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गोरखपुर: एंबुलेंस चालकों की हड़ताल, 350 से अधिक मरीज हुए परेशान

Tue, 27 Jul 2021 10:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Tue, 27 Jul 2021 10:51 AM IST
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Ambulance drivers on strike 350 patients upset
एंबुलेंस। - फोटो : अमर उजाला

गोरखपुर जिले के सरकारी अस्पतालों में संचालित 102 और 108 एंबुलेंस के 106 चालक सोमवार को काम बंद करके हड़ताल पर चले गए। इस कारण 350 से अधिक मरीजों को सरकारी एंबुलेंस की सहायता नहीं मिल सकी। मजबूरन मरीजों को निजी एंबुलेंस और निजी साधनों से जिला अस्पताल और बीआरडी मेडिकल कॉलेज जाना पड़ा। अधिक दिक्कत प्रसव वाली मरीजों को हुई।

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मरीजों को परिजन मोटरसाइकिल, ऑटो, रिक्शा और निजी एंबुलेंस से मरीज को लेकर अस्पताल पहुंचे। चरगांवा सीएचसी से आए रामकिशुन ने बताया कि वह पत्नी इंदुमति को जिला अस्पताल पहुंचाने के लिए 102 एंबुलेंस को कॉल किए, लेकिन फोन पर कोई रिस्पांस नहीं मिला। मजबूरन निजी एंबुलेंस लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यही हाल गोला की रहने वाली शालिनी का रहा। 102 एंबुलेंस को परिजन फोन करते रहे, लेकिन फोन नहीं उठा। अंत में परिजन ऑटो से लेकर जिला अस्पताल पहुंचे।
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बीआरडी में मरीज निजी एंबुलेंस से पहुंचे
सरकारी एंबुलेंस चालकों की हड़ताल के कारण मरीजों को अधिक परेशानी हुई है। दूर-दराज से मरीजों व घायलों को लेकर लोग प्राइवेट वाहन और निजी एंबुलेंसों से लेकर ट्रामा सेंटर पहुंचे। कुछ मरीजों को परिजन ऑटो से इलाज के लिए लेकर आए। सिद्धार्थनगर के रहने वाले प्रदीप गुप्ता को एंबुलेंस नहीं मिली तो वह निजी एंबुलेंस बुक करके इलाज के लिए बीआरडी के ट्रामा सेंटर पहुंचे। यही हाल देवरिया के रहने वाले राकेश कुमार का रहा। मोटरसाइकिल की भिड़ंत में वह चौरी-चौरा के पास घायल हो गए थे। कई बार 108 को फोन किया, लेकिन रिसीव न होने के कारण वह टैंपो से बीआरडी पहुंचे। उन्हें हड्डी रोग विभाग में भर्ती कराया गया है।
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350 से अधिक रोजाना आती है कॉल

108 और 102 एंबुलेंस प्रतिदिन 350 से अधिक मरीजों को बीआरडी मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल इलाज के लिए पहुंचाते हैं। प्रतिदिन इन एंबुलेंसों के लिए 350 से अधिक मरीजों की कॉल आती है। सोमवार को 350 से अधिक लोगों ने कॉल की थी। इनमें केवल आठ से 10 गंभीर श्रेणी के मरीजों को ही 108 एंबुलेंस चालकों ने पहुंचाया। अन्य के कॉल रिसीव नहीं हो सके।

अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे एंबुलेंस चालकों ने किया प्रदर्शन
पांच सूत्री मांगों के संबंध में एंबुलेंस कर्मियों ने सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। देर रात तक मांग पूरी न होने पर एंबुलेंस कर्मी मुरारी इंटर कॉलेज परिसर में डटे हैं। जिले के 106 एंबुलेंस चालक व ईएमटी नारेबाजी करते रहे। हड़ताल के बाद से स्वास्थ्य महकमे में हलचल है। सोमवार को पूरे दिन स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल रहीं। मरीजों को एंबुलेंस सुविधा न मिलने पर निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा है।

एंबुलेंस चालक जिलाध्यक्ष संजय यादव ने कहा कि एलएस पर कार्यरत सभी चालकों को कंपनी बदलने पर बहाल रखा जाए। कंपनी बदलने पर वेतन में किसी तरह की कटौती न की जाए। नेशनल हेल्थ मिशन के अधीन कर एंबुलेंस संचालन भी स्वास्थ्य विभाग करे। जिससे कंपनी बदलने पर नौकरी सुरक्षित रहे। प्रदर्शन करने वालों में राजकुमार, शैलेश कुमार, उमेश यादव, राजाराम, आर मुहम्मद, सदर यादव, पवन सिंह, इंद्रजीत, विकास तिवारी, शिवम त्रिपाठी, सनोज कुमार, महादेव तिवारी, प्रदीप यादव, शुभम कुमार, उमाकांत, मार्कण्डेय, दिलीप विश्वकर्मा, योगेंद्र कुमार, ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह आदि शामिल रहे।

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