वह सारी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अमेरिकी बंदी को रिहा कराकर दिल्ली स्थित डिटेंशन सेंटर लेकर जाएंगे। जिला कारागार की हाई सिक्योरिटी बैरक में उसे रखा गया है।
जेलर ने बताया कि महराजगंज जेल में स्काट बायड ने कमर में दर्द होने की शिकायत की थी। इलाज के लिए उसे बीआरडी मेडिकल काॅलेज रेफर कर दिया गया था। बेहतर उपचार के लिए हाई कोर्ट के आदेश पर पांच फरवरी, 2023 को स्काट बायड को महराजगंज से गोरखपुर जेल में शिफ्ट कर दिया गया था।
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बॉर्डर पर 15 जून को पकड़ा गया था स्काट
अमेरिकी नागरिक स्काट बायड 26 जून, 2015 को भारत आया था। वर्ष 2016 में वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी देश नहीं छोड़ा। तीन जून, 2022 को बिहार की रक्सौल सीमा से स्काट बायड ने नेपाल जाने का प्रयास किया, लेकिन लौटा दिया गया था। 15 जून, 2022 की शाम वह सोनौली सीमा पर पहुंचा। अधिकारियों को पासपोर्ट दिखाया, जिस पर छह जून, 2022 को मुंबई पहुंचने की मुहर लगी थी। संदेह होने पर इमिग्रेशन के अधिकारियों ने छानबीन की तो स्काट बायड की जालसाजी का भंडाफोड़ हो गया। इमिग्रेशन अधिकारी की तहरीर पर केस दर्ज कर महराजगंज जिले के सोनौली थाने की पुलिस ने जेल भेजवा दिया था।
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जेल में बंद हैं दो विदेशी
जिला कारागार में दो विदेशी बंदी हैं। स्काट बायड के अलावा पाकिस्तानी बंदी भी है, जिसे हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है।
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कोर्ट ने सजा के साथ ही लगाया था 90 हजार रुपये जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। जिला कारागार में सजा काट रहे अमेरिकी बंदी के लिए अच्छी खबर है। उसके दोस्त ने कोर्ट में जुर्माने की रकम 90 हजार रुपये जमा कर दी है। इसके अभाव में उसे छह माह अतिरिक्त सजा काटनी पड़ती। अब 12 जून को वह जेल से रिहा हो जाएगा। इसके लिए जेल प्रशासन ने कागजी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं।
जेलर अरुण कुमार ने बताया कि जेल में बंद अमेरिकी बंदी स्काट बायड क्नोक्स (60) की 12 जून को सजा पूरी हो रही है। इससे अवगत कराने के लिए महराजगंज जेल प्रशासन को पत्र लिखा गया है। 12 जून को महराजगंज से एलआईयू की टीम गोरखपुर आएगी। वह सारी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अमेरिकी बंदी को रिहा कराकर दिल्ली स्थित डिटेंशन सेंटर लेकर जाएंगे। जिला कारागार की हाई सिक्योरिटी बैरक में उसे रखा गया है।
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जेलर ने बताया कि महराजगंज जेल में स्काट बायड ने कमर में दर्द होने की शिकायत की थी। इलाज के लिए उसे बीआरडी मेडिकल काॅलेज रेफर कर दिया गया था। बेहतर उपचार के लिए हाई कोर्ट के आदेश पर पांच फरवरी, 2023 को स्काट बायड को महराजगंज से गोरखपुर जेल में शिफ्ट कर दिया गया था।
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बॉर्डर पर 15 जून को पकड़ा गया था स्काट
अमेरिकी नागरिक स्काट बायड 26 जून, 2015 को भारत आया था। वर्ष 2016 में वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी देश नहीं छोड़ा। तीन जून, 2022 को बिहार की रक्सौल सीमा से स्काट बायड ने नेपाल जाने का प्रयास किया, लेकिन लौटा दिया गया था। 15 जून, 2022 की शाम वह सोनौली सीमा पर पहुंचा। अधिकारियों को पासपोर्ट दिखाया, जिस पर छह जून, 2022 को मुंबई पहुंचने की मुहर लगी थी। संदेह होने पर इमिग्रेशन के अधिकारियों ने छानबीन की तो स्काट बायड की जालसाजी का भंडाफोड़ हो गया। इमिग्रेशन अधिकारी की तहरीर पर केस दर्ज कर महराजगंज जिले के सोनौली थाने की पुलिस ने जेल भेजवा दिया था।
जेल में बंद हैं दो विदेशी
जिला कारागार में दो विदेशी बंदी हैं। स्काट बायड के अलावा पाकिस्तानी बंदी भी है, जिसे हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है।